रायटर की खबर के अनुसार सऊदी अरब में फ़िलिस्तीनी मूल के 35 वर्षीय कलाकार और कवि अशरफ फ़य्याद को इस्लाम त्यागने के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई गई है.

 2013 में फ़य्याद को अबहा शहर में धार्मिक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और 2014 में दुबारा से उन्हें गिरफ़्तार करके सज़ा सुनाई गई. ह्यूमन राइट्स वाच के एडम कुग्ल ने बताया है कि अदालत ने उन्हें चार साल की जेल की और 800 कोड़ों की सज़ा सुनाई थी. इसके बाद अपील में दूसरे जज ने उन्हें मौत की सज़ा सुना दी.

 फ़य्याद पर लगाए गए आरोप एक गवाह के बयान पर आधारित हैं. गवाह के मुताबिक़ फय्याद ने अल्लाह, पैगम्बर मुहम्मद और सऊदी अरब को कोसा.  गवाह ने यह भी कहा है कि इस शायर की कविताओं में नास्तिक विचार हैं. कवि ने उस पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है, और वह अपने आप को आस्थावान मुसलमान मानता है.

 पिछले साल चीन और ईरान के बाद सऊदी अरब में ही सबसे अधिक लोगों को मौत की सज़ा दी गई. यहां मौत की सज़ा सरे-आम सिर काटकर ही दी जाती है. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि जनवरी 1985 से अब तक इस देश में 2,200 से अधिक लोगों को मौत की सज़ा दी जा चुकी है.

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