पूरा दुख और आधा चांद

Posted Star News Agency Wednesday, March 10, 2010

पूरा दुख और आधा चांद
हिज्र की शब और ऐसा चांद

किस मक़तल से गुजरा होगा
ऐसा सहमा-सहमा चांद

यादों की आबाद गली में
घूम रहा है तनहा चांद

मेरे मुंह हो किस हैरत से
देख रहा है भोला चांद

इतने घने बादल के पीछे
कितना तनहा होगा चांद

इतने रोशन चेहरे पर भी
सूरज का है साया चांद

जब पानी में चेहरा देखा
तूने किसको सोचा चांद

बरगद की एक शाख हटाकर
जाने किसको झांका चांद

रात के शाने पर सर रखे
देख रहा है सपना चांद

सहरा सहरा भटक रहा है
अपने इश्क़ में सच्चा चांद

रात के शायद एक बजे हैं
सोता होगा मेरा चांद
-परवीन शाकिर

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आज का दिन

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1 अगस्त 2010, रविवार, 10 श्रावण (सौर) शक 1932, श्रावण मास 17 प्रविष्टे 2067, 19 शाबान सन हिजरी 1431, श्रावण कृष्ण षष्ठी रात्रि 8 बजकर 37 मिनट तक उपरान्त सप्तमी, रेवती नक्षत्र रात्रि 2 बजकर 1 मिनट तक तदनन्तर अश्विनी नक्षत्र, धृति योग रात्रि 4 बजकर 11 मिनट तक पश्चात शूल योग, गर करण, चन्द्रमा रात्रि 2 बजकर 1 मिनट तक मीन राशि में उपरान्त मेष राशि में. पंचक समाप्त रात्रि 2 बजकर 2 मिनट पर. तिलक स्मरणोत्सव दिवस. रवि षष्ठी. सूर्य दक्षिणायन. सूर्य उत्तर गोल. वर्षा ऋतू . सायं 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक राहु काल. सूर्य : कर्क राशि में, चंद्रमा : मीन राशि में, बुध : सिंह राशि में, शुक्र : सिंह राशि में, मंगल : कन्या राशि में, वृहस्पति : मीन (वक्री) राशि में, शनि : कन्या राशि में, राहु : धनु राशि में, केतु : मिथुन राशि में. (ज्योतिषाचार्य वेदप्रकाश जाबाली)

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