साल बीत रहा है...

Posted Star News Agency Thursday, December 29, 2016 ,


फ़िरदौस ख़ान
हर साल की तरह यह साल भी बीत रहा है... जल्द ही नया साल शुरू होने वाला है एक नई उम्मीद और एक नई रौशनी की किरन के साथ... हर साल से हम कोई न कोई उम्मीद ज़रूर करते हैं... इस साल जो पाना चाहते थे, अगर वो नहीं मिला, तो यह उम्मीद रहती है कि इस बार नये साल में हमारी ख़्वाहिश ज़रूर पूरी होगी...
हम चाहते हैं कि हर साल यादगार हो... साल में कहीं कुछ ऐसा ज़रूर हो, जो साल को यादगार बना जाए... यादों की किताब में एक और ख़ूबसूरत याद जुड़ जाए... लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता... कोई साल बहुत प्यारा होता है, उसमें सबकुछ अच्छा ही अच्छा होता है... घर और ज़िंदगी में कोई नया मेहमान आता... और फिर वह हमारी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन जाता है... लेकिन कई बार कोई अपना इस दुनिया से चला जाता है... और उसकी कमी उम्रभर खलती रहती है... लेकिन ज़िंदगी तो यूं ही चलती आई है और यूं ही चलती रहेगी... वक़्त भी पल-दर-पल गुज़रता रहा है और गुज़रता रहेगा...
हमारी कोशिश तो बस यही होनी चाहिए कि ज़िंदगी की किताब में कोई ख़ुशनुमा वर्क़ जोड़ लें...
चलो किसी चेहरे पर मुस्कान बनकर बिखर जाएं...
(Firdaus Diary)

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