नई दिल्ली. एक ओर जहां वैश्विक स्तर पर मानवीय स्वास्थ्य पर बढ़ रहे खतरे को लेकर चिंतन-मनन शुरू हो चुका है. वहीं दूसरी तरफ भारत में भी स्वास्थ्य को लेकर सरकारी-गैर सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य-चिंतन की एक मजबूत धारा प्रस्फूटित हो रही है. देश को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का वीणा उठाने वाली गैर सरकारी संस्था ‘स्वस्थ भारत (ट्रस्ट)’ ने ‘स्वस्थ भारत अभियान’ के लिए एवरेस्ट विजेता, साकलिस्ट व सामाजिक कार्यकर्ता नरिन्दर सिंह को ब्रांड एम्बेसडर मनोनित किया है.
इस बाबत संस्था के चेयरमैन व स्वस्थ भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि नरिन्दर सिंह एक जांबाज खतरों के खिलाड़ी हैं. स्वस्थ भारत अभियान के साथ उनके जुड़ने से देश के युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता आएगी. और हमारे द्वारा उठायी जा रही मांगों जैसे जेनरिक दवाइयों का उपयोग बढाना, महंगी दवाइयों की एमआरपी कम करना आदि पर विषयों पर सरकार और सक्रिय होगी. हरियाण के कुरुक्षेत्र में जन्में 35 वर्षीय नरिन्दर सिंह अब स्वस्थ भारत अभियान के साथ जुड़ कर देश की जनता को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का फैसला लिया है. इस अभियान के साथ जुड़ने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए नरिन्दर सिंह ने कहा है कि बीमारियां आज वैश्विक समस्या हैं। इसके लिए हम सब को मिलकर लड़ना पड़ेगा.
गौरतलब है कि 2011 में नेपाल की तरफ से एवरेस्ट पर तिरंगा झंडा लहरा चुके नरिन्दर सिंह पर्यावरण बचाने का संदेश लेकर माउट एवरेस्ट बेस कैंप से लेकर कन्याकुमारी तक 11906 किमी की दूरी साइकिल से तय की थी. इतना ही नहीं यूरोप का सर्वोच्च शिखर माउंट एलब्रुस पर 2012 में तिरंगा फहरा चुके नरिन्दर सिंह समुद्र के नीचे साइकिल चलाने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं. खतरों से खेलने वाले इस खिलाड़ी के नाम लिमका बुक व इंडिया बुक में 5 राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हो चुका है.

एक नज़र

ई-अख़बार

Blog

  • सब मेरे चाहने वाले हैं, मेरा कोई नहीं - हमने पत्रकार, संपादक, मीडिया प्राध्यापक और संस्कृति कर्मी, मीडिया विमर्श पत्रिका के कार्यकारी संपादक प्रो. संजय द्विवेदी की किताब 'उर्दू पत्रकारिता का भवि...
  • रमज़ान और शबे-क़द्र - रमज़ान महीने में एक रात ऐसी भी आती है जो हज़ार महीने की रात से बेहतर है जिसे शबे क़द्र कहा जाता है. शबे क़द्र का अर्थ होता है " सर्वश्रेष्ट रात " ऊंचे स्...
  • राहुल ! संघर्ष करो - *फ़िरदौस ख़ान* जीत और हार, धूप और छांव की तरह हुआ करती हैं. वक़्त कभी एक जैसा नहीं रहता. देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस बेशक आज गर्दिश में है, लेकिन इसके ...

एक झलक

Like On Facebook

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं