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महंगाई के विरुद्ध
शुरू हो गया नेताओं के, भाषण का उन्मादी युद्ध ??

लड़ाकू विमान में !
बैठ गए सब रुई ठूंसकर, अपने-अपने कान में !!

'क़ानून-दिवस' मनाया !
खुद हम उसको कैसे तोड़ें, इस बारे में भी समझाया ??

तबाही की वो रात !
छब्बिस-ग्यारह के हमलों पर, संसद में क्या उछली बात ??

शहीदों पर नाज !
सिर्फ हमें करना है आज ??

भूख-हड़ताल !
जब तक भूखा ख़त्म नहीं हो, भूख इस कदर लम्बी टाल !!

कार्य-बहिष्कार !
जिन पर कार्य नहीं है उनको, पूरा है इसका अधिकार !!

मशाल-जुलूस !
पिलवाया मांगों का जूस ??

दम तोड़ा !
बीवी-बच्चों को क्या छोड़ा ??

शहीद !
इनके घर क्या दीवाली थी, इनके घर क्या होगी ईद ??

प्रोपर्टी-विवाद में !
'फोटो पर माला चढ़ती है,' इतना रक्खें याद में !!
-अतुल मिश्र



मलिक असगर हाशमी
‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया।’ यह शीर्षक है एक उर्दू अखबार के संपादकीय का। उसे लगता है लिब्रहान कमीशन रिपोर्ट से ऐसी कोई चौंकाने वाली बात सामने नहीं आई, जिसे लोग पहले से न जानते रहे हों। साजिश किसने रची, किसने आंदोलन का रूप दिया, किसने कारसेवकों को बरगलाया, किसने उनकी पीठ ठोकी, किसने खुशियां मनाईं, किसने संविधान और कानून की पीठ में छुरा घोंपा। सबको सब पता है। गवाहों से कहीं ज्यादा चश्मदीद हैं।

आठ करोड़ रुपये खर्च कर 17 साल में नौ सौ पेज की रिपोर्ट तैयार करना। समय की बर्बादी से ज्यादा कुछ नहीं। अखबार कहते हैं। रिपोर्ट की सिर्फ दो बातें थोड़ी चौंकाने वाली लगीं। एक, बाबरी मस्जिद ढाने के 68 आरोपियों की सूची में अटल बिहारी वाजपेयी का नाम शामिल होना। दूसरा, तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंह राव को क्लीन चिट देना।

एक अंग्रेजी अखबार में कमीशन की रिपोर्ट लीक होने के बहाने उर्दू मीडिया जस्टिस मनमोहन सिंह लिब्रहान की नियत पर भी सवाल उठा रहे हैं। अखबार कहते हैं। नरसिंह राव को क्लीन चिट देने का क्या मतलब निकाला जाए? ‘जदीद खबर’ ने ‘नरसिंह राव क्यों नहीं?’ में बाबरी मस्जिद की शहादत के विरोध में राव मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले एमएल फोतेदार के हवाले से कहता है- मस्जिद ढाने की खबर मिलने पर वे तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर शंकर दयाल शर्मा से मिलने राष्ट्रपति भवन गए।

उन्हें देखते ही राष्ट्रपति बच्चों की मानिंद रोने लगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरसिंहा राव के कहने पर कि यूपी के गवर्नर को रिपोर्ट देने को कहा है। वहां के राज्यपाल वी. सत्यनारायण रेड्डी को दिल्ली तलब किया तो पता चला। उन्हें ऐसी कोई हिदायत दी ही नहीं दी गई। यहां तक कि दोपहर में कारसेवकों के मस्जिद ढहाने की शुरुआतकरने पर मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने गवर्नर को इस्तीफा भेज दिया। लेकिन राव ने उन्हें इस्तीफा शाम से पहले मंजूर न करने के निर्देश दिए।

जस्टिस लिब्रहान का राव के बचाव में तर्क है कि प्रधानमंत्री सीधे प्रदेश सरकार के काम में दखल नहीं दे सकते। इसका पालन करने की खातिर राव ने तत्कालीन राज्यपाल को रिपोर्ट भेजने की हिदायत दी थी। उर्दू अखबारों को अफसोस है कि सदन में कमीशन की रिपोर्ट रखने के साथ ही देश में फिर बाबरी मस्जिद की सियासत शुरू हो गई। सपा महासचिव अमर सिंह का राज्यसभा में ‘या अली’ का नारा बुलंद करना, शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे का गर्व के साथ मस्जिद ढाने की जिम्मेदारी लेना और कल्याण का ‘सौगंध राम की खाते हैं मंदिर वहीं बनाएंगे’ का नारा उछालना इसी रणनीति की कड़ी है।

‘सियासत’, ‘मरकजी हुकूमत और एटीआर’ में कहता है कि कांग्रेस भी लिब्रहान कमीशन रिपोर्ट के सहारे यूपी में सियासी खेल खेलना चाहती है। मायावती के भी बयान आ रहे हैं, ‘लिब्रहान रिपोर्ट पर लीपापोती कर रही है मरकजी हुकूमत।’ एक्शन टेकन रिपोर्ट में किसी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश न करने से उर्दू अखबार और मुस्लिम वर्ग बेहद नाराज है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी के केंद्र सरकार के लिब्रहान कमीशन रिपोर्ट की जांच पुलिस अथवा सीबीआई से कराने का भरोसा दिलाने पर भी उन्हें इस पर यकीन नहीं हो रहा।

‘ मनसूबाबंद साजिश’, ‘लिब्रहान कमीशन रिपोर्ट’, ‘फिर वही खेल’, ‘मरकजी हुकूमत और एटीआर’, ‘लिब्रहान रिपोर्ट मुसलमानों के साथ धोखा’, ‘बाबरी मस्जिद और हमारे सियासतदां’ वगैर शीर्ष से छपे लेख और संपादकीय का लब्बोलुबाब है। मस्जिद ढाने के सारे आरोपी बच जाएंगे। कमीशन और एक्शन टेकन रिपोर्ट आने तक उनमें भय बना हुआ था। इसके आने पर उनके मन से वह भी जाता रहा। सांप्रदायिक ताकतों के हौंसले फिर से बुलंद होने लग जाएंगे। ‘हमारा समाज’ बिहार मुंगेर के खानकाह और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मौलाना वली रहमानी के हवाले से कहता है। दोषियों को सजा नहीं मिली तो कानून और इंसाफ से ऐतमाद उठ जाएगा।

एक अन्य अखबार कहता है कि कार्रवाई नहीं होने पर मुसलमान समझोंगे, देश में उनकी कोई औकात नहीं। उर्दू अखबार कमीशन की रिपोर्ट के बहाने मुलायम, अमर और कल्याण सिंह पर भी निशाना साध रहे हैं। अखबारों का कहना है कि कल्याण की हकीकत जानते हुए भी सपा नेताओं ने सियासी फायदे के लिए आजम खान को उन पर कुर्बान कर दिया। वैसे ‘इंकलाब’ जैसे कुछ अखबार भी हैं। जिन्हें लगता है। लिब्रहान कमीशन ने वाजपेयी सहित बाबरी कांड के सभी आरोपियों को बेनकाब कर बड़े हौसले का काम किया है। ‘जिंदाबाद लिब्रहान’ में अखबार कहता है। अब तक उनके नाम ही आते रहे, कोई दस्तावेजी सबूत नहीं थे। इस रिपोर्ट की मदद से अब इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।

(लेखक ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े हैं)


سٹار نیوز ایجنسی
مکہ مکرمہ ( سودی عربیہ): حج کا رکن اعظم وقوف عرفات ادا کرنے کے بعد عازمین مزدلفہ روانہ ہوگئے۔مفتی اعظم شیخ عبدالعزیز آل شیخ نے خطبہء حج میں کہا کہ دہشت گردی کے ذریعے امت مسلمہ کو ٹکڑوں میں تقسیم کیا جارہا ہے، مسلم امہ دہشت گردی سے کسی قسم کا سمجھوتہ نہ کرے۔ مفتی اعظم شیخ عبدالعزیز آل شیخ نے مسجد نمرہ میں خطبہ حج دیتے ہوئے کہا کہ اللہ تعالی نے مسلمانوں کو سچی بات کہنے کا حکم دیا ہے۔ دشمن مسلمانوں کو اخلاقی اعتبار سے پست کرنا چاہتا ہے۔مسلمانوں کو اسلام سے دور کرنے کی سازش کی جا رہی ہے۔ مسلمانوں کو چاہئے کہ وہ غیر مسلموں کے مقابلے میں اتحاد و اتفاق سے کام لیں۔ مستقبل اسلام کی عظمت کا ہے،انسانی حقوق پامال کرنے والوں کا اسلام سے کوئی تعلق نہیں۔اسلام امن کا ضامن ہے۔مفتی اعظم نے کہا کہ اسلامی تعلیمات کو سمجھ کر اتفاق رائے پیدا کرنے میں مسلمانوں کی بھلائی ہے۔ دنیا کو اس وقت دہشت گردی کا چیلنج درپیش ہے۔ دہشت گردی سے امت کے ٹکڑے کرنے کی سازش کی جا رہی ہے۔امت مسلمہ دہشت گردی سے کوئی سمجھوتہ نہ کرے۔امت کی یکجہتی کے لئے میڈیا اپنا کردار ادا کرے۔ میڈیا تعصب اور نفرت سے دور رہ کر اسلام کی خدمت کرے۔موجودہ حالات میں میڈیا پر بہت بڑی ذمہ داری عائد ہوتی ہے۔عازمین نے ظہر اور عصر کی نمازیں مسجد نمرہ میں ایک ساتھ ادا کیں۔ مزدلفہ میں عازمین رات کھلے آسمان تلے بسر کریں گے۔ وہ جمعہ کو رمی کے بعد جانوروں کی قربانی کریں گے، بال کٹوائیں گے اور احرام کھول دیں گے۔ اس کے بعد حجاج واپس مکہ المکرمہ پہنچیں گے۔ طواف زیارت کے بعد حجاج کرام دوبارہ منیٰ جائیں گے اور حج کے دیگر ارکان ادا کریں گے۔جمعرات کی صبح نماز فجر کے بعد کعبہ کو غسل دیا گیا۔ سعودی شاہی خاندان اور کابینہ کے ارکان نے کعبتہْ اللہ کو غسل دیااور غلاف کعبہ تبدیل کردیا گیا۔ ہر سال نو ذوالحج کو کعبتہ اللہ کا غلاف تبدیل کیا جاتا ہے۔ یہ چھ سو ستر کلوگرام خالص سفید ریشم سے تیار کیا جاتا ہے جس پر بعد میں کالا رنگ چڑھایا جاتا ہے۔ غلاف کعبہ کو کِشوہ بھی کہا جاتا ہے۔ غلاف کعبہ پر سونے اور چاندی کے دھاگوں سے سورة اخلاص اور چھ قرانی آیات تحریر ہوتی ہیں۔ غلاف کعبہ پر ایک سو پچاس کلوگرام سونے اور چاندی کے دھاگوں سے کشیدہ کاری کی جاتی ہے ۔اس کی تیاری پر ایک کروڑ ستر لاکھ ریال لاگت آئی ہے۔ بدھ سے شروع ہونے والے پانچ روزہ ایام حج اتوار کو مکمل ہو جائیں گے۔


किया है प्यार जिसे हमने ज़िन्दगी की तरह
वो आशना भी मिला हमसे अजनबी की तरह

बढ़ा के प्यास मेरी उस ने हाथ छोड़ दिया
वो कर रहा था मुरव्वत भी दिल्लगी की तरह

किसे ख़बर थी बढ़ेगी कुछ और तारीकी
छुपेगा वो किसी बदली में चांदनी की तरह

कभी न सोचा था हमने ‘क़तील’ उस के लिए
करेगा हम पे सितम वो भी हर किसी की तरह
-क़तील शिफाई

स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. केंद्रीय अप्रवासी भारतीय मामले मंत्री वयालार रवि ने जीसीसी देशों, लीबिया, मलेशिया, यमन तथा मालदीव में स्थित मिशनों के प्रमुखों के चौथे वार्षिक सम्मेलन का आज यहां उदघाटन किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन अप्रवासी भारतीय कर्मचारियों द्वारा सामना की जा रही परेशानियों को समझने तथा उनका हल खोजने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में सामने आया है और यह उनकी सुरक्षा तथा कल्याण के लिए हमारी प्रतिबध्दता को मज़बूती प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में हमारे कर्मचारी अस्थाई तथा अनुबंध पर होते हैं और वे अनेक वर्ष कठोर जीवन तथा कार्य परिस्थितियों में बिताते हैं। ये लोग अपनी अधिकतर बचत घर भेज देते हैं और ये अक्सर ख़राब स्वास्थ्य तथा खाली हाथ लौटते हैं। यह एक ड़रावना परिपेक्ष्य है कि हजारों कर्मचारी खाड़ी देशों सें वापस आते हैं। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि एक ऐसा कार्यक्रम तैयार किया जाए जो इनकी वापसी पर इनकी उचित आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित कर सके तथा सुरक्षित सेवानिवृत्ति के लिए फिजूलखर्ची को रोका जा सके। अप्रवासी भारतीय मंत्रालय वापसी तथा पुनर्वास कोश की स्थापना करने पर कार्य कर रहा है जो वापस आ रहे कर्मचारियों को लाभान्वित करने में योगदान करेगा।

मंत्री ने बताया कि अप्रवासी भारतीय मंत्रालय आव्रजन को सरल, प्रभावी, पारदर्शी, सुव्यवस्थित तथा मानवीय प्रक्रिया में परिवर्तित करने के लिए प्रतिबध्द है। मंत्रालय अनियिमित अप्रवास से सही ढंग से निपटने के लिए कानूनी तथा प्रशासनिक उपाय कर रहा है।

वयालार रवि ने बताया कि 17 ईसीआर देशों तथा मालदीव में भारतीय समुदाय कल्याण कोष (आईसीडब्ल्यूएफ) की स्थापना की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अप्रवासी भारतीयों की सुरक्षा क लिए टोल फ्री हेल्पलाईन, काउंसलिंग सुविधा, घर छोडकर भागी घर में काम करने वाली महिलाओं के लिए आश्रय, कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा तथा आपातकालीन राहत सुविधाएं मुहैया कराने जैसी पहलें उनका मंत्रालय कर रहा है। उन्होंने बताया कि अप्रवासी भारतीय कर्मचारियों के कल्याण तथा सुरक्षा के संबंध में मलेशिया, जॉर्डन के साथ तथा सऊदी अरब को छोडकर सभी जीसीसी देशों के साथ सहयोग करने के एक सहतमि पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। ये सहमति पत्र हमारे कर्मचारियों की स्थिति में सुधार के लिए तभी प्रभावी रूप से कार्य कर सकेंगे. यदि संयुक्त कार्य समूह की बैठकें नियमित रूप से होती रहें। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय तथा सऊदी अरब में हमारा मिशन सऊदी अरब के साथ लगातार प्रयास कर रहा है कि सहमति पत्र पर आरंभिक बात संपन्न हो जाए। इसी प्रकार के प्रस्ताव यमन, लीबिया तथा मालदीव के बारे में भी हैं।



स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. रेल राज्यमंत्री केएच मुनियप्पा ने कहा है कि रेल भूमि पर अतिक्रमण करने वालों का पुन:स्थापन तथा पुनर्वास यदि व्यावहारिक हो तो संबंधित राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में, रेलों ने दिल्ली सरकार की पुन:स्थापन तथा पुनर्वास नीति के अनुसार संरक्षा जोन में रेल भूमि पर स्थित 1998 के पहले से अतिक्रमणों के पुन:स्थापन की आंशिक लागत वहन करने की स्वीकृति दी है। 4359 झुग्गियों के पुनर्वास के संबंध में रेल मंत्रालय द्वारा दिल्ली सरकार के पास 11.25 करोड़ रुपए जमा कराए गए हैं। इस समय, रेल भूमि पर रह रहे झुग्गी वालों को हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

आज लोकसभा में एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि रेल के पास 1.13 लाख हेक्टेयर खाली भूमि है । इसमें रेल के अपने विकास कार्यों के लिए चिन्हित भूमि जैसे दोहरीण, आमान परिवर्तन, यार्ड के ढांचे में परिवर्तन ओर यातायात सुविधा कार्यों, फैक्ट्रियों की स्थापना, डीएफसीसीआईएल परियोजना और रेलपथ की सर्विसिंग के लिए अपेक्षित भूमि की संकरी पटटी शामिल है। रेल के निकट भविष्य में परिचालनिक आवश्यकताओं के लिए अनपेक्षित खाली भूमि का वाणिज्यिक विकास सहित वैकल्पिक उपयोग किया जाता है । रेल ने लगभग 4336 एकड़ रेल भूमि की परिमाप वाले 139 स्थलों की पहचान की है जिसकी निकट भविष्य में परिचालनिक उपयोग के लिए जरूरत नहीं है। 133 स्थलों में से, 3744 एकड़ भूमि खाली पड़ी रेल भूमि के वाणिज्यिक विकास के लिए संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित प्राधिकरण रेल भूमि विकास प्राधिकरण को सौंपी गई है।



स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. ओड़िशा सरकार वेदांत नाम की एक व्यापारिक कंपनी द्वारा संचालित विश्वविद्यालय को जनन्नाथ पुरी के निकट समुद्र के किनारे जो 6,000 एकड़ भूमि आंगटित करने जा रही है उसकी समुद्री बालू रेत में ऐसे पदार्थ हैं जिनसे परमाणु ऊर्जा निकल सकती है।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन तथा संसदीय कार्य राजयमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने आज राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि परमाणु ऊर्जा विभाग के परमाणु खनिज अन्वेषण तथा अनुसंधान निदेशालय (एएमडी) ने ओड़िशा में मोनाज़ाइट स्रोत युक्त 1.82 मिलियन मीटरी टन थोरियम का पता लगाया है। थोरियम एक उर्वर मूल तत्तव है और भारत के परमाणु विद्युत कार्यक्रम के मीसरे चरण में परमाणु ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए विखंडय मूल तत्तव के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।



स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम ने आज मुम्बई हमलों में शहीद हुए लोगों के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम में शहीदों के पांच परिवारों को पेट्रोलियम उत्पादों की डीलरशिप के पत्र सौंपे। शहीदों के आश्रितों की पूर्ण देखभाल की सरकार की वचनबध्दता को पूरा करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र क़ी कपंनी अपने ही खर्च पर उनको डीलरशिप मुहैया करा रही है।

डीलरशिप के ये पत्र स्व. अशोक मारूतराव काम्टे की पत्नी विनीता अशोक काम्टे (पुणे), स्व. विजय मधुकर खांडेकर की पत्नी श्रध्दा वी. खांडेकर (पुणे), स्व. जयवंत हनुमंत पाटिल की पत्नी प्रतिभा जे. पाटिल (किकवे, सतारा में) को दिए गए. स्व. प्रकाश पांडुरंग मोरे की पत्नी माधवी वी. मोरे को एलपीजी डीलरशिप (खरगर, नवी मुम्बई में) और स्व. गजेंद्र सिंह की पत्नी विनीता सिंह को हरिद्वार में एलपीजी डीलरशिप का पत्र सौंपा।

केंद्रीय पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवरा ने इस अवसर पर कहा कि भारत सरकार सामान्य तौर पर तथा पेट्रोलियम मंत्रालय विशेष तौर पर शहीदों के परिवारों को राहत तथा पुनर्वास सहायता करने में सबसे आगे है। उन्होंने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर सार्वजनिक क्षेत्र की जल्द से जल्द विभिन्न तेल कंपनियों के महाप्रबंधकों से इन रिटेल आउटलेटों के कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए निगरानी रखे। उन्होंने कहा कि देश शहीदों के परिवारों का सम्मान करने की न केवल ज़िम्मेदार बल्कि उनके भविष्य की देखभाल की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देशवासियों को इन शहीदों से कर्तव्य परायणता का सबक सीखना चाहिए। यही इन शहीदों के प्रति देशवासियों की सच्ची श्रध्दांजलि होगी।

26/11 के शहीदों के परिवारों की आय के ज़रिये को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शहीदों के परिवारों को पेट्रो-डीज़ल, एलपीजी तथा सीएनजी की 18 डीलरशिपें देने का फैसला किया है। एक मामले में शहीदों के एक परिवार ने इस प्रकार की सहायता स्वीकार करने से इंकार कर दिया है। बाकी के 17 आवंटनों के मामलों में से 9 डीलरशिपों ने कार्य आरंभ कर दिया है और दो सीएनजी स्टेशन दिसम्बर, 2009 तक कार्य करना आरंभ कर देंगे तथा बाकी के 6 मामलों काफी प्रगति हो चुकी है।



स्टार न्यूज़ एजेंसी
पणजी (गोवा). नृत्य के प्रति प्रसिध्द फिल्म निर्देशक वी. शान्ताराम के प्यार को उनकी फिल्मों के माध्यम से करोड़ों लोगों द्वारा अनुभव किया गया है, किन्तु खुद उनके कुशल नर्तक होने का खुलासा उनकी पुत्री और फिल्म निर्देशक मधुरा जसराज ने आज इफ्फी 2009 में किया। जसराज की उनके पति पर बनी फिल्म 'संगीत मार्तंड पंडित जसराज', दिग्गजों के साथ कुछ पल खंड के तहत इफ्फी -2009 में दर्शाई जा रही है। यह खंड भारतीय संगीत के महान आचार्यों पर फिल्म प्रभाग द्वारा प्रस्तुत एक विशेष पैकेज है। अपने पिता को याद करते हुए जसराज ने उनकी ईमानदारी और कठिन श्रम को याद किया। जसराज ने कहा कि वे तो स्टुडियो की दीवार रंगने तक से भी नहीं हिचकिचाते थे।

इफ्फी गोवा-2009 में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान जसराज ने कहा कि पंडित जसराज को उनकी कृति पसन्द आई है। जसराज ने कहा कि उन्होंने संभवत: यह फिल्म (संगीत मार्तंड पंडित जसराज) पहली बार केवल इफ्फी में ही देखी है। उनके अनुसार पंडित जसराज ने उन्हें बताया कि फिल्म उनके संगीतमय जीवन के अधिकांश तथ्यों को कवर करती है। भारतीय शास्त्रीय संगीत के पुरोधा के साथ जीवन के बारे में बताते हुए मधुरा जसराज ने कहा कि आज भी संगीत उनके जीवन का मूल आधार है, वह प्रतिदिन कम से कम 12 घंटे रियाज करते हैं। संगीत के अलावा उन्होंने हर चीज अर्थात घरेलू कार्यभार से लेकर वित्तीय कार्य तक सब मधुरा पर छोड़ दिया है।

महिला निर्देशकों को सलाह देते हुए मधुरा जसराज ने उन्हें सावधान किया कि यह बहुत कठिन क्षेत्र है जिसके लिए उन्हें वक्त-बेवक्त और कई घंटों तक लगातार कार्य करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

फिल्म प्रभाग के मुख्य निर्माता कुलदीप सिन्हा भी वार्ता के दौरान उपस्थित थे। वार्ता पिछले वर्ष 26 नवम्बर को मुम्बई आतंकी हमले में शहीदों के सम्मान में एक मनिट के मौन के साथ शुरू हुई।



स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय पूरब की ओर देखो नीति के तौर पर पूर्वोत्तर राज्यों और पड़ौसी देशों के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक एवं व्यापारिक संबंधों को पुरजोर समर्थक रहा है। मंत्रालय ने अब म्यांमा से एक सांस्कृतिक दल को नगालैंड, मणिपुर और असम में मंचन के लिए आमंत्रित करने की पहल की है। म्यांमा से 15 सदस्यीय सांस्कृतिक दल तीन पूर्वोत्तर राज्यों में अपने नृत्य के जरिए अपने देश की परम्परा और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए कल पूर्वोत्तर की दस दिवसीय यात्रा पर यांगून से कोलकाता पहुंच रहा है।

सांस्कृतिक दल 28 नवम्बर को नगालैंड की राजधानी कोहिमा पहुंचेगा तथा वहां चार दिनों तक ठहरेगा। यह दल दिसम्बर को हार्नीबल उत्सव के उदघाटन कार्यक्रम में अपना नृत्य प्रस्तुत करेगा। दल 2 दिसम्बर को इंफाल जाएगा तथा वहां दो दिन ठहरेगा। दल 3 दिसम्बर को इंफाल में नृत्य दिखाएगा। दल 4 दिसम्बर को गुवाहाटी पहुंचेगा तथा वहां 5 दिसम्बर को अपनी प्रस्तुति पेश करेगा। दल 7 दिसम्बर को कोलकाता से यांगून लौट जाएगा। पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय ने म्यांमा की राजधानी यांगून स्थित भारतीय दूतावास, भारत में म्यांमा दूतावास, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद , पूर्वोत्तर क्षेत्र परिषद तथा तीनों राज्यों की सरकार के साथ मिलकर इस दल के लिए सारे प्रबंध कर लिए हैं।



स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईओटी) ने निम्न तापमान वाली तापीय विलवणीकरण प्रणाली (एलटीटीडी) पर आधारित समुद्र जल को पेयजल में बदलने की विलवणीकरण प्रौद्योगिकी का देश में डिजाइन तैयार कर उसका प्रदर्शन किया है। यह प्रौद्योगिकी भारत के द्वीप प्रदेशों के लिए कार्यक्षम तथा उपयुक्त है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, प्रधान मंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने आज राज्यसभा में एक एक सवाल के जवाब में बताया कि कावाराती संयंत्र के उत्पादन की आरंभिक अनुमानित लागत विद्युत के प्रभारों के आधार पर 10 पैसे प्रति लीटर थी। प्रदर्शन संयंत्र के उत्पादन की अनुमानित लागत में पूंजी और अन्य स्थायी लागतें शामिल हैं। उत्पादन की प्रचालनात्मक लागत 6-7 पैसे प्रति लीटर है।

उन्होंने बताया कि लक्षद्वीप समूह के कावाराती में एक लाख लीटर प्रतिदिन स्वच्छ जल की उत्पादन क्षमता वाले एलटीटीडी संयंत्र ठीक प्रकार से कार्य कर रहा है और स्थानीय जनता की जरूरतों को काफी हद तक पूरा कर रहा है। इस संयंत्र ने अब तक 155 मिलियन लीटर से अधिक स्वच्छ जल तैयार कर लिया है। उन्होंने बताया कि एनआईओटी लक्षद्वीप द्वीप समूह में एक लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले 3 अन्य संयंत्र अगाती, एण्ड्रोथ और मिनिकॉय में, प्रत्येक में एक-एक स्थापित कर रहा है। अगाती में एक संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य मार्च, 2010 में तथा एक अन्य एलटीटीडी संयंत्र मार्च, 2009 में उत्तरी चेन्नै ताप बिजली केन्द्र, चेन्नै में भी स्थापित किया गया, जो बिजली संयंत्र से निकलने वाली अपशिष्ट ऊष्मा का उपयोग करता है।


बौना हूं मैं , कोई खिलौना नहीं
चलता हूं जब भी मैं सड़कों पे, तो नज़रे खुद-ब-खुद झुक जाती हैं,

जब उठती है, तो देखता हूं की इंसान की नज़रें किस तरह से सताती है,
भूल जाते हैं वो कि

बौना हूं मैं, कोई खिलौना नहीं !
हंसते हैं वे मुझपे, जैसे मैं कोई एक नुमाइश हूं ,

याद दिलाओ उन्हें, कि मैं भी खुदा की पैदाइश हूं ,
कभी नाटा-नाटा,तो कभी बौना-बौना कह कर चिड़ाते हैं,

भूल जाते हैं वो कि
बौना हूं मैं, कोई खिलौना नहीं !!

शुक्र है, क्योंकि इस नाम पे ही तो मैं अपनी ज़िन्दगी बिताता हूं ,
हंसाता हूं उन्हें सर्कस मैं, और बौना-बौना कहलाता हूं ,

दो वक़्त की रोटी मिल जाती है, पर ज़िन्दगी तडपाती है
फ़रियाद करता हूं ,खुदा से और बोलता हूं उस इंसान से

कि क्यों भूल जाता है तू कि
बौना हूं मैं कोई खिलौना नहीं !!
-अमित तनेजा


अतुल मिश्र
शराब पीना स्वास्थ्य के लिए भले ही हानिकारक हो, मगर हमारी सरकार के लिए बहुत लाभदायक है! लोग अगर वाकई शराब पीना बंद कर दें कि लो, आज से पीनी बंद, तो सरकार का तो भट्टा ही बैठ जाएगा! एक ओ़र तो शराब पीने पर इस अंदाज़ में दीवारों पर लिखी मनाही कि 'बाप शराब पियेंगे, बच्चे भूखे मरेंगे', और दूसरी ओ़र जिन गावों में बिजली-पानी तक अभी नहीं पहुंचे हैं, वहां भी सरकारी तौर पर ठेके खोल दिए गए हैं कि बेटे, जितनी पी सकते हो, पियो!
'शराब पीना एक सामाजिक अभिशाप है', जैसे नारों की मार्फ़त हर एक किलोमीटर पर सरकार की तरफ से अभिशाप भी दिया जा रहा है और बराबर में ही ठेके भी खोल दिए गए हैं! सरकार की जो नीतियाँ हैं, वो हमेशा दोगली होती हैं! एक तरफ तो वह शराब के ठेके और बार खुलबाती है कि आदमी जो है, वो नशे में धुत्त पड़ा रहे और दूसरी ओ़र जब वह सड़कों पर निकले तो उसका सारा नशा ही हिरन हो जाए कि 'जो शराब का हुआ शिकार, उसने फूंक दिया घर-बार'! अब शिकार हुआ आदमी खुद को गालियाँ दे या सरकार को, यह उसकी समझ में नहीं आता और वह सोचने के झंझट से मुक्ति पाने के लिए फिर से हट्टी या बार में चला जाता है और सरकारी नीतियाँ अपनी सफलता पर खुश होकर जश्न मनाती हैं!
एक कोई 'मद्य-निषेध विभाग' है, जो आबकारी विभाग से अलग किसी ख़ुफ़िया जगह पर मौजूद है! कहाँ मौजूद है, यह कोई नहीं जानता! हाँ, इस विभाग की ओ़र से जारी किये गए भयानक नारे ज़रूर पढ़ने को मिल जाते हैं, जिनसे यह सूचना मिलती है कि 'जो कुछ हम बिकवा रहे हैं, वह खरीदना तो है, मगर उसके अंजाम क्या होंगे यह भी पढ़ लो!' इस किस्म के नारे किसी भी शराबी को आधा तो वैसे ही मार देते हैं, रही-सही कसर सरकार द्वारा परोसी जा रही शराब पूरी कर देती है!
आंकड़े बताते हैं कि भारत-सरकार को सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा उस शराब से होता है, जो लोगों के घर-बार फूंक देती है या जो एक सामाजिक अभिशाप है! इसी से सरकार की नीयतों का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है! यह बिलकुल वैसा ही है, जैसे शराब पिलाने के बाद 'स्वास्थ्य के लिए हानिकारक' वाला मन्त्र कान में फूंक देना! किसी ने आज तक सरकारी नुमाइंदों से यह नहीं पूछा कि जब आपकी नीयत की तरह शराब भी खराब है तो उसकी जगह सिंथेटिक दूध के ही ठेके क्यों नहीं खोले जा रहे? उनसे भी तो भारी मात्रा में राजस्व अर्जित किया जा सकता है!


सभी संतों ने सिखलाया, प्रभु का नाम है जपना।
सुनहरे कल भी आयेंगे, दिखाते रोज एक सपना।
वतन आजाद वर्षों से बढ़ी जनता की बदहाली,
भले छत हो न हो सर पे, ये सारा देश है अपना।।

कोई सुनता नहीं मेरी, तो गाकर फिर सुनाऊं क्या?
सभी मदहोश अपने में, तमाशा कर दिखाऊं क्या?
बहुत पहले भगत ने कर दिखाया था जो संसद में,
ये सत्ता हो गयी बहरी, धमाका कर दिखाऊं क्या?

मचलना चाहता है मन, नहीं फिर भी मचल पाता।
जमाने की है जो हालत, कि मेरा दिल दहल जाता।
समन्दर डर गया है देखकर आंखों के ये आंसू,
कलम की स्याह धारा बनके, शब्दों में बदल जाता।।

लिखूं जन-गीत मैं प्रतिदिन, ये सांसें चल रहीं जबतक।
कठिन संकल्प है देखूं, निभा पाऊंगा मैं कबतक।
उपाधि और शोहरत की ललक में फंस गई कविता,
जिया हूं बेचकर श्रम को, कलम बेची नहीं अबतक।।

खुशी आते ही बाहों से, न जाने क्यों छिटक जाती?
मिलन की कल्पना भी क्यों, विरह बनकर सिमट जाती?
सभी सपने सदा शीशे के जैसे टूट जाते क्यों?
अजब है बेल कांटों की सुमन से क्यों लिपट जाती?
-श्यामल सुमन


(श्यामल सुमन टाटा स्टील, जमशेदपुर में प्रशासनिक पदाधिकारी हैं)

स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. विदेश राज्य मंत्री डॉ.शशि थरूर ने कहा है कि चीन जम्मू कश्मीर तथा अरुणाचल प्रदेश से भारतीय नागरिकों को वीजा अलग कागज में जारी कर रहा है, उन्होंने कहा कि चीन कश्मीर को एक द्विपक्षीय मसला मानता है जिसका कि भारत और पाकिस्तान के बीच निपटान किया जाना है। अरुणाचल प्रदेश के मामले में भारत और चीन के बीच अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर चीन का मतभेद है और वह भारतीय भू-भाग के लगभग 90,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर गैर कानूनी रूप से दावा करता है।

आज लोकसभा में एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि सरकार ने अपनी इस स्पष्ट और सुसंगत स्थिति से कि जम्मू व कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है, चीनी पक्ष को अवगत करा दिया है। सरकार ने देश से बाहर यात्रा करने के लिए एक परामर्शी जारी किया है, जिसमें यह कहा गया है कि अलग कागज पर जारी वीजा को वैध नहीं माना जाएगा।

स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. विदेश राज्य मंत्री डॉ. शशि थरूर ने कहा है कि सरकार को चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी के समीप कथित तौर पर बांध बनाये जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टों की जानकारी है। इन रिपोर्टों को चीनी पक्ष के साथ उठाया गया है जिन्होंने कहा है कि ये रिपोर्ट तथ्यों के अनुरूप नहीं है। सरकार को ब्रह्मपुत्र नदी पर किसी विद्यमान बांध के बारे में जानकारी नहीं है।

आज लोकसभा में एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि सरकार भारत के हितों से जुड़े सभी घटनाक्रमों पर निरंतर पैनी नजर रखती है और उनकी रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करती है। सरकार 2006 में स्थापित विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र के माध्यम से चीनी पक्ष के साथ सीमा-पार नदियों से जुड़े सभी संगत मुद्दों को उठाती है।

स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. संसदीय कार्य एवं जल संसाधन मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा है कि देश की नदियों को जोड़ने की व्यवहार्यता का व्यापक आकलन के पश्चात यह निर्णय लिया गया कि प्रायद्वीपीय नदियों पर जोर देते हुए नदी को जोड़ने संबंधी कार्यक्रम को जारी रखा जाए। संबंधित राज्य सरकारों के बीच सहमति के आधार पर उनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआरएस) तैयार करने के लिए प्राथमिकता संपर्कों के रूप में प्रायद्वीपीय घटक के अंतर्गत पाचं संपर्कों नामत: 1. केन-बेतवा, 2. पारबती-काली सिंध-चम्बल, 3. दमनगंगा-पिंजाल, 4. पार ताप्ती -नर्मदा और 5. गोदावरी (पोलावरम)-कृष्णा (विजयवाड़ा) की पहचान की गई थी। केन-बेतवा परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना की सूची में शामिल किया गया है और यह 90 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता की पात्र है।

आज लोकसभा में एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि इसके अलावा एनडब्ल्यूडीए ने दूसरे दो प्राथमिकता संपर्कों नामत: पार- तापी-नर्मदा और दमनगंगा-पिंजाल की डीपीआरएस की तैयारी प्रारंभ कर दी है और जिसे दिसम्बर 2011 तक पूरा कर लिए जाने की योजना है।

उन्होंने बताया कि गोदावरी (पोलावरम)-कृष्णा (विजयवाड़ा) संपर्क आंध्र प्रदेश की पोलावरम परियोजना का हिस्सा है । योजना आयोग ने पोलावरम परियोजना का निवेश की स्वीकृति दे दी है और आंध्र प्रदेश सरकार ने उसके प्रस्ताव के अनुसार संपर्क घटक सहित परियोजना का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है । इसके अतिरिक्त संबंधित राज्यों ने पारबती-कालीसिंध-चंबल संपर्क परियोजना की डीपीआर प्रारंभ करने के लिए सहमति नहीं दी है।

उन्होंने बताया कि नदियों को आपस में जोड़ने संबंधी परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों के बीच सहमति बनाने के उद्देश्य से अध्यक्ष, केन्द्रीय जल आयोग की अध्यक्षता में एक सहमति दल का गठन किया गया है। भारत के संविधान के तहत जल राज्य का विषय हे और संबंधित राज्य सरकारें जल संसाधन मंत्रालय की तकनीकी सलाहकार समिति से टेक्नो-आर्थिक स्वीकृति और योजना आयोग के निवेश से स्वीकृति प्राप्त करने के पश्चात नदियों को आपस में जोड़ने संबंधी परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ करती हैं।


स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. जल संसाधन राज्य मंत्री वींसेंट एच.पाला ने कहा है कि वैज्ञानिक पत्रिका 'नेचर' के अंक में प्रकाशित राष्ट्रीय विमान-विज्ञान एवं अंतरिक्ष प्रशासन (एनएएसए) और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, संयुक्त राज्य अमेरिका के वैज्ञानिकों के निष्कर्ष दर्शाते हैं कि भारत में राजस्थान, पंजाब और हरियाणा (दिल्ली सहित) में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है।

आज लोकसभा में एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि सरकार ने देश में भूमिगत जल स्तर को बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं, मसलन

  • सीजीडब्ल्यूबी द्वारा देश में प्रदर्शनात्मक कृत्रिम पुनर्भरण परियोजनाओं का कार्यान्वयन।

  • 7 राज्यों अर्थात आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात एवं मध्य प्रदेश में भूजल संसाधन के लिए 'डगवेलों के माध्यम से भूजल का कृत्रिम पुनर्भरण' संबंधी स्कीम का कार्यान्वयन।

  • जल स्रोतों की मरम्मत, नवीकरण एवं पुनरूध्दार के लिए स्कीम का कार्यान्वयन स्कीम के उद्देश्यों में भूजल पुनर्भरण का संवर्धन शामिल है।

  • जल संरक्षण पध्दतियों के संबंध में जागरूकता फैलाने के लक्ष्य से किसान सहभागिता कार्य अनुसंधान कार्यक्रम का कार्यान्वयन।

  • भूजल विकास के नियमन एवं नियंत्रण के लिए उचित कानून अधिनियमित करने में राज्योंसंघ राज्य क्षेत्रों को सक्षम बनाने हेतु 'आदर्श विधेयक' का परिचालन।

  • देश में भूजल प्रबंधन एवं विकास के नियमन के उद्देश्य से केन्द्रीय भूमि जल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) की स्थापना।

  • जल प्रबंधन, वर्षा जल संचयन और भूजल के कृत्रिम पुनर्भरण संबंधी जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन।

  • राज्यों को वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाने का सुझाव दिया गया है। इसकी अनुपालन में 18 राज्यों और 4 संघ राज्य क्षेत्रों में भवन उप नियमों के अंतर्गत वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बना दिया है।

  • राज्योंसंघ राज्य क्षेत्रों को भूजल के कृत्रिम पुनर्भरण के लिए एक मास्टर योजना का परिचालन।

  • लोगों की सहभागिता से भूजल संवर्धन और कृत्रिम पुनर्भरण की नूतन पध्दतियां अपनाने को प्रोत्साहन देने हेतु भूमिजल संवर्धन पुरस्कार और राष्ट्रीय जल पुरस्कार का संस्थापन।


स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. संघ लोक सेवा आयोग ने अगस्त, 2009 में आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी तथा नौसेना अकादमी परीक्षा (2) की लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। रक्षा मंत्रालय का सेवाएं चयन बोर्ड राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के थलसेना, नौसेना और वायुसेना विंग में 30 जून, 2010 से आरंभ होने वाले 124वें पाठयक्रम तथा नौसेना अकादमी 10/2 (कार्यकारी शाखा ) के 44वें पाठयक्रम में दाखिले के लिए साक्षात्कार आयोजित करेगा।

सभी उम्मीदवारों की उम्मीदवारी जिनके रोल नंबर सूची में दिये गये हैं अनंतिम है। परीक्षा में दाखिले के लिए उनकी स्थिति के अनुसार उन्हें अपनी आयु तथा शैक्षणिक मूल प्रमाण पत्र सीधे ही ' अतिरिक्त महानिदेशक (भर्ती), निकट जनरल ब्रांच, संयुक्त मुख्यालय, रक्षा मंत्रालय (आर्मी), पश्चिम खंड-3, विंग-1, आर. के. पुरम, नई दिल्ली-110066 को जमा करा दें। मूल प्रमाण पत्र संघ लोक सेवा आयोग को भेजने की आवश्यकता नहीं है। अन्य किसी सूचना के लिए उम्मीदवार आयोग के सुविधा केंद्र से व्यक्तिगत रूप से या दूरभाष नम्बरों 011-23385271 / 011-23381125 / 011-23098543 पर कार्य दिवसों के दौरान संपर्क कर सकते हैं। परिणाम आयोग की वेबसाईट http://www.upsc.gov.in . पर भी देख सकते हैं।
आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। जो उम्मीदवार अपनी अंक तालिका की प्रिंटिड कापी लेना चाहते है उन्हें आयोग से परिणाम घोषित होने के 30 दिन के भीतर अनुरोध कराना होगा। उसके बाद किसी भी प्रकार अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।



स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली.
कैरो अंतर्राष्ट्रीयफिल्मोत्सव में मुधल मुधल मुधल वाराई (तमिल) फिल्म रजत पुरस्कार से सम्मानित की गई है। कृष्णन शेषाद्री गोमातम द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने डिजीटल खंड में भाग लिया और भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के फिल्मोत्सव निदेशालय द्वारा कैरो अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव में भेजी गई। यह फिल्म भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव 2008 में भी भारतीय पैनोरमा के अन्तर्गत दिखाई गई थी।

हाल ही में सम्पन्न हुए कैरो फिल्मोत्सव में भारत विशिष्ट अतिथि था। अदूर गोपालकृष्णन अन्तर्राष्ट्रीय ज्यूरी के अध्यक्ष थे। इस 33वें कैरो अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव में न्यू यॉर्क एक अन्य भारतीय प्रविष्टि थी, जिसे उदघाटन फिल्म के रूप में प्रदर्शित किए जाने का सम्मान मिला। इस उत्सव में मधुर भंडारकर की सात फिल्मों का सिंहावलोकन किया गया, जिनमें कॉर्पोरेट, फैशन, चांदनीबार भी शामिल थी। डीएफएफ द्वारा भेजी गई मानव अधिकार श्रेणी के अन्तर्गत समर ऑफ 2007 तथा आम श्रेणी की प्रविष्टि गाफले (स्काम) ने दर्शकों का काफी ध्यान खींचा।


स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. श्रम और रोजगार राज्य मंत्री हरीश रावत ने कहा है कि भारत के महापंजीयक द्वारा कराई गई जनगणना ही कामकाजी बच्चों की संख्या संबंधी सूचना का एकमात्र स्रोत है। जनगणना 2001 के अनुसार देश में कामकाजी बच्चों की संख्या 1.26 करोड़ है।

आज राज्य सभा में एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि सरकार, बाल श्रम के सभी स्वरूपों के उन्मूलन के लिए प्रतिबध्द है। सरकर ने कामकाजी बच्चों को कार्य से हटाने और पुनर्वासित करने के लिए जोखिमकारी व्यवसायों/प्रक्रियाओं में कार्यरत बच्चों से प्रारम्भ करके और बाद में अन्य व्यवसायों में कार्यरत बच्चों को कवर करते हुए एक क्रमिक तथा आनुक्रमिक दृष्टिकोण अंगीकार किया है। जोखिमकारी सूची में शामिल किए गए व्यवसायों और प्रक्रियाओं की संख्या की समय-समय पर समीक्षा की जाती है तथा वर्तमान में 16 व्यवसायों और 65 प्रक्रियाओं को कवर करने के लिए इनका विस्तार किया गया है । इस दिशा में, सरकार देश के 271 जिलों में राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना (एनसीएलपी) स्कीम क्रियान्वित कर रही है। इस स्कीम के अंतर्गत, कार्य से हटाए गए बच्चों को विशेष स्कूलों में दाखिला दिलाया जाता है जहां उन्हें ब्रिजिंग शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति, पोषाहार और स्वास्थ्य देख-रेख सुविधाएं आदि उपलब्ध करवाई जाती हैं।


स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बेटियों के प्रति दृष्टिकोण में व्यापक परितर्वन के लिए आज यहां 'दहेज के खिलाफ बेटियां' अभियान का शुभारंभ किया।

दहेज के कारण महिलाओं के उत्पीड़न की बढती घटनाओं पर चिंता प्रकट करते हुए केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने कहा कि केवल कानून से ही दहेज की इस कुप्रथा से मुक्ति नहीं मिल सकती, बल्कि इस कुरीति के खिलाफ लड़ाई के वास्ते नागरिक समाज को व्यापक जन अभियान के लिए भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत स्कूलों की लड़कियों में दहेज के खिलाफ संघर्ष की भावना पैदा की जाएगी जो न केवल हर तरह के दहेज के खिलाफ संकल्प लेंगी बल्कि अपने मात-पिता को इस मुद्दे पर जागरूक करेंगी।

इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री पी.चिदम्बरम ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के विरूध्द हिंसा बिल्कुल अनुचित और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि समाज के पढे लिखे और शिक्षित तबके को आगे आकर इसके खात्मे के लिए सक्रिय प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि समाज दहेज प्रथा के अंत के लिए 'विवाह' के संबंध में नये विचार विकसित कर सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई पीढ़ी ख़ासकर लड़कियां दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ संघर्ष छेड़ेंगी।

इस अवसर पर करीब 500 लड़कियों को उनके शिक्षकों के साथ इस कुरीति के खिलाफ जागरूक बनाया गया। उन्हें दहेज रोकथाम अधिनियम के क्रियान्वयन के तौर तरीके बताए गए। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। मंत्री बाल विवाह के रोकथाम पर एक पुस्तिका भी जारी की गई.


स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि सभी मत्रालयों और विभागों को अनुदेश जारी किए गए हैं कि सभी भर्ती बोर्ड 10 रिक्तियों से अधिक पदों के लिए अनिवार्य रूप से एक महिला सदस्य को भर्ती करेंगे.

आज लोक सभा में एक सवाल के जवाब में चव्हाण ने बताया सभी मंत्रालयों/विभागों को अनुदेश जारी किए गए हैं कि सभी भर्ती विज्ञापनों में एक संदेश होगा कि सरकार ऐसे कार्यबल के लिए प्रयास करती है जिसमें लैंगिक संतुलन परिलक्षित होता हो तथा महिला अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. उन्होंने बताया कि सीधी भर्ती विभागीय प्रतियोगी परीक्षाओं/साक्षात्कार द्वारा सीधी भर्ती में संघ लोक सेवा आयोग कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संचालित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महिला अभ्यर्थियों को शुल्क के भुगतान से छूट प्रदान की गई है.

उन्होंने बताया कि उपलब्ध आंकड़े केन्द्रीय सरकारी सेवा में महिलाओं की भर्ती में कोई कमी नही दर्शाते हैं. सरकार केन्द्रीय सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भर्ती को बढ़ाने तथा सरकारी सेवा में महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं एवं रियायतों में सुधार करने के लिए कई उपाय कर रही है.



स्टार न्यूज़ एजेंसी
पणजी (गोवा). सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री चौधरी मोहन जतुवा ने आज यहां भारत के 40वें अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव में असमिया सिनेमा के प्लेटिनम जयंती समारोह का शुभारंभ किया. इस मौक़े पर असमिया की पहली बोलती फिल्म (टॉकी), जॉयमोति, का उदघाटन फिल्म के रूप में प्रदर्शन किया गया. असमिया सिनेमा के 75 वर्षों के सफर को दिखाने वाली लघु फिल्म भी इस अवसर पर दिखाई गई.

इस अवसर पर जानी-मानी फिल्मी हस्ती और राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम के अध्यक्ष ओमपुरी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे. असमिया सिनेमा की विख्यात अभिनेत्री ज्ञानदा काकोति, जाने-माने निर्देशक जाह्नु बरूआ, नयन प्रसाद, बितोपन बोरबोरा, सांत्वना बोरदोलोई और सुविख्यात अभिनेत्री बिद्या राव भी प्लेटिनम जयंती समारोह में उपस्थित थीं.

भारत के 40वें अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव में असमिया फिल्म उद्योग की विकास यात्रा को दर्शाने वाली 5 फिल्मों - जॉयमोति (निर्देशक: ज्योति प्रसाद अग्रवाल), अग्निस्नान (निर्देशक: बी.एन सैकिया), हलोधिया चोराये बोओधन खाये (निर्देशक:जाह्नु बरूआ), गंगा चिलोने पांखी (निर्देशक: पद्म बरूआ) और आई कोट नाई (निर्देशक: मंजू बोरा) - का प्रदर्शन किया जा रहा है.

इससे पहले संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए असम सरकार के सांस्कृतिक मामलों के सचिव स्वप्निल बरूआ ने कहा कि राज्य सरकार असम में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि गोवाहाटी के बाहरी इलाके में एक फिल्म सिटी विकसित की जा रही है और ज्योति चित्रबन फिल्म स्टूडियो परिसर अगले वर्ष दिसम्बर तक तैयार हो जाएगा.


सीने में जलन आंखों में तूफ़ान सा क्यूं है
इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यूं है

दिल है तो धड़कने का बहाना कोई ढूंडे
पत्थर की तरह बे-हिस-व-बेजान-सा क्यूं है

तन्हाई की यह कौन-सी मंज़िल है रफ़ीक़ो
ता हददे-नज़र एक बयाबान-सा क्यूं है

हम ने तो कोई बात निकाली नही ग़म की
वह ज़ूद-ए-पशीमान, पशीमान-सा क्यूं है
-शहरयार

लालू


"लालू जी अमेरिका गए
वहां के मंत्री के घर देखा .... .....आलीशान
बोले ...... ......इतनी कम पे में ऐसी कोठी कैसे
.........उसने खिड़की खोली बोला ...सामने पुल देख रहे हो ......50% कमीशन
.........अगले साल वो मंत्री लालू जी से मिलने भारत आया
लालू जी ने अपना महल दिखाया .............
वो बोला इतने गरीब बिहार में आइस्सा शानदार महल .......कैसे
लालू जी उसको छत पर ले गए .............वो नेशनल हाई वे देख रहे हो ...
मंत्री बोला कहां है? दिखाई नहीं दिया
लालू जी--------------100 % .........................."
-विजय अरोरा

बच्चा अगर मिट्टी खाता है तो क्या करें...
बच्चे को डाइनिंग टेबल पर आराम से बैठाएं...एक प्लेट में मिट्टी डाले और चम्मच के साथ उसे खाने के लिए पेश करें...साथ ही कहें...बेटा जितनी मर्जी मिट्टी खाओ लेकिन मैनर्स के साथ...फिर देखिए बच्चा मिट्टी के पास कभी फटकेगा भी नहीं....
-विजय अरोरा



ग़ज़ल
जब कभी शम्मां जले, तो देखिये,
कुछ पता अपना चले, तो देखिये,

किस तरह, हम किसलिए बेचैन हैं?
शाम को सूरज ढले, तो देखिये !

सिर्फ दरवाज़े पे दस्तक न करें,
जब इमारत भी हिले, तो देखिये !

झूमता है किस कदर मगरूर सा,
फूल जो पूरा खिले, तो देखिये !

रह गई हैं क्या अधूरी हसरतें,
मौत रस्ते में मिले, तो देखिये !

हाथ में चाकू या खंज़र तो नहीं,
दोस्त मिलता है गले, तो देखिये !

जा रहे हैं अलविदा, ऐ दोस्तो,
हों अगर शिक़वे-गिले, तो देखिये !
-अतुल मिश्र


ओबामा ख़फ़ा !
रोज-रोज का नाटक है यह, छोड़ें, इसको करें दफ़ा !!

लिब्रहान-रिपोर्ट संसद में पेश हुई !
देख लेना, फावड़ा बन जाएगी यह भी सुई !!

ड्रोन विमान !
चूहे तक तो मार चुका है, मिला नहीं असली सामान !!

राजनीतिज्ञ और अपराधी !
मुल्क लूटने में दोनों ने, अपनी-अपनी उम्र लगा दी !!

बहिष्कार जारी !
काम निजी है या सरकारी ??

अवैध फड़ों के नाम !
नगर-निगम के पेश सलाम !!

बिजली-पानी !
जाने को आते हैं जब भी, होती लोगों को हैरानी !!

निष्कर्ष !
काश्मीर पर वार्ताओं का, निकले, तो कुछ होगा हर्ष !!

पुरस्कार !
कैसे मिलता, पैसे कम पहुंचे इस बार !!

धमकी !
ऐसे नेतागर्दी चमकी ??

लालू-पासवान !
बैल और भैंसे ने मिलकर, खोली अपनी अलग दुकान ??
-अतुल मिश्र


स्टार न्यूज़ एजेंसी
रांची (झारखंड). छिटपुट घटनाओं के बीच झारखंड विधानसभा की 81 में से 26 विधानसभा सीटों पर आज मतदान हो रहा है. जमशेदपुर में कई मतदान केंद्रों पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.

बताया जा रहा है कि जमशेदपुर में बूथ संख्या 75 और 76 पर भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच झड़प हुई है. इसके बाद पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा. इतना ही नहीं पहले चरण के चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के कुल 100 से भी ज़्यादा मामले सामने आए हैं. हालांकि मतदान के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. शांतिपूर्ण मतदान के लिए क़रीब 40,000 सुरक्षा बलों और चार हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया है.

गौरतलब है कि पहले चरण में राज्य की कुल 26 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं. इन सीटों पर कुल 470 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनमें से 194 निर्दलीय हैं. इस चुनाव में 34 महिलाएं भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं. विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए कुल 8,176 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. मालूम हो कि राज्य में पांच चरणों वाले विधानसभा चुनाव 18 दिसंबर को संपन्न होंगे. मतगणना 23 दिसंबर को होगी.




स्टार न्यूज़ एजेंसी
नोएडा. कम्यूनिटी रेडियो का शुभांरम्भ किया गया नोएडा फिल्म सिटी मारवाह स्टूडियो से। जिसे आप टयून कर सकते है 107.4 पर जहां आपको नए पुराने गानों के साथ शिक्षा से संबधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी. यह कहते हुए संदीप मारवाह ने रेडियो लांच के लिए फिल्म स्टार संजय कपूर, राहुल रॉय व निशा कोठरी को मंच पर आमंत्रित किया। संजय कपूर ने 107.4 लांच करते हुए कहा कि रेडियो एक ऐसा माध्यम है जहां आप एक दूसरे के साथ और ज्यादा जुड़े रह सकते हैं और हो सकता है कि अब हम रेडियो के माध्यम से आपसे ज्यादा मिले। इस अवसर पर संगीतकार साजिद वाजिद को रेडियो 107.4 का ब्रांड अम्बेस्डर बनाया गया। 107.4 के चैयरमेन अक्षय ने बताया कि इसके द्वारा हम अपने शहर की समस्याओं को व नई प्रतिभाओं को आगे लाने और पल पल की खबर देने का प्रयास करेंगे। ज्ञात रहे कि मारवाह स्टूडियो में पिछले तीन दिनों से ग्लोबल डाक्यूमेंट्री फिल्म समारोह को इंटरनेशनल फिल्म एंड टेलीविजन क्लब द्वारा आयोजित किया जा रहा था। तीन दिन के इस समारोह में विश्व भर से आयी डाक्यूमेंट्री फिल्मों का एक जगह पर प्रर्दशन हुआ। इस समारोह में पंकज पाराशर, रजत बड़जात्या, कार्ल बारदोश व बासु चटर्जी, मनोज पाहवा सहित अन्य जानी मानी हस्तियां मौजूद रही।

नोएडा के पहले रेडियो चैनल के लांच होने व फिल्म समारोह के सफल होने पर इंटरनेशनल फिल्म एंड टेलीविजन क्लब के निदेशक संदीप मारवाह ने आए हुए सभी मेहमानों का धन्यवाद दिया और कहा कि इस फिल्मोत्सव ने पूरे दक्षिणी एशिया में अपनी एक पहचान बनाई है। ग्लोबल डाक्यूमेंट्री फिल्मोत्सव में कई विदेशी मेहमान भी शामिल हुए। इस फिल्मोत्सव में दुनिया की कुछ गिनी चुनी व श्रेष्ठ फिल्में दिखाई गई जिसमें दी गार्डन, मालेगांव का सुपरमैन और वी आर टुगैदर, स्माइल पिंकी जैसी फिल्में दिखाई गई। इस समारोह ने न केवल दुनिया भर से सम्मानित व जानी-मानी फिल्मों के प्रर्दशन के लिए एक नया मंच दिया है बल्कि इसने मीडिया, छात्रों व दर्शकों को फिल्म बनाने में निपुण लोगों से रूबरू होने का मौका भी दिया है। रेडियो लांच के अवसर पर छात्रों के आग्रह पर साजिद वाजिद ने गाना भी गाया।


महंगाई !
पिछली सरकारों ने हमको, छोड़ी है बस, यही कमाई !!

शिल्पा शेट्टी की शादी !
बिना घुसे शादी में उसकी, यह लो, हमने न्यूज़ बना दी !!

बिजली पुराने ढर्रे पर !
जैसे व्हिस्की पीने वाला, वापस आ जाए ठर्रे पर !!

प्रवेश-कर !
घर में घुसने से पहले तू, इसका टैक्स अलग से भर !!

असम में दोहरे धमाके !
नेतागण क्या बोल रहे, माइक पे आके ??

मनमानी !
दिल ने जिस मन को समझाया, उसने उसे कहा अज्ञानी !!

सबको है जिसकी तलाश !
दो सौ साल हो गए फिर भी, नहीं मिली है उसकी लाश !!

कारागार में !
अपने ढंग से जीना-मरना, कैदी के अधिकार में !!

शहर से गायब हुए सिक्के !
'सत्यमेव जयते' को लिक्खे ??

गुणगान !
बीस ऐब हों अगर धनी में, शौक उन्हें भाषण में मान !!

रणनीतिक साझेदारी !
रुई ठूंसकर कानों में अब, बात ध्यान से सुनें हमारी !!
-अतुल मिश्र



سٹار نیوز ایجنسی
واشنگٹن (امریکہ): امریکی صدر براک حسین اوباما نے کہا ہے کہ خطے میں امن کے قیام کے لیے پاکستان کا کردار انتہائی اہم ہے،دہشت گردی کے خلاف پاکستان کی کوششیں قابل تحسین ہیں۔واشنگٹن میں بھارتی وزیراعظم من موہن سنگھ سے ملاقات کے بعد نیوز کانفرنس سے خطاب میں صدر اوباما نے کہا کہ امریکا چاہتا ہے کہ پاکستان اور بھارت خطے میں امن کے قیام کے لیے آپس کے تنازعات مل بیٹھ کر حل کریں۔دونوں ممالک میں ترقی کا عمل تیز ہونا چاہئے۔پاک بھارت تنازعات کے حل کی ذمے داری امریکا پر عائد نہیں ہوتی۔ صدر اوباما نے کہا کہ پاک فوج دہشتگردوں کے خلاف کامیاب کارروائی کررہی ہے،جو قابل تحسین ہیں۔امریکی صدر نے کہا کہ بھارت کے ساتھ مل کر معیشت سمیت دیگر شعبوں میں کام کریں گے۔انہوں نے کہا کہ من موہن کے ساتھ بات چیت مفید رہی۔عالمی ایٹمی عدم پھیلاوٴ میں بھارت امریکا سے تعاون کرے گا۔بھارتی وزیراعظم من موہن سنگھ نے نیوز کانفرنس میں کہا کہ دو طرفہ تعلقات مضبوط بنانے میں صدر اوباما کی کوششوں کو سراہتے ہیں۔ من موہن نے امید ظاہر کی کہ دہشتگردی کے خلاف بھارت امریکا تعاون جاری رہے گا۔ انہوں نے کہا کہ عالمی ایٹمی عدم پھیلاوٴ کے لیے بھی امریکا کی کوششوں میں ساتھ دیں گے۔



पानीपत (हरियाणा). सरकार द्वारा बिना आईएमईआई नंबर वाले चायनीज मोबाइलों पर रोक लगाने की बात आते ही शहर में गलत तरीके से इन्हें देने का काम भी चल पड़ा है। इसमें न केवल सरकार को धोखा दिया जा रहा है बल्कि मोबाइलधारकों को भी ठगा जा रहा है। इसलिए यदि आप भी अपने मोबाइल में यह नंबर डलवाने जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि बाजार में डाले जा रहे नकली आईएमईआई नंबर से आपका मोबाइल कुछ ही दिनों में बंद हो सकता है।

दो सौ रुपए में गोरखधंधा
30 नवंबर से बाजार में बिना आईएमईआई नंबर वाले मोबाइल हैंडसेट काम करना बंद कर देंगे। सरकार द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से उठाए गए इस कदम के बाद पानीपत सहित देशभर में इस तरह के लाखों मोबाइल्स में फर्जी तरीके से आईएमईआई नंबर डालने का काम शुरू हो गया है। मात्र दो सौ रुपए में किया जा रहा यह काम कुछ स्थानों पर तो नियम-कानून के अनुसार किया जा रहा है।

लेकिन अधिकांश स्थानों पर यह गलत तरीके से हो रहा है। दूरसंचार विभाग एक डाटाबेस तैयार करता है, जिसमें सभी कंपनियों के आईएमईआई नंबर की जानकारी होती है। इसमें एंट्री के लिए मोबाइल कंपनियों को सरकार को एक निश्चित शुल्क जमा करना होता है। लेकिन शहर में गलत तरीके से जो नंबर डाले जा रहे हैं उसका पूरा पैसे ऐसे करने वालों की जेब में जमा हो रहा है।

कैसे पता करते हैं?
आईएमईआई नंबर जानने के लिए हैंडसेट में *प्तक्६प्त टाइप करना होता है। इससे मोबाइल पर उस हैंडसेट का नंबर डिस्पले होता है। अधिकांशत: यह नंबर हैंडसेट की बॉडी, बैटरी या फिर मोबाइल के पैक पर लिखा रहता है। अगर यह नंबर 15 अंकों से कम का हो तो समझ लीजिए यह नकली है।

क्या है आईएमईआई?
आईएमईआई यानी इंटरनेशनल मोबाइल इक्यूपमेंट आइडेंटिटी। हमारे नाम और पते की तरह की मोबाइल का नाम और पता आईएमईआई के माध्यम से पता चलता है। कंपनी द्वारा बेचे गए प्रत्येक मोबाइल में यह
होता है, जिसकी जानकारी सरकारी डाटाबेस में होती है।

क्यों जरूरी है?
आपका मोबाइल सेट अगर गुम या चोरी हो जाता है तो आईएमईआई नंबर के माध्यम से इसे ट्रेस किया जा सकता है। पुलिस या गुप्तचर एजेंसियों को किसी विशेष व्यक्ति और नंबर को ट्रेस करने के साथ ही उसे पकड़ने के लिए भी आईएमईआई नंबर का पता होना जरूरी होता है। मोबाइल नेटवर्क कंपनियां जरूरी होने पर आईएमईआई नंबर की कॉल आना-जाना ब्लॉक कर देती है।

क्या है इसमें?
आईएमईआई नंबर 15 से 17 डिजिट के बीच होता है। इससे जीएसएम और यूएमटीएस नेटवर्क पर चलने वाले प्रत्येक मोबाइल का डाटाबेस तैयार होता है। मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाय करने वाली प्रत्येक कंपनी के पास आईएमईआई नंबर से चलने वाले मोबाइल का संपूर्ण रिकॉर्ड रहता है। कॉल रिकॉर्ड के साथ ही लोकेशन आदि का पता भी इससे चल जाता है।

सामान्यत: यह AA-BBBBBB-CCCCCC-D/EE के रूप में होता है। AA मोबाइल बॉडी को आइडेंटिफाई करता है। BBBBBB यह टीएसी (टाइप एलोकेशन कोड) को दिखाता है अर्थात् हैंडसेट का कौन-सा मॉडल है। CCCCCC यह मॉडल का सीरियल नंबर बताता है। D यह लुहन अल्गोरिद्म चैक डिजिट को बताता है, जो मोबाइल के सीरियल नंबर को बताता है। EE यह सॉफ्टवेयर को प्रदर्शित करता है।
(साभार दैनिक भास्कर)



स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. देश में स्पीड पोस्ट पासपोर्ट सेवा के लिए डाक विभाग ने पूरे देश में 1154 डाकघरों की पहचान की है.इस स्कीम के अंतर्गत, चुने गए डाकघर पासपोर्ट आवेदन फार्म बेचते हैं, भरे हुए पासपोर्ट आवेदन पत्रों को स्वीकार करते हैं, निर्धारित चेक लिस्ट के आधार पर भरे हुए आवेदन पत्रों की जांच करते हैं, इन्हें पासपोर्ट कार्यालय को अग्रेषित करते हैं और पासपोर्ट कार्यालय द्वारा जारी किए गए पासपोर्ट आवेदकों को वितरित करते हैं।

संचार और सूचना राज्य मंत्री गुरुदास कामत ने आज एक प्रश्न के लिखित उत्तर में लोक सभा को बताया कि नागरिकों को पासपोर्ट प्राप्त करने में मदद करने के लिए विदेश मंत्रालय के सहयोग से 09 मार्च, 2001 को स्पीड पोस्ट पासपोर्ट सेवा शुरू की गई थी।

स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान दुनिया भर में फैले आतंकवाद के केन्द्र बिन्दु के रूप में उभरे हैं। एंटनी ने 'संघर्ष के बदलते आयाम : रूख और अनुक्रिया' विषय पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि दुनियाभर में खासकर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में आतंक की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा, कि हमारे पड़ोस खासकर पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान में पिछले कुछ महीनों में घटी घटनाओं ने दक्षिण एशिया को इस संघर्ष और अस्थिरता का केन्द्र बना दिया है।

उन्होंने कहा कि आज शायद ही ऐसा कोई देश है जो आतंकवाद से प्रभावित न हो और आतंकवाद के खिलाफ मुहिम में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय मुद्दे तो अपनी जगह हैं ही, ऐतिहासिक विवादों, वैचारिक पक्षपात, आर्थिक विषमता, धार्मिक संर्कीणता, ऊर्जा सुरक्षा और जल की कमी कोई कम बड़ी समस्याएं नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक संघर्ष केवल राष्ट्रों के बीच सीमित नहीं हैं बल्कि वह उपराष्ट्रीयताओं, आतंकवादियों, चरमपंथियों, धर्मांधों एवं जातीय हितों तक भी फैल गया है।

परमाणु हथियार आतंकवादियों के हाथों में पहुंचने के खतरे पर चिंता प्रकट करते हुए एंटनी ने कहा कि इस स्थिति के परिणाम अकल्पनीय होंगे। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों को ऐसे तत्वों पर अपनी सर्वोच्चता बनाए रखनी होगी तथा ऐसे खतरों से निपटने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तरों पर सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल बहुत जरूरी है।

स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. भारतीय नौसेना ने सीचेल्स और मॉरीशस के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र की निगरानी के लिए चेतक हेलीकाप्टर और समुद्री कमांडो से लैस युध्दपोत आईएनएस सावित्री को इस नवम्बर से जनवरी 2010 तक के लिए तैनात करने का फैसला किया है। आईएनएस सावित्री सीचेल्स के तटरक्षक बल तथा मॉरीशस के राष्ट्रीय तटरक्षक बल के साथ समन्वय कायम कर अपना यह काम करेगी। युध्दपोत की उपस्थिति समुद्री लूटपाट की घटना को रोकने में मदद करेगा।

पिछले कुछ महीनों में अदन की खाड़ी में समुद्री लूटपाट की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। अदन की खाड़ी और सोमालिया के तटवर्ती इलाकों में विभिन्न देशों के जहाजों को 174 से अधिक बार लूटने का प्रयास किया गया। अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों से जहाजों को बचाने के लिए भारतीय नौसेना ने 23 अक्तूबर, 2008 से लगातार युध्दपोत तैनात कर रखा है। भारतीय नौसेना ने इस काम में अच्छा नाम भी कमाया है।

अदन की खाड़ी में युध्दपोतों की गश्ती बढ़ने और उसके आक्रामक कार्रवाई के बाद समुद्री लुटेरों ने अपनी गतिविधियां सोमालिया के पूर्वी क्षेत्र में स्थानांतरित कर ली है जो सोमालिया बेसिन ओर भारतीय समुद्री क्षेत्र में सीचेल्स तथा मॉरीशस के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र कहलाते हैं। इन समुद्री लुटेरों की वजह से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं वाणिज्य की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित होती है।



स्टार न्यूज़ एजेंसी
पणजी (गोवा). गोवा में चल रहे 40वें भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव- 2009 में आज भारत के राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार की पोस्टर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। इस वर्ष यह प्रदर्शनी वीनस-स्त्रियोचित भूमिकाएं और फिल्में (वीनस दि फैमिनन रोल्स एंड दि रील्स) की विषय-वस्तु पर आधारित है। इस विषय-वस्तु से जुड़े लगभग 350 पोस्टर जीएमसी भवन में प्रदर्शित किए गए हैं।

प्रदर्शनी का उदघाटन करते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव, वी.बी. प्यारेलाल और फिल्म महोत्सव के निदेशक एस.एम. खान ने इस बात पर ध्यान दिलाया कि इससे पहले पोस्टरों का इतना सुन्दर संग्रह तथा पोस्टर बनाने की कला के मूल्यांकन का प्रलेखन एक छत के नीचे पहले कभी नहीं हुआ। इस छत के नीचे सभी दर्शक पोस्टर प्रिन्टिंग के लिए हाथ से रंगों को भरने का कौशल, लिथोग्राफी प्रारूप से लेकर आधुनिक समय की ऑफसेट प्रिन्टिंग तकनीक को देख सकते हैं।

इस अवसर पर 'ट्रेज़र्स ऑफ एनएफएआई' शीर्षक से एनएफएआई की एक पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया। इस पुस्तक में 102 से अधिक चुनिंदा फिल्म पोस्टरों को शामिल किया गया है। इस पुस्तक का मूल्य 1000- रुपए रखा गया है, जो ओल्ड जीएमसी भवन में बिक्री काउंटर पर उपलब्ध है।

40वें भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव -2009 में एनएफएआई 24 नवम्बर, 2009 को कला अकादमी में शाम्भरिक खगोलिका पर एक कार्यक्रम का आयोजन करेगा। शाम्भरिक खगोलिका पूर्व सिनेमा गजट है, जिसमें 1885 के भारत में हाथ से रंग किए गए ग्लास स्लाइड्स प्रदर्शित किए जाएंगे। 27 नवम्बर से 01 दिसम्बर, 2009 तक एनएफएआई कला अकादमी आडिटोरियम में विन्टेज़ म्यूजिकल हिट्स का एक विशेष पैकेज भी प्रस्तुत करेगा, जिसके अन्तर्गत तानसेन (हिन्दी 1943 जयंत देसाई), मीरा (हिन्दी 1945 एलिस आर. डंकन), अन्दाज (हिन्दी 1949 महबूब खान), अनारकली (हिन्दी 1953 नन्दलाल जसवंत लाल) और गूँज उठी शहनाई (1959 विजय भट्ट) आदि की फिल्मों के लोकप्रिय गाने शामिल होंगे।

एनएफएआई गोल्ड खंड में सत्यजित रे निर्देशित फिल्म अपुर संसार (बंगला) और व्ही. शान्ताराम द्वारा निर्देशित दो ऑंखें बारह हाथ (हिन्दी) का प्रदर्शन किया जाएगा। भारत के राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार की स्थापना १९६४ में हुई थी। यह भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय की पुणे स्थित मीडिया इकाई है। देश-विदेश के सिनेमा के क्षेत्र से जुड़े विद्वान और शोधार्थी एक प्रमुख संसाधन केन्द्र के रूप में एनएफएआई की मदद लेते हैं।



स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय ने नई पहल 'सुरक्षित एवं सम्मानजनक पर्यटन' शुरू की है जिससे महिलाओं और बच्चों को पर्यटन के नकारात्मक पहलुओं से बचाने में मदद मिलेगी। देश में संपोषणीय एवं जवाबदेह पर्यटन के वास्ते सभी पर्यटन सेवा प्रदाताओं के लिए आचार संहिता तैयार करने तथा हमारी संस्कृति, मूल्यों और विरासत की सुरक्षा की दिशा में उठाया गया यह एक कदम है।

पर्यटन सचिव सुजीत बनर्जी की अध्यक्षता में सेब द चिल्डेन इंडिया, संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध रोकथाम कार्यालय, इक्विटेबल इंडिया ऑप्शन तथा नेस्ट इंडिया फांउडेशन की यहां हुई एक बैठक में यह पहल शुरू की गई। इसे देश की छवि निखारने तथा अतुल्य भारत अभियान को और महत्त्व प्रदान करने के लिए महत्त्वपूर्ण और जरूरी समझा गया। पर्यटन मंत्रालय इस संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ मिलकर काम करेगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही इस संबंध में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और छह महीने के अंदर आचार संहिता तैयार करने के लिए कार्य योजना तैयार की जाएगी।



स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. बूढ़े लोगों में याददाश्त को बढ़ाने के लिए कम खाने का सुझाव दिया गया है। कैलोरी पर काबू पाने से याददाश्त बढ़ती है और इंसुलिन रुकावट में कमी करने से व इनफ्लेमेशन से भी उम्र संबंधी होने वाली कमी में देरी संभव हो सकती है। याददाश्त को बढ़ाने के लिए खासकर तब जब इसमें कमी होने लगे तो यह अल्झाइमर बीमारी का सूचक होती है और इसका हल्के से लेकर धीरे-धीरे होता है।

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल ने कहा कि इसके लिए लोगों को चाहिए कि वे कम खाएं और वज़न में कमी लाएं। कैलोरी में कमी करके वज़न में कमी ला सकते हैं। उम्र के साथ ही शरीर में ऊर्जा की जरूरत में धीरे धीरे कमी आने लगती है. इससे अगर आप उतनी ही एनर्जी लेते हैं तो निशिचत तौर पर वज़न बढ़ेगा। जो महिलाएं वज़न पर काबू पाने के लिए खाने से परहेज नहीं कर पातीं तो उनमें मध्यम उम्र के दौरान वज़न बढ़ना आम बात है।

बेहतर खाने के टिप्स : देखें कि आप क्या खाते हैं और कितना खाते हैं। अपनी प्लेट पर कम भोजन लें। ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियों का सेवन करें। यूएस फ़ूड पिरामिड ने सुझाव दिया है कि रोजाना पांच बार भोजन लेना चाहिए।

नाइट्रेट से भरपूर खुराक दिल के लिए अच्छी होती है। लोगों को चाहिए कि वे पत्तियों वाली सब्जियों को दो बार गरम न करें। नाइट्रेट से भरपूर भोजन जैसे स्पाइनैक, बीट रूट और लेटयूश से शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड निकलता है जिससे रक्त की नसों को आराम मिलता है। इंडाजसटिड नाइट्रेट को ओरल, लेने से कमनसल बैक्टीरिया नाइट्राइट में कम होकर नाइट्रिक ऑक्साइड हो जाती है। ऐसे भोजन जिनमें नाइट्राइट होता है वे हैं, बेकन, फर्मेंटिड सॉस, हॉट डॉग्स, बोलोग्ना, सलमी, कर्न्ड बीफ, हैम और अन्य उत्पाद जैसे कि भुना गोश्त, मछली और पॉल्ट्री। खुराक में नाइट्रेट से नाइट्राइड में बदलाव से मुंह और पेट के लिए एंटीमाइक्रोबायल फायदे होते हैं। कुछ अध्ययनों में दिखाया गया है कि नाइट्रेट से भरपूर सब्जियां लेने से गैस सम्बंधी समस्या और आंत के कैंसर में भी कमी होती है।

अतुल मिश्र
विभागीय व्यवस्थाओं की वजह से जिन लोगों को रिश्वत मिल नहीं पाती या इसी विभाग के लोगों के नाकारेपन की वजह से वे इसे ले नहीं पाते, उन्हें 'रिश्वत छूना महापाप है', जैसे लफ्ज़ इस्तेमाल करते हुए अक्सर सुना जा सकता है! महापापी बनने की तमाम संभावनाओं के बावजूद, इनकी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं होती! ये लोग अपनी हमेशा कम लगने वाली सैलरी में ही खुश रहने वाले बन जाते हैं! इसके अलावा इन पर भैंस के चारे से अलग कोई और चारा भी नहीं होता! ऐसे लोग 'जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये!' जैसे दोहे अपने कमरे की दीवारों पर टांगकर अपनी तमाम उम्र गुज़ार देते हैं! 'संतोषी सदा सुखी' इन लोगों का तकिया कलाम बन जाता है!

रिश्वत न लेने वालों में एक बड़ा तबका उन लोगों का होता है, जिनके विभाग हैं तो सरकारी ही, मगर जिन्हें लोग इस लायक नहीं समझते कि उन्हें रिश्वत दी जाए! काम जब आसानी से हो जाए तो फिर काहे की रिश्वत? सब कुछ अपने आप ही हो जाना, इन विभागों सहित इसमें कार्यरत कर्मियों का दुर्भाग्य होता है! चाय-पानी का खर्चा भी इन्हें तभी मिल पाता है, जब ये अपनी आंखों में तैरती ख्वाहिशों का पूरी तौर पर प्रदर्शन कर देते हैं कि 'यार, चाय-वाय तो पिलवा ही देते!' आसामी भी बड़े सयाने होते हैं! वे उनकी आंखों की तरफ देखे बिना ही बाहर निकाल लेते हैं, जो कि निहायत शर्मनाक बात मानी जाती है!

कुछ इस किस्म के आसामी भी सरकारी विभागों के चक्कर काटते देखे जा सकते हैं, जो रिटायरमेंट के बाद इसी को अपना काम बना लेते हैं! वे खुद को रिटायर होने का अहसास नहीं होने देते! अपनी पेंशन के लिए भी जब वे सम्बंधित विभाग में जाते हैं, तो कुछ इस नीयत से कि 'यार, ऐसी भी क्या जल्दी है हमारी फाइल निकाल देने की! जब मन आये, तभी निकाल देना! कल फिर आ जाएंगे!' ऐसे लोग वक़्त के साथ चलने वाले होते हैं और रोजाना वक़्त से पहले अपना काम करवाने उक्त ऑफिस में पहुंच जाते हैं! यही इनका मोर्निंगवाक हो जाता है!

हर सरकारी विभाग में कुछ ऐसी फाइलें भी होती हैं, जो काम का बोझ ज़्यादा और उन पर रखे दाम का बोझ कम होने की वजह से कभी नहीं मिल पातीं या अगर मिल भी जाती हैं तो उनमें वे कागज़ नहीं होते, जो काम करवाने के लिहाज़ से निहायत ज़रूरी होते हैं! यहीं आकर लोगों को रिश्वतखोरी की महिमा का पता चलता है कि क्या है? इसके बिना जब पेड़ का पत्ता नहीं हिलता, तो बाबू की तो मज़ाल ही क्या कि वह फ़ाइल निकालने के लिए हिल जाए!


सरफ़राज़ ख़ान
हिसार (हरियाणा). हरियाणा प्रेस कल्ब के तत्वाधान में प्रैस दिवस का आयोजन किया गया जो कि जाट धर्मशाला हिसार में कामरेड सहीराम जौहर के यादगार दिवस के रूप में मनाया गया। समारोह में हरियाणा के सभी जिलों से पत्रकार आए हुए थे। इस कार्यक्रम में मु यातिथि तारा चंद धनवाल को, एडिशनल स्टैंडिंग काऊसिल भारत सरकार एवं क्लब के मु य कानूनी सलाहकार, वशिष्ट अतिथि सतीश भारती थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तारा सिंह थिंड ने की। इस आयोजन में पत्रकारिता के बदलते मापदंड विषय पर चर्चा की गई, जिसमें हरियाणा प्रेस कल्ब एवं लघु समाचार पत्र संघ के अध्यक्ष मान सिंह वर्मा, पी के बंसल जींद, हवा सिंह चेहल हांसी, एवं सूचना एवं जनस पर्क विभाग के संयुक्त निदेशक अरूण जौहर ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

धनवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कामरेड सहीराम जौहर ने अल्पआयु में ही हिसार इलाके के प्रसिध्द स्वतंत्रता सैनानी लाला हरदेव सहाय के अखबार ग्राम सेवक से अपनी पत्रकारिता की यात्रा आरंभ की और जून 1950 में वे अमरयोति के संस्थापक स पादक बने। अमरयोति पत्रिका ने समाज में व्यापक कुरीतियां जैसे बाल विवाह, पर्दा प्रथा, मृत्यु, बोझ व शराब इत्यादि की सेवक के खिलाफ लोगों में एक नई चेतना जागृत की और यह पत्रिका गत 60 वर्षों से हिसार से प्रकाशित हो रही है। जौहर ने अगस्त 1955 में मासिक पत्रिका कर्मयुग का प्रकाशन प्रारंभ किया। हरियाणा के अलग राय बनने के बाद सहीराम ने 1973 में हिंदी सप्ताहिक समाचार पत्र हरियाणा संघ के माध्यम से आम आवाज को बुलंद किया और 86 वर्ष की आयु तक वे निर्भिक, सामाजिक एवं चिंतक पत्रकार की भूमिका निभाते रहे। इस प्रैस दिवस को एक पुण्य दिवस एवं श्री जौहर की स्मृति में मनाने का निर्णय लेते हुए क्लब के प्रधान मान सिंह वर्मा ने इसकी घोषणा की। इस अवसर पर हरियाणा के लोकप्रिय समाचार पत्र गंगापुत्रा टाइ स के संपादक राजेंद्र गुप्ता को पत्रकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं एवं योगदान के लिए प्रथम रायस्तरीय कर्मठ पत्रकार स्व. कामरेड सहीराम जौहर स्मृति अवार्ड, 5100 रुपए की नकद राशि, प्रशस्तिपत्र व शाल देकर स मानित किया।

इस अवसर पर अपनी लेखनी का जौहर दिखाने वाले अन्य प्रैस संवाददाताओं को भी सम्मानित किया गया। समारोह का मंच संचालन यशवंत बादल ने किया। इस समारोह में उपस्थिति को संबोधित करते हुए संघ एवं क्लब के अध्यक्ष मान सिंह वर्मा ने कहा कि आज पत्रकारिता के मतलब बदल गए हैं जहां पहले आम जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए स्वतंत्रता सेनानी समाचार पत्र निकालते थे। उस समय यही आम लोगों तक पहुंचने का सशक्त माध्यम था, परंतु आज पत्रकारिता को एक व्यवसाय के रूप में देखा जाता है। प्रत्येक व्यक्ति रोजी-रोटी कमाने के साथ-साथ प्रशासनिक पकड़ को मजबूत बनाने का जरिया पत्रकारिता को मानता है और इसी लिए पत्रकारिता एक व्यवसायिक रूप ले चुकी है, लेकिन पत्रकारिता का काम समाज को सही व गलत का आइना दिखाना है। समारोह में पत्रकारिता से गहरा नाता रखने वाले स्वर्गीय कामरेड सहीराम जौहर को श्रध्दांजलि अर्पित की और पत्रिकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया गया। इस अवसर पर आईपीएस राजबीर सिंह बैनिवाल, बिंदु शर्मा, सिमरनजीत कौर, राजेश बंसल, राज कुमार सोलंकी, हवा सिंह सैनी, यशवंत सिंह बादल, एसपी शर्मा आदि मौजूद थे।


ओबामा की लोकप्रियता में कमी आई !
शर्म हो गई पानी-पानी, ऐसे कर्म करे क्यों, भाई

अमेरिका से संबंधों को प्राथमिकता !
इसके सिवा अन्य चारा भी, हमको कोई और नहीं दिखता !!

भैंस चुराकर ले गए !
भैंस-सरीखी बीवी को ना, लेने का अहसान दे गए ??

वाहन-चेकिंग अभियान !
वेतन को अधिकार बताकर, इसे इन्कमी ज़रिया मान !!

पेड़ों पर विज्ञापन !
तब वायु में चिपकायेंगे, जब होगा स्थान-समापन !!

गोपनीय जानकारी !
गयी मायके बीवी वापस, समय-पूर्व आ गयी तुम्हारी ??

'प्रदूषण रहित !'
बात बताई गई, मगर यह, करके खारिज गैस सहित !!

छिड़ी गैंगवार !
दस घायल हो गए तुम्हारे, बाकी तुम पर रहे उधार !!

खून-ख़राबे की आशंका !
रपट लिखाने पहुंचा रावण, फूंक-फांक कर खुद ही लंका !!

खलबली !
'माया मैडम' के आने की, अफसरान को पता चली ??
-अतुल मिश्र


मलिक असगर हाशमी
‘पर ख़ाक वहीं पहुंची, जहां से उसका ख़मीर निकाला।’ मुलायम, कल्याण की दोस्ती टूटने और 26/11 की बरसी से चंद रोज कबल आतंकी हमले की साजिश रचने वालों का नाम उजागर होने जैसी दो महत्त्वपूर्ण घटनाओं के नतीजे को एक उर्दू अखबार ने एक पंक्ति में कुछ यूं समेटा है।

मुलायम और कल्याण फिर से ‘मस्जिद राग’ अलापने लगे हैं। एक को मुसलमानों की हमदर्दी चाहिए। दूसरा इसी बहाने आरएसएस व बीजेपी में जगह बनाना चाहता है। समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की कल्याण सिंह से अलहदगी और कल्याण के दोबारा भाजपा में जाने और राम मंदिर निर्माण की इच्छा जताने पर उर्दू प्रेस ने उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।

‘जदीद मरकज’ में हिसाम सिद्दीकी कहते हैं, ‘मुसलमानों के साथ धोखेबाजी और कल्याण सिंह के साथ मिलकर लोध, यादव और दीगर बैकवर्ड क्लॉस को इकट्ठाकर यूपी में भाजपा का विकल्प बनने की चालाकी में सपा और उसके लीडर मुलायक सिंह का बेड़ा गर्क हो गया।’ ‘मुलायम-कल्याण में हनीमून खत्म’, ‘मुलायम बनाम कल्याण’, ‘मुलायम सिंह की मौका परस्ती’, ‘कई रंग कई चेहरे’, ‘कल्याण सिंह की आखरी ख्वाहिश’ वगैरह शीर्षक से छपे संपादकीय में लगभग सभी अखबरों ने पार्टी के संस्थापक सदस्य आजम खान को बाहर का रास्ता दिखाने, अमर सिंह को अधिक तरीजह देने और बाबरी मस्जिद विध्वंस के आरोपी कल्याण सिंह से पींगें बढ़ाने के लिए मुलायम की खिंचाई की है।

अखबार महाराष्ट्र के विधायक अबू आजमी के स्वागत के बहाने उन्हें पार्टी के मुस्लिम लीडर के तौर पर पेश करने को नाकाफी मानते हैं। ‘जदीद खबर’ कहता है, कल्याण और मुलायम जनता को अब बेवकूफ नहीं बना सकते। ‘राष्ट्रीय सहारा’ में जफर आगा ‘आगे-आगे देखिए होता है क्या’ में कहते हैं, मुलायम और लालू प्रसाद यादव ऐसे सूबाई लीडर थे। जिन्होंने किसी भी सूरत में बीजेपी की हिमायत नहीं की। हिन्दुत्त्व सियासत के सख्त मुखालिफ रहे। बाद में उनमें बुराई आ गई।

‘फिर हिदुत्त्व का राग’ में अखबार कहता है। राजनाथ सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद कल्याण सिंह भाजपा में हाशिए पर आ गए थे। इसलिए मुलायम का दामन थामना उनकी मजबूरी हो गई थी। मुलायम ने उनकी चालाकी या तो समझे नहीं या सियासी फायदे की खातिर नए समीकरण बनाने लगे। बाद में इसी समीकरण ने उनका की बत्ती गुल कर दी। विधानसभा सीटों के लिए हुए उप चुनाव में पार्टी को पराजय झेलनी पड़ी।

लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी का एक भी मुस्लिम लीडर नहीं जीत पाया। ‘सियासत’ कहता है,‘ कल्याण मुसलमानों के लिए इंतहाई नाकाबिल-ए-कबूल शख्सियत हैं। बाबरी मस्जिद शहादत ऐसा सदमा है। जिसे हिन्दुस्तानी मुसलमान शायद ही भुला पाए।’ कल्याण को सपा के करीब लाने के विरोध में जब आजम खां के नेतृत्व में मुसलमान सड़क पर उतर आए। तब भी मुलायम ने उनकी भावनाओं की परवाह नहीं की। ‘इंकलाब’ कहता है।

चुनाव के दौरान जब सपा के मंच पर कल्याण को पार्टी की लाल टोपी पहनाकर उनके लिए जिंदाबाद के नारे लगाए गए। तभी मुस्लिम मदताओं ने उन्हें झटका देने का सोंच लिया। मुलायम की लुटिया डुबोने में मुसलमानों की नाराजगी के साथ राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता भी कांग्रेस के काम आई। दूसरी तरफ सरकार ने भी डेविड कोलमेन हेडली और तहव्वुर राणा को भारत लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। मुंबई हमले के साजिशकर्ता हेडली और पाकिस्तानी मूल के कनाडाई गोश्त कारोबारी राणा समझ रहे थे।

हजारों मील दूर बैठकर रचे गए षड्यंत्र से कभी पर्दा नहीं उठ पाएगा। अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीई ने उन्हें दबोचकर आतंकियों के इस भ्रम को तोड़ दिया। अब अपने देश में भी उनके गुथे जाल को तोड़ने की कोशिश हो रही है। जांच में फिल्हाल फिल्म निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट के बेटे राहुल भट्ट, अभिनेता इमरान हाशमी सहित पंद्रह फिल्मी हस्तियों के नाम हेडली को जाने-अनजाने मदद पहुंचाने वालों के तौर पर सामने आए हैं।

‘मुंसिफ’ ने न्यूज एजेंसियों के हवाले से हेडली को एक महत्त्वपूर्ण नंबर उपलब्ध कराने का पाक दूतावास के एक अफसर को दोषी ठहराया है। अखबारों में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। ‘सहाफत’ में एम. अहमद खान ने 26/11 हमले का असली साजिशकर्ता हेडली की जगह तहव्वुर हुसैन राणा को बताया है। समय पर साजिशकर्ताओं का पता नहीं लगाने के लिए खुफिया एजेंसियां भी अखबारों के निशाने पर हैं। एक अखबार ‘हेडली का चक्कर है या घनचक्कर’ में व्यंगात्मक लहजे में कहता है, ‘लश्कर-ए-तैयबा से ओशो आश्रम और ओशो आश्रम से छोटे-मोटे फिल्मी सितारों की जगमगाती दुनिया तक फैले हेडली के तार के चक्कर में खुफिया एजेंसियां घनचक्कर बन गई हैं।’

(लेखक ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े हैं)



स्टार न्यूज़ एजेंसी
पणजी (गोवा). 40वें भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव-2009 के खंड के रूप में प्रेस और मीडिया के लिए आज फिल्मों का पूर्व प्रदर्शन किया जा रहा है। मैक्यूनेज़-1 थिएटर में व्हैन दिस मैन डाइज़, दि फर्स्ट लीप, फिराक, नानम ओरु पेन्न, हाट, दि वीकली बाजार, गभरिचा पॉज, व्हाट इफ और पासंगा फिल्में प्रदर्शित की जा रही हैं। इन फिल्मों के कथासार (सिनॉप्सिस) निम्नानुसार हैं --

व्हैन दिस मैन डाइज़
एक अफसर के जीवन की एकरसता उस दिन भंग हो गई जब उसे एक मृत व्यक्ति की वसीयत का पत्र मिला। चूंकि, अब उसे उस वसीयत के पैसे का एक निश्चित अंश नियमित रूप से मिल रहा था, उसकी रोजाना की जिंदगी और जीवन शैली में बदलाव की झलक साफ दिखाई देने लगी।

दि फर्स्ट लीप
मणिपुरी की पहली फीचर (विशिष्ट) फिल्म मातंगी मणिपुर के कलाकार 37 वर्षों के अन्तराल के पश्चात मिलते हैं । वे दोपहर का भोजन साथ-साथ करते हैं और एक साथ फिल्म देखते हैं तथा नामुमकिन उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए बीत समय में किन कठिनाइयों से गुजरे, उसे याद करते हैं । यह वर्तमान द्वारा अपने भूतकाल (बीते समय) को जानने और अपने बेहतर भविष्य निर्माण की यात्रा है ।

फिराक
यह फिल्म भयावह साम्प्रदायिक दंगों के घटित होने के एक महीने बाद 24 घंटों के भीतर घटने वाली घटनाओं पर आधारित है । यह फिल्म आम आदमी के भावनात्मक बहाव पर आधारित है । यह फिल्म दर्शाती है कि किस प्रकार एक मध्यवर्गीय परिवार की गृहणी दंगा पीड़ित की याचना को अनदेखा कर उसके सामने अपना द्वार बंद कर लेती है और अपने इस अपराध बोध से उबरने के लिए किस तरह संघर्ष करती है । यह फिल्म ऐसे डर व शंकालु माहौल में दो दोस्तों की वफादारी की परीक्षा को दर्शाती है । फिल्म यह भी दर्शाती है कि किस प्रकार कुछ दंगा पीड़ित युवा अपनी असहाय स्थिति और गुस्से की आग से संघर्ष करते हैं । फिल्म में आज के समय के हिंदू-मुस्लिम जोड़े को अपनी पहचान छुपाने की चेष्टा करते हुए भी दिखाया गया है ।

फिल्म में मानव संबंधों पर हिंसा के प्रभाव को दर्शाया गया है । इस फिल्म के कुछ चरित्र दंगा पीड़ित हैं, कुछ दंगाई हैं तो कुछ चरित्र वे हैं जो इन सभी घटनाओं को घटित होते हुए चुपचाप देखते रहते हैं ।

नानम ओरु पेन्न
यह कहानी एक ट्रांसजेन्डर युवती की है, जो अपने कार्य स्थल पर अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्षरत है। इस फिल्म के माध्यम से ट्रांसजेन्डर के प्रति जन-साधारण के बीच व्याप्त पूर्वाग्रहों को दर्शाया गया है। सैल्वी जो ट्रांसजेन्डर है, को एक सॉपऊटवेयर कम्पनी में नौकरी मिलती है। उसे यह महसूस होता है कि संभवत: उसे यह नौकरी योग्यता के अधार पर नहीं बल्कि सहानुभूति के कारण मिली है। उसकी नियुक्ति कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी कार्यक्रम (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पाँसब्लिटी प्रोग्राम) के तहत हुई है। भास्कर उसे अपनी टीम के हिस्से के रूप में स्वीकार नहीं कर पाता। उसके अन्य सहयोगी भी उससे दूरी बनाये रख्ते हैं। इस अपमान को न सह पाने के कारण वह नौकरी छोड़ने का फैसला करती है। उसकी दोस्त जया जो स्वयं भी ट्रांसजेन्डर है, उसे इन चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करती है। उसे ऐसे अवसर मिलते हैं, जब वह अपनी प्रतिभा को दिखा सके। अब वह ऐसे हर अवसर को दोनों हाथों से पकड़ लेना चाहती है। उसकी इन ईमानदार कोशिशों के कारण उसे प्रशंसा मिलती है। उसे नौकरी में पक्का कर दिया जाता है और सभी सहयोगी उसे दिल से स्वीकार कर लेते हैं।

हाट - दि वीकली बाजार
यह प्राचीन प्रथा जिसे नथ प्रथा कहते हैं, पर आधारित फिल्म है, जिसमें यह दिखाया गया है कि यदि एक महिला अपने पति को छोड़ना चाहती है तो उसको हरजाना भरना पड़ता है। यदि हरजाना अदा न किया गया तो ग्रामीणों द्वारा उस महिला को सजा दी जाती है और यह सजा बहुत ही अपमानजनक हो सकती है। यहां तक कि उसे वस्त्रहीन कर पूरे गांव के सामने घुमाया जाता है। दूसरी तरफ यदि कोई पुरुष अपनी पत्नी को छोड़ना चाहता है तो बिना किसी स्पष्टीकरण के वह केवल हरजाना देकर पत्नी को छोड़ सकता है। यह फिल्म एक महिला की कहानी पर आधारित है जिसे ऐसी सजा दी गई थी। संज्ञा की मुलाकात 18वीं शताब्दी से संबंध रखने वाली अम्बिका की आत्मा से होती है जो ऐसे आघात से गुजर चुकी है। उसका उध्दार एक ऐसी महिला में निहित है जो अपनी मर्यादा और साहस को बनाए रखते हुए इस प्रथा के खिलाफ खड़ी होकर संघर्ष कर सके।

गभरिचा पॉज़
किसना एक किसान है जो बड़ी मुश्किल से अपना एक बार का भोजन जुटा पाता है। किन्तु प्रकृति सहित बहुत सारी चीजें उसके खिलाफ हैं। उसकी पत्नी यह मानती है कि गांव के अन्य किसानों की तरह वह भी अपना जीवन समाप्त करने का विचार कर रहा है। वह अपने छ: साल के बेटे को अपने पिता पर लगातार नजर रखने और पिता के व्यवहार में कोई भी अनियमितता होने पर उसे सूचित करने के लिए कहती है। इन सबसे बेखबर किसना, कठिन परिश्रम करता है और वर्षा से प्रार्थना करता है कि वह उसका साथ दे। परन्तु कितने दिनों तक वह अपने प्रयासों के फल की प्राप्ति की प्रतीक्षा कर सकता है?

व्हाट इफ
यह कहानी दूर-दराज के गांव के एक किशोर के सपनों से जुड़ी हुई है । उसके पिता स्टेशन मास्टर हैं । वह सदा अपने आसपास गुजरती हुई रेलगाड़ियों को ध्यान से देखा करता है । एक शाम, स्कूल से घर आते समय वह रेलगाड़ी को आता हुआ देखता है । उसके मस्तिष्क में एक विचार कौंधता है और वह एक छोटा-सा सिक्का पटरी पर रख देता है । गाड़ी उस सिक्के के ऊपर से होती हुई गुजर जाती है । वह सिक्के को उठाकर देखता है कि सिक्का बड़ा और चमकदार बन गया है । इस बात को इस प्रकार प्रतिपादित किया जा सकता है कि वह किशोर स्वयं को भविष्य में ऐसे उद्यमी के रूप में देखना चाहता है जो अधिक धन कमाने के लिए सोच-समझकर निवेश करता है और इस प्रकार अपने धन को बढता हुआ देखता है ।

पासंगा
दस वर्षीय अन्बू का सपना है कि वह बड़ा होकर भारतीय प्रशासनिक सेवा का अफसर बने। उसके पिता ऊंची-ऊंची कामनाएं नहीं करते जबकि उसकी माता ऐशो-आराम का जीवन जीने का सपना देखा करती है। इस बात को लेकर अक्सर उसके माता-पिता के बीच झगड़ा होता है। एक दिन अन्बू के पिता परिवार को लेकर कहीं और जाकर बसने का निर्णय करते हैं। उन्हें लगता है कि संभवत: इससे स्थिति सुधर जाएगी। अन्बू वहां जाकर एक स्कूल में दाखिला लेता है। उनका पड़ोसी उस स्कूल में अध्यापक है। अध्यापक का बेटा जीवा भी उसकी कक्षा में पढता है। वह बहुत ही घमंडी और दूसरों पर धौंस जमाने वाला लड़का है, जबकि अन्बू अपने अध्यापकों एवं सहपाठियों की बहुत इज्जत करता है। इस बात को लेकर जीवा अन्बु के साथ दुश्मनी बना लेता है। उनकी आपसी दुश्मनी से दोनों बच्चों के पिता भी आपस मेकं लड़ पड़ते हैं। इसी बीच अन्बू के चाचा जीवा की बहन के प्यार में पड़ जाते हैं। क्या एक दूसरे के विरोधी अन्बू और जीवा एक दूसरे के संबंधी पाएंगे ?



स्टार न्यूज़ एजेंसी
पणजी (गोवा). 40वां भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव पिंग द्वारा निर्देशित चीनी ऐतिहासिक नाटक फिल्म व्हीट के प्रदर्शन के साथ कल शुरू होगा। यह फिल्म 260 ईसा पूर्व की उस समय की कहानी पर आधारित है, जब चीन किन और झाओ के बीच दशकों तक समाप्त न हो सकने वाली लम्बी और खूनी जंग में फंसा हुआ था । इस चीनी योध्दा की पत्नी ने नगर की सभी महिलाओं को ऐसे समय में शहर की रखवाली के लिए तैनात कर दिया था, जब वहां के सभी पुरुष युध्द के मैदान में लड़ने गए हुए थे।

पिंग का जन्म शंघाई, चीन में हुआ था। उनकी शुरूआती फिल्मों में कावाशिमा योशिको (1989), रेड फायरक्रेकर, ग्रीन फायरक्रेकर (1994), दि स्वाड्र्समेन इन डबल पऊलैग टाउन (1991), सन वैली (1995) और वैरियर्स ऑफ हैवन एन्ड अर्थ (2004) शामिल हैं। व्हीट (2009) उनकी नवीनतम फिल्म है।

इस फिल्म का छायांकन भी ही पिंग द्वारा किया गया है। फिल्म का संगीत ल्यू ज़िग द्वारा दिया गया है। फिल्म का छायांकन झाओ क्जिओशि द्वारा किया गया है, जबकि वांग चांग्रुई द्वारा ध्वनि प्रभाव दिया गया है। फिल्म का संपादन पिंक एच.द्वारा किया गया है तथा फैन बिंनबिंग, ह्यूआंग ज्वे, डु ज़ियेइ इस फिल्म के मुख्य कलाकारों की भूमिका में हैं।



आफ़ताब मियां
नई दिल्ली. विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा द्वारा चलाये जा रहे गौ रक्षा हेतु हस्ताक्षर अभियान के अंतर्गत विहिप कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के मंदिरों में व्यापक जन संपर्क कर हजारों श्रद्धालुओं के हस्ताक्षर करवाए। दिल्ली के सभी प्रमुख मंदिरों में यह हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं जिन्हें आगामी इकत्तीस जनवरी को भारत की राष्ट्रपति को सौंपा जाना है।

दक्षिणी दिल्ली के ईस्ट ऑफ़ कैलाश स्थित इस्कोन मंदिर में इस अभियान का हस्ताक्षर पुस्तिका पर स्वयं हस्ताक्षर कर प्रारम्भ करते हुए इस्कोन मंदिर के प्रधान मोहन रूपा प्रभु ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के इस देश गौ माता की वर्तमान स्थिति दिखी नहीं जाती है। विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान अनुकरणीय है। हम समस्त देशवासियों को गौ रक्षार्थ जुटना होगा।

आज सुबह विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा के दक्षिणी दिल्ली के संयोजक नंद किशोर शर्मा के नेत्रत्व में एक प्रतिनिधि मंडल इस्कॉन से मिला। जिसने यात्रा द्वारा गौ और ग्राम विकास के संदर्भ में किए गए अभी तक के प्रयासों से उन्हें अवगत कराया। प्रतिनिधि मंडल में विहिप दिल्ली के संगठन मंत्री करुणा प्रकाश, मीडिया प्रमुख विनोद बंसल, जिला मंत्री अजय गुप्ता व जिला उपाध्यक्ष अनिल चतुर्वेदी तथा समाज सेवी मनीष गुप्ता व प्रकाश मिश्र सामिल थे।

हस्ताक्षर पुस्तिका में मंदिर के उप-प्रधान महामंत्र दास प्रभु, राधा दामोदर दास प्रभु व मीडिया प्रभारी ब्रिजेन्द्र नंदन दास प्रभु सहित अनेक गणमान्य लोगों ने हस्ताक्षर किए। समस्त श्रद्धालुओं के हस्ताक्षर हेतु पुस्तिका आगामी आठ दिसम्बर तक इस्कॉन मंदिर में उपलब्ध रहेगी।

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4 सितंबर 2010, शनिवार, 13 भाद्रपद (सौर) शक 1932, भाद्रपद मास 20 प्रविष्टे 2067, 24 रमज़ान सन हिजरी 1431, भाद्रपदा कृष्ण दशमी प्रात: 8 बजकर 14 मिनट तक उपरान्त एकादशी, आद्रा नक्षत्र मघ्यान्ह 12 बजकर 33 मिनट तक तदनन्तर पुनर्वसु नक्षत्र, व्यतीपात योग रात्रि 2 बजकर 46 मिनट तक तदनन्तर वरीयान योग,विष्टि(भद्रा) करण प्रात: 8 बजकर 14 मिनट तक,चन्दमा रात्रि 5 बजकर 21मिनट तक मिथुन राशि में तदनन्तर कर्क राशि में. जया एकादशी व्रत स्मार्त। पर्युषण पर्वारम्भ (जैन) चतुर्थी पक्ष। सूर्य दक्षिणायन। सूर्य उत्तर गोल। वर्षा ऋतु। प्रात: 9 बजे से प्रात: 10 बजकर 30 मिनट तक राहु काल. सूर्य : सिंह राशि में, चंद्रमा : मिथुन राशि में, बुध : सिंह (वक्री) राशि में, शुक्र : तुला राशि में, मंगल : कन्या राशि में, वृहस्पति : मीन (वक्री) राशि में, शनि : कन्या राशि में, राहु : धनु राशि में, केतु : मिथुन राशि में (ज्योतिषाचार्य वेदप्रकाश जाबाली)

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