फ़िरदौस ख़ान
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी का दौरा किया और तीन राजमार्ग का शिलान्यास किया. इसके साथ ही उन्होंने बहादुरपुर में एक विशाल जनसभा को भी संबोधित किया. इस मौक़े पर उन्होंने कहा कि आज जितनी सड़कें अमेठी में बनी हैं, उतनी देश के किसी भी संसदीय क्षेत्र में नहीं. आज भारत विकास की जिस यात्रा को तय कर रहा है, उसमें सड़कों का बहुत बड़ा योगदान है. इसके बिना विकास की कल्पना ही नहीं की जा सकती. उन्होंने बताया कि बचपन में जब मैं अपने पिताजी के साथ यहां आया करता था, तब यहां एक-दो पक्की सड़कें हुआ करती थीं, बाक़ी कच्ची सड़कें थीं. मगर आज शायद ही कोई कच्ची सड़क बची होगी. जो शुरुआत राजीव जी ने की थी, उसे हम आगे ब31 रायबरेली से प्रतापगढ़ लाए थे. आज यहां एनएच 330ए रायबरेली -जगदीशपुर-कुमारगंज-फ़ैज़ाबाद मार्ग, एनएच 931 जगदीशपुर -मुसाफ़िरख़ाना-अमेठी-गौरीगंज-प्रतापगढ़ और एनएच 931ए. जगदीशपुर-दखिनवारा-जायस-सलोन, हम अमेठी ला रहे हैं. सड़कों के आने का सबसे बड़ा फ़ायदा होता है विकास और हमारा फोकस सड़कों पर ही है. उन्होंने बताया कि जितनी सड़कें अमेठी में बनी उतनी देश के किसी भी भाग में नहीं बनीं. 420 करोड़ रूपये की लागत से हमने यहां 520 किलो मीटर सड़कें अमेठी में बनवाई हैं. अमेठी में होने वाली फूलों की खेती का ज़िक्र करते हए उन्होंने बताया कि जो फूल यहां 5 रुपये में बिकता है, दिल्ली में उसी की क़ीमत 10 रुपये है. हम चाहते हैं कि उसको विदेश भेजा जाए. जब अमेरिका या इंग्लैंड में काम कर रहे अमेठी के किसी व्यक्ति को ये बताया जाएगा कि ये फूल अमेठी से आए हैं, तो उसे बड़ी ख़ुशी होगी. लेकिन यह तभी मुमकिन होगा, जब उसे बाहर भेजने की पर्याप्त सुविधा होगी, इसलिए हम यहां 40 फ़ूड प्रोसेसिंग युनिट भी लगवाने वाले हैं, जिसके लिए बात चल रही है. सबसे पहले यह फ़ूड प्रोसेसिंग युनिट किसानों के पास आएगा. यहां से प्रोसेस्ड माल लखनऊ और दिल्ली के रास्ते विदेशों तक जाएगा, ताकि किसानों का आर्थिक फ़ायदा हो. ये हमारा अमेठी के लिए सपना है. अगले 10-15 सालों में अमेरिका, इंग्लैंड आदि देशों में लोग अमेठी को जानने लगेगा. इसके लिए हमारा अमेठी को रेल, सड़क एवं टेलीफोन के साथ ही सभी आधुनिक सुविधा से परिपूर्ण करने की योजना है. उन्होंने बताया कि अच्छा काम तभी मुमकिन हो पाता है जब सपने बड़े होते हैं.

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Like On Facebook

Blog

  • हमारा लिखना सार्थक हुआ... - कई साल पहले की बात है. गर्मियों का मौसम था. सूरज आग बरसा रहा था. दोपहर के वक़्त कुछ पत्रकार साथी बैठे बातें कर रहे थे. बात झुलसती गरमी से शुरू हुई और सियास...
  • या ख़ुदा तूने अता फिर कर दिया रमज़ान है... - *फ़िरदौस ख़ान* *मरहबा सद मरहबा आमदे-रमज़ान है* *खिल उठे मुरझाए दिल, ताज़ा हुआ ईमान है* *हम गुनाहगारों पे ये कितना बड़ा अहसान है* *या ख़ुदा तूने अता फिर कर ...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं