फ़िरदौस ख़ान
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज जम्मू-कश्मीर का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले साल मैं जम्मू कश्मीर आया और कश्मीर यूनिवर्सिटी में मेरा प्रोगाम था. युवाओं ने मुझसे कहा कि जो आप अमेठी में करते हैं, वह आप यहां क्यों नहीं करते हो? अमेठी में सबसे कामयाब प्रोग्राम महिलाओं का स्वयं सहायता समूह है. मैने उन स्टूडेंट से कहा कि आप ऐसे कीजिए कि आप एक ग्रुप बनाइए और अमेठी आकर देख लीजिए कि हम महिलाओं के लिए हम क्या कर रहे हैं, महिलाओं के आत्मविश्वास के लिए हम क्या कर रहे हैं और फिर अगर आपकों अच्छा लगा, तो आप हमें बताइए हम कोशिश करते हैं कि ऐसे ही एक प्रोग्राम हम जम्मू-कश्मीर के महिलाओं के लिए शुरू करने की कोशिश करेंगे, तो वो आए और उन्होंने अमेठी में दो-तीन दिन काटे और फिर बाद मे हमारे पास आए और कहा इससे बेहतर प्रोग्राम कोई नहीं है. तो मैंने उनसे पूछा- क्या अच्छा लगा आपको? तो उन्होंने कहा कि ये महिलाओं का प्रोग्राम है. महिलाएं इस प्रोग्राम को चलाती हैं और इस प्रोग्राम से उनमें जागरूकता आती है और आत्माविश्वास बढ़ता है, उन्नति होती है.

मैंने उनसे पूछा- क्या लगा, आपको करना चाहिए या नहीं करना चाहिए? तो उन्होंने कहा, ज़रूर करना चाहिए. तो मैंने कार्रवाई शुरू की और आपके चीफ मिनिस्टर जो यहां बैठे हैं, उनको पकड़कर अमेठी ले गया और जो वहां हमारी महिलाए हैं, उनसे उनकी बातचीत करवाई और उनको भी लगा अच्छा प्रोग्राम है, महिलाओं को इससे अच्छा फ़ायदा होता है, सिर्फ़ महिलाओं को नहीं उनके पूरे परिवार को फ़ायदा होता है, मगर महिलाओं के माध्यम से यह प्रोग्राम चलता है और यह कामयाब हुई हैं कि हम इस प्रोग्राम को एनाउंस कर सकते हैं और 750 करोड़ रुपये इस प्रोग्राम के लिए भेजे गए.

आप किसी भी प्रदेश को देख लीजिए, जहां भी महिलाएं खड़ी हुई हैं, जहां भी उनमे आत्मविश्वास आया है वह प्रदेश तेज़ी आगे बढ़ा है. केरल देखिए आंध्र प्रदेश देखिए, तमिलनाडु देखिए, महाराष्ट्र देखिए, जहां भी हमारी महिलाएं राजनीति में आई हैं और जहां भी उनके समूह बने हैं और जहां भी उनके माध्यम से पोग्राम चले हैं वो प्रदेश आगे गया है और वही हमारी यहां कोशिश है. हम महिलाओं को शामिल करना चाहते हैं विकास में और फिर महिलाओं की बात नहीं हो रही है, ये महिलाओं का प्रोग्राम है. मगर हमने रोज़गार का प्रोग्राम चलाया है और हम पंचायती राज की भी बात कर रहे हैं, क्योंकि हम चाहते हैं कि जम्मू और कश्मीर में सब लोग शामिल हों और विकास तेज़ी से आए.

अब यहां जो महिलाएं बैठी हैं, अब ये आपके ऊपर है, आपका संगठन है, आपको समूह चलाना है, आपको आगे बढ़ना है, आपको काम करना है. हम ज़रूर आपकी मदद कर सकते हैं. हम आपके साथ खड़े हैं मगर काम आपको करना है.मै आपसे कहना चाहता हूं कि आपके साथ महिलाओं के साथ और पूरी जनता के साथ हम सब खड़े हुए हैं और तेज़ी के साथ विकास लाने की पूरी कोशिश करेंगे. मै आपसे एक बात कहना चाहता हूं, जो बात मैंने अभी इस तम्बू में महिलाओं से कही. यहां बड़े-बड़े अफ़सर बैठे हैं और अब मैं काफ़ी सालों से राजनीति में हूं. मै इनसे पूछता हूं, काफ़ी बार इनसे पूछा है पलानिंग कमीशन के लोगों से पूछा है. आप हमें ये बताइए कि ग़रीबी क्या होती है और कुछ साल पहले समूह की मीटिंग हो रही थी और एक महिला खड़ी हुई और कहा मै पहले ग़रीब हुआ करती थी और मै ग़रीब नही हूं. तो मैंने उनसे सवाल पूछा कि देखो मै बड़े-बड़े ब्यूरोक्रैप के पास जाता हूं और ग़रीबी के बारे में पूछता हूं कि ग़रीबी क्या होती है? मगर अच्छा जवाब मुझे आज तक नहीं मिला. मुझे इस सवाल का जवाब दे सकती हैं? यूपी की महिला थी अमेठी की, वह खड़ी हुई और कहती हैं देखो राहुल जी ! मै आपको आसानी से समझाती हूं. जब मैं ग़रीब थी, तब मेरे घर पर कोई आता था और पूछता था कि घर मे कोई है, तो मै जवाब नहीं देती थी. आज मैं ग़रीब नहीं हूं, अब कोई आता है, तो मै अकेली होती हूं और मै अपना नाम कहती हूं और उनसे कहती हूं कि हां भईया मै हूं घर पर. और उसने बताया कि भईया ग़रीबी का एक ही इलाज आत्मविश्वास है. जिसके पास आत्मविश्वास नहीं है, वो ग़रीब है और जिसके पास आत्मविश्वास आ जाता है, वो अमीर हो जाता है. तो यही मै आपको बताना चाहता हूं कि ये विकास तभी आता है जब हम एक साथ खड़े होते हैं. एक साथ लड़ते हैं और सबसे ज़रूरी आत्मविश्वास की है. ये आपको कोई सरकार नहीं दे सकती है, ब्यूरोक्रैप नहीं दे सकता है. आत्मविश्वास आपके अपने होना चाहिए. जिस दिन आप में आत्मविश्वास आ गया, उस दिन विकास बहुत आसानी से आएगा.

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