चांदनी 
नई दिल्ली. ऑस्टियोपोरोसिस से बहुत सी महिलाएं और पुरुषों में उम्र के साथ ही बोन डेंसिटी के कम होने का और बोन फ्रेक्चर का खतरा बढ़ने लगता है।

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल  के मुताबिक़ निम्न लोग जो श्रेणी में आते हैं:
-बुढ़े या महिलाएं।
-परिवार में किसी को ऑस्टियोपोरोसिस रहा हो।
-छोटा स्टेचर या थिन फ्रेम हो।
-भारतीय होना।
-पहले बोन फ्रेक्चर हो चुका हो।
-सेक्स हार्मोन में कमी होना।
-पर्याप्त व्यायाम न कर पाना।
-खुराक में पर्याप्त कैल्षियम और विटामिन डी न लेना।
-ऐसी खुराक लेना जिसमें कैफीन, सोडियम और प्रोटीन की उच्च मात्रा हो।
-शराब या तंबाकू का सेवन करना।
-खाने की समस्याएं या रूमैटिड आर्थराइटिस।
-लम्बे समय तक दवाएं लेना जैसे कि स्टीरॉयड्स।
-ज्यादातर समय घर के अंदर बिताना।
-लम्बे समय तक बिस्तर पर पड़े रहना।
स्वास्थ्य से जुड़ी चार आदतें

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि अब हमारा समय नहीं रहा, कहना गलत है। अगर आप स्वास्थ्य संबंधी बदलाव चाहते हैं तो इससे हृदय में खासकर बेहतर असर होता है। साउथ कैरोलिना की मेडिकल यूनिवर्सिटी में किंग ने करीब 16,000 पुरुषों और महिलाओं पर अध्ययन किया जो 45 से 64 के उम्र के थे। इन पर उन्होंने चार विशिष्ट तरह के स्वास्थ्य संबंधी आदतों को अपनाकर देखा।
1. रोजाना पांच तरह के फल एवं सब्जियों का सेवन
2. हफ्तें में कम से कम 2.5 घंटे का व्यायाम
3. स्वस्थ वज़न बरकरार रखना और
4. धूम्रपान न करना

इसे चार साल तक अपनाया गया और उपरोक्त चार आदतों को अपनाने पर 40 फीसदी मौतें कम हुईं साथ ही 35 फीसदी हृदय सम्बंधी समस्याओं में कटौती हुई बनिस्बत उन लोगों को जिन्होंने इन आदतों को नहीं अपनाया। यह शोध द अमेरिकन जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित हुआ था।खुराक सिर्फ फल और सब्जियों से ही भरपूर नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें साबुत अनाज, ओमेगा 3 फैटी एसिड और अन्य पॉल्ट्री व अपाशरीकृत वसा जैसे वनस्पति तेल व मेवे भी होने चाहिए।

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