मेरा महबूब
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नाम : बहारों का मौसम
तअरुफ़ : मेरा महबूब
ज़बान : शहद से शीरी
लहजा : झड़ते फूल
पता : फूलों की वादियां
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मौसम में बदलाव !
अब ग़रीब लोगों को कम्बल, बांटें, गिरे हुए हैं भाव !!
भारतीय युवकों पर हमले !
हमले से बोलो, कि थम ले !!
गर्मी की दस्तक !
घूम गया सर्दी का मस्तक ??
व्यापारी को धुनकर लूटा !
उसकी इनकम सुनकर लूटा ??
जागो, ग्राहक जागो !
जेब कटे, इससे ही पहले, तुम दुकान से उठकर भागो !!
सरकारी कर्मी !
जेबों में रखते रोज़ाना, ऊपर की इनकम की गर्मी !!
रिक्शा-चालक !
पुलिस-बेंत इनके संचालक !!
फंदा !
अपने फंदे में फंसकर अब, चीख रहा है, मूरख बंदा !!
दबंग ने धुना !
अपने से कमज़ोर चुना ??
शिकंजा !
कसने से पहले तू शातिर, किसी चील जैसा भी बन जा !!
कवायद !
देखो, शुरू करेंगे, शायद !!
-अतुल मिश्र
अब ग़रीब लोगों को कम्बल, बांटें, गिरे हुए हैं भाव !!
भारतीय युवकों पर हमले !
हमले से बोलो, कि थम ले !!
गर्मी की दस्तक !
घूम गया सर्दी का मस्तक ??
व्यापारी को धुनकर लूटा !
उसकी इनकम सुनकर लूटा ??
जागो, ग्राहक जागो !
जेब कटे, इससे ही पहले, तुम दुकान से उठकर भागो !!
सरकारी कर्मी !
जेबों में रखते रोज़ाना, ऊपर की इनकम की गर्मी !!
रिक्शा-चालक !
पुलिस-बेंत इनके संचालक !!
फंदा !
अपने फंदे में फंसकर अब, चीख रहा है, मूरख बंदा !!
दबंग ने धुना !
अपने से कमज़ोर चुना ??
शिकंजा !
कसने से पहले तू शातिर, किसी चील जैसा भी बन जा !!
कवायद !
देखो, शुरू करेंगे, शायद !!
-अतुल मिश्र
स्टार न्यूज़ एजेंसी
चंडीगढ़. कांग्रेस पार्टी के संगठन चुनावों के मद्देनजर आज हरियाणा के प्रदेश पार्टी संगठन के चुनाव के बारे में हरियाणा भवन में एक सभा हुई, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूल चंद मुलाना, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सचिव और हरियाणा के प्रभारी हनुमंत राव, कांग्रेस के प्रदेश रिटर्निग आफिसर राजू भाई परमार, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, हरियाणा के मंत्री, सांसद, विधायक,जिला कांग्रेस के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मुलाना ने बताया कि पार्टी संगठन के चुनाव के सिलसिले में 2008 से सदस्यता अभियान चलाया गया था। प्रत्येक बूथ के लिहाज से कम से कम 25 सदस्य बनाये जाने जरूरी हैं। राजू परमार ने स्पष्ट किया कि पार्टी के संविधान के अनुसार कम से कम प्रत्येक बूथ के लिए 25 सदस्य होने जरूरी हैं। यह काम 31 जनवरी तक पूरा होना था। सभा में मौजूद कांग्रेस जनों ने जब इसके लिए कुछ और समय मांगा तो परमार ने 10 दिन का समय और देने की बात मान ली।
हनुमंत राव ने कहा कि जिला स्तर और प्रदेश स्तर पर जल्दी चुनाव पूरे होने चाहिये, क्योंकि इसके बाद अखिल भारतीय स्तर पर पार्टी संगठन के चुनाव होने हैं और हम चाहते हैं कि सोनिया गांधी को फिर से पार्टी अध्यक्ष बना कर कांग्रेस पार्टी को मजबूत करें। राव ने कहा कि इस बार नया सिस्टम शुरू किया गया है। फार्म पर प्रत्येक सदस्य का फोटो होगा और हर बूथ के सदस्यों की सीडी बनेगी।
मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने पार्टी संगठन के चुनावों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि संगठन पार्टी की ताकत है और कार्यकर्ता रीढ़ की हड्डी है। अच्छे वर्करों को आगे आने का मौका मिलना चाहिये। हुड्डा ने कहा कि जितने फार्म चाहिये प्रदेश कार्यालय से मिल जाएंगे। जो भी फार्म भरना चाहता है, उसे भरने दो, रोको मत। हरियाणा से सबसे ज्यादा भर्ती होनी चाहिये।
उन्होंने कहा कि आज महात्मा गांधी का शहीदी दिवस है। हम सभी उन्हें नमन करते हैं। उन्होंने ग्राम स्वराज का सपना देखा था, जिसमें कोई भूखा ना रहे, सबके पास छत हो। हमें इस सपने को पूरा करने के लिए काम करना है। आज रविदास जयंती भी है, रविदास जी ने भाईचारे का संदेश दिया। समाज के सभी वर्गो के बीच भाईचारा कायम रखकर ही हम देश को मजबूत बना सकते हैं।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
अंबाला (हरियाणा). हरियाणा पुलिस में जल्द ही 800 और महिला सिपाहियों की भर्ती की जाएगी। प्रशासनिक संतुलन बनाये रखने के उद्देश्य से पुलिस की होने वाली सभी भर्तियों में 10 प्रतिशत पद महिला सिपाहियों के लिये आरक्षित किये गये हैं।
यह जानकारी हरियाणा के पुलिस महानिदेशक रंजीव दलाल ने आज अम्बाला छावनी में राजकीय रेलवे पुलिस थाना व बैरक के निर्माण कार्यों का शिलान्यास करने के बाद दी. गौरतलब है कि रेलवे मंत्रालय द्वारा पुलिस थाना भवन का निर्माण 50 लाख रुपए तथा यहां बनाये जा रहे बैरकों का निर्माण 25 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा।
उन्होंने यह कहा कि गत 25 वर्षों में हरियाणा में महिला पुलिस की संख्या केवल 1300 थी और गत 3 वर्षों में 2000 अतिरिक्त महिला सिपाहियों को भर्ती किया जाना हरियाणा सरकार की विशेष उपलब्धि है। उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह जनता की समस्याओं को सुलझाने के प्रति और अधिक संवेदनशीलता बरतते हुए थाने में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ बेहतर व्यवहार करें। उन्होंने पुलिस और रेलवे में बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि दोनों विभागों के संयुक्त प्रयासों से प्रतिवर्ष रेलवे ट्रैक पर होने वाली दुर्घटनाओं व आत्महत्याओं में कमी लाने तथा इस तरह के मामलों के निपटान में भी सहयोग और बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होने इस थाने के नवनिर्माण में अम्बाला रेल मंडल के डिवीजनल रेलवे मैनेजर एच.के. जग्गी के व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना की। दलाल ने अम्बाला में पड़ाव थाना के नवनिर्माण के लिये भी जिला पुलिस अधीक्षक को प्राथमिकता के आधार पर प्रयास करने के निर्देश दिये।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि हरियाणा पुलिस द्वारा राजकीय रेलवे पुलिस को मजबूत बनाने के लिये अपने स्तर पर सभी संभव प्रयास किये जा रहे हैं और इस क्षेत्र में कुछ परियोजनाएं रेलवे मंत्रालय को भी भिजवाई गई हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे आतंकवादियों के निशाने पर रहती है इसलिये सरकार द्वारा इस पुलिस बल को और मजबूत बनाने के कार्य को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा में आम आदमी की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये रेलवे वार्डन योजना भी केवल हरियाणा में ही आरंभ की गई है। रेलवे सुरक्षा में इसके बेहतर परिणामों को देखते हुए पहले चरण में अम्बाला और करनाल में यह प्रयोग आरंभ किया जा चुका है और शीघ्र की प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसे शीघ्र ही आरंभ किया जाएगा।
प्रदेश में महिला थानों की स्थापना के बारे में मीडिया द्वारा पूछे गये प्रश् में उन्होने कहा कि इस तरह के थानों की जिस क्षेत्र में आवश्यकता महसूस की जा रही है, वहां प्राथमिकता के आधार पर यह थाने बनाये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि सोनीपत में महिला विश्वविद्यालय होने के कारण इस तरह के थाने की स्थापना पहले ही की जा चुकी है।
इस अवसर पर रेलवे के डी आर एम एच.के. जग्गी ने कहा कि आज दलाल ने राजकीय पुलिस थाने के शिलान्यास के साथ ही भारतीय रेल और राजकीय रेलवे पुलिस, हरियाणा के बीच उभरते नये रिश्तों की बुनियाद भी डाल दी है, जिसके आगे चलकर और अच्छे परिणाम सामने आयेगें। हरियाणा में जिस तरह का रेलवे और राजकीय पुलिस का तालमेल है, ऐसा अन्य क्षेत्रों में बहुत कम देखने को मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे द्वारा अपराध को रोकने के लिये रेलवे स्टेशनों की सीसीटीवी कैमरों का प्रयोग केवल रेलवे सुरक्षा बलों तक ही सीमित रखा गया था, लेकिन दलाल के प्रयासों से अब राजकीय रेलवे पुलिस हरियाणा भी इन कैमरों के माध्यम से अपराधियों पर नजर रख रही है।
इस अवसर पर अम्बाला रेंज के आई जी के.के . सिन्धू, राजकीय रेलवे पुलिस के आई जी के. के. मिश्रा, रेलवे पुलिस अधीक्षक चारू बाली, अम्बाला पुलिस अधीक्षक भारती अरोड़ा तथा रेलवे सुरक्षा बल अम्बाला के आदेशक एस. जैड. खान के अतिरिक्त सभी दूसरे पुलिस व रेलवे अधिकारी तथा रेलवे वार्डन भी मौजूद थे।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
कैथल (हरियाणा). चीनी मिल ने जिले में गन्ने का रकबा 3500 एकड़ से बढ़ाकर 10000 एकड़ करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे गन्ने की पैदावार में बढ़ोतरी से मंहगाई पर काबू पाया जा सकेगा।
जिले गांव सीवन के किसानों ने जिला भर में सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में खूब नाम कमाया है, क्योंकि यहां के अधिकतर प्रगतिशील किसान आलू व अन्य सब्जियों की खेती कर रहे हैं। इन किसानों की आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत करने व गन्ने का रकबा बढ़ाने के लिए कैथल चीनी मिल द्वारा इन सब्जी उत्पादक किसानों को गन्ने की मिश्रित खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।
चीनी मिल के प्रबन्ध निदेशक व एस.डी.एम. हवा सिंह पचार ने बताया कि इस अभियान को सीवन बनेगा आदर्श गन्ना गांव का नाम दिया गया है। सीवन गांव को आदर्श गन्ना गांव के रूप में विकसित करने के लिए चीनी मिल के गन्ना विकास निरीक्षक रामपाल सिंह क्योड़क (मोबाइल न. 94168-22124), हरमीत सिंह (मोबाइल न. 94168-33911), गन्ना कामदार सुभाष चन्द (मोबाइल न. 94163-83421) व भूपिन्द्र सिंह सीवन (मोबाइल न. 98965-54073) की एक टीम गठित की गई है। यह टीम किसानों को सब्जियों के साथ-साथ गन्ना बिजाई के लिए प्रेरित करेगी और उन्हें गन्ने का बीज, खाद व दवाई आदि ब्याज मुक्त ऋण व अनुदान पर उपलब्ध करवाएगी।
किसानों को गन्ना बिजाई, खुदाई, बंधाई व छिलाई के लिए मशीन तथा लेबर उपलब्ध करवाने के लिए भी टीम पूरा सहयोग देगी। उन्होंने सीवन क्षेत्र के किसानों का आह्वान किया कि वे आलू की फसल के बाद फरवरी-मार्च के दौरान धनिया, भिंडी, टिंडा, चप्पन कद्दू, मक्का, खीरा, ककड़ी व खरबूजे की फसल के साथ यादा से यादा गन्ना बिजाई करके गन्ने की रिकार्ड पैदावार लेकर यादा से यादा मुनाफा कमाएं।
उन्होंने कहा कि चालू सीजन के दौरान यह पाया गया है कि प्रदेश में गन्ने की प्रति एकड़ बम्पर फसल होने से गन्ना उत्पादक किसानों के वारे-न्यारे हो गए हैं और वे एक लाख रुपए से अधिक की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। हरियाणा में यमुनानगर-शाहबाद क्षेत्र को प्रदेश की गन्ना बैल्ट के रूप में जाना जा रहा है जबकि यहां के किसान गन्ने की फसल के साथ-साथ सब्जियां उगाकर खूब रुपया कमा रहे हैं और उनका जीवन स्तर ऊंचा हो गया है।
इस क्षेत्र के अधिकतर किसान आलू उखाड़ने के बाद गन्ने की रिकार्ड पैदावार लेते हैं, क्योंकि आलू की फसल में यादातर किसान पोटाश खाद का इस्तेमाल करते हैं, जो गन्ने की फसल के लिए रामबाण साबित होती है। कम जमीन में अधिक पैदावार लेना समय की मांग बन गया है। जिले के कुछ किसान मिश्रित खेती तथा फसलों का विविधिकरण अपनाकर न केवल अच्छी आय व उत्पादन ले रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों के लिए अनुकरणीय भी है।
इस दिशा में कार्य करते हुए मिश्रित खेती में रसीना के किसान महेंद्र सिंह ने महारत हासिल की है। उसने चालू सीजन में एक एकड़ में 600 से 800 क्विंटल गन्ने का उत्पादन लिया है। जो यहां के किसानों के लिए अनुसरणीय है। किसानों को चाहिए कि वे गड्डा और ट्रैंचिंग विधि से गन्ने की खेती करके प्रति व्यक्ति आय में वृध्दि करने का काम करें।
मिल के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि उधर, फरवरी माह में कैथल शुगर मिल परिसर में किसानों का सम्मेलन बुलाया जाएगा, जिसमें प्रगतिशील किसानों के साथ-साथ अन्य किसान भी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें किसानों को प्रति एकड़ उत्पादन बढ़ाने बारे गुर भी बताए जाएंगे।
सचिन कुमार जैन
भोपाल (मध्य प्रदेश). पूरे देश-प्रदेश की भांति मंदसौर जिले ने भी पानी के गंभीर संकट को भोगा है, परन्तु इस ऐतिहासिक जिले के समाज ने जल संघर्ष की प्रक्रिया में नये-नये मुकाम हासिल करके अपनी विशेषता को सिद्ध कर दिया है। सूखे – अकाल के दौर में मंदसौर में दो सौ से ज्यादा जल संरक्षण की संरचनाओं का जनभागीदारी से निर्माण किया गया, जबकि एक हजार से ज्यादा जल स्रोतों का जीर्णोद्धार हुआ। करोड़ों रुपये का श्रमदान भी हुआ और पानी की कमी ने पानी की अद्भुद कहानी रची है। मूलतः इस गांव की जलापूर्ति का सबसे बड़ा साधन पास का ही लदुना तालाब रही है, परन्तु यहां जल संकट ने उस वक्त भीषण रूप अख्तियार कर लिया जब यह तालाब पूरी तरह सूखने लगा।
आखिरकार वर्ष के आठ माह इस तालाब के सूखे रहने से गांव में जीवन का संकट उत्पन्न हो गया, क्योंकि जल संबंधी जरूरतों को पूरा करने का यही एक मात्र साधन था। तब पंचायत के मंच से कुंओं के निर्माण के लिये निर्णय लिये गये। सबसे पहले गांव से ही सार्वजनिक भूमि पर ऐसे निर्माण के लिये प्रस्ताव आये। ताकि पेयजल आपूर्ति में आसानी हो सके और ग्रामिणों को ज्यादा दूर न जाना पड़े। इसके बाद यहां कुओं की खुदाई के निजी और पंचायती प्रयास शुरू हुए। परन्तु यह एक आश्चर्यजनक तथ्य ही है कि लदुना में 60 से 100 फीट तक खुदाई करने के बाद भी पांच कुओं में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पायी। तब ग्राम सभा में यह तय किया गया कि वर्ष में अब ज्यादातर समय सूखे रहने वाले तालाब की जमीन पर ही खुदाई करके देखा जाये, शायद जलधारा फूट पड़े। फिर पूरे अनुष्ठानों के साथ पानी की खोज में धरती की गोद की गहराई नापने के प्रयास शुरू हो गये। परन्तु दुर्भाग्यवश इन प्रयासों के भी सार्थक परिणाम नहीं निकले और अस्सी फीट गहराई तक खुदाई करने के बाद प्रयास निरर्थक ही रहे। तब पंचायत के साथ ग्रामीणों ने मिलकर सूखे तालाब के बीचों-बीच एक दांव के रूप में आखिरी प्रयास करने का निश्चय किया और अगले ही दिन काम शुरू हो गया। अब एक ओर हैरत अंगेज घटना का वक्त आ गया था क्योंकि मात्र 27 फीट की गहराई पर ही पानी की भारी उपलब्धता के संकेत मिल गये और अस्तित्व में आई भवाबां की कुईयां।
निश्चित ही इस बार लोगों ने भूमिगत जलधारा को पा लिया था। इसके बाद 37 फीट गहराई तक पहुंचते ही पानी की झिरें तो ऐसे फूट पड़ी मानों वे किसी बंधन से मुक्त हो गई हैं। वास्तव में यह लदुना और पानी की ऐसी मुलाकात थी मानों दोनों कई सालों तक एक-दूसरे से रूठे रहे सम्बन्धी हों उनके हृदय में मिलने की तमन्ना परिपक्व होती रही हो।
यह गांव इस कुईयां के निर्माण की घटना को किसी श्राप से मुक्ति का समारोह मानता है। लदुना कुंएं के सम्बन्ध में ऐसे कई वाकये हैं जिनसे प्रकृति के अचंभित कर देने वाले स्वरूप और चरित्र का प्रमाण मिलता है। यह एकमात्र जल स्रोत आज पांच हजार से ज्यादा की जनसंख्या वाले गांव का पानी की जरूरतों को अकेले पूरा कर रहा है।
वास्तव में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां आदर्श जल चौपाल का नजारा देखने को मिलता और उस जल संघर्ष की ध्वनि तरंग को महसूस ही किया जा सकता है जब गांव के लोग क्रमबद्ध तरीके से समूह में आकर लगभग 30 फीट व्यास वाले कुंए की 41 घिर्रियों के साथ पानी खींचते हैं। निश्चित ही यह कुईयां अपने रूप, संरचना और सामुदायिक उपयोगिता के सन्दर्भ में विश्व का सबसे अनूठा उदाहरण माना जा सकता है। इस कुंईया ने गांव के सारे सामाजिक भेदभाव को भुला दिया है।
लदुना की सरपंच भंवर कुंवर सिसौदिया कहती हैं कि इस बात के कोई मायने नहीं हैं कि कौन किस जाति का है। वे मानती हैं कि मुझे गांव के लोगों ने अपना प्रतिनिधि चुना, और जाति, धर्म या और किसी भी आधार पर भेदभाव करने का मुझे कोई अधिकार नहीं है। हम चाहते थे कि गांव की सूखे की समस्या हल भी हो और पंचायत को हम आदर्श रूप दे सकें। इसी सोच के मद्देनजर लदुना की संकरी गलियों में फर्शीकरण किया गया। ताकि (कुंईया) से पानी के टैंकर लाकर गांव में ही पानी उपलब्ध कराया जा सके। इस पंचायत में यह दावा भी झूठा साबित हुआ है कि पंचायत की महिला प्रतिनिधियों के अधिकारों का उपयोग उनके पति या परिवार के पुरुष सदस्य करते हैं। लदुना पंचायत की महिला सरपंच और पंचों के पति तो इस कार्यकाल में उनके कार्यालय तक ही नहीं गये, बहरहाल उनका सहयोग सदैव मिलता रहा है और मुद्दे की बात तो यह है कि गांव को जीवनदान देने वाले कुंये के निर्माण का निर्णय लेने में महिला पंचायत प्रतिनिधियों की ही सबसे अहम भूमिका रही है।
अब यह ग्रामीण समाज पानी की उपेक्षा नहीं करना चाहता है और जल व्यवस्था बेहतर बने, इसके लिये फिलहाल तीन सूत्रीय सामुदायिक कार्यक्रम यहां लागू हैं :- एक : पानी सुनियोजित और आवश्यकता आधारित उपयोग हमारी जिम्मेदारी है।
दो : कुंओं के आसपास 20 फीट के दायरे में मुरम की परत बिछाई गई, ताकि पानी का जमीन में रिसाव हो सके और गंदगी भी न हो।
तीन : कुंओं, बावड़ियों का रखरखाव हमारी अपनी जिम्मेदारी है। वर्ष के छह महीने इसी जलस्रोत से पूरे गांव की जल आपूर्ति होती है, और अचरज उस वक्त होता है जबकि हर रोज पांच हजार लोगों की जरूरतों को पूरा करके यह कुंइया दो से तीन घंटे में फिर लबालब भर जाता है। जबकि शेष छह माह यह तालाब में पानी होने के कारण लगभग 13 फीट पानी में डूबी रहती है। इसकी मेढ़ पर ग्रामीणों ने एक स्तम्भ भी बनाया है, जो तालाब के जल स्तर की जानकारी देता है। संयोगों की श्रृंखला का अगला बिन्दु यह है कि जब यह तालाब सूख जाता है, तब गांव के किसान इसकी अतिउत्पादक और बेहतरीन कृषि योग्य मिट्टी का उपयोग अपने खेतों को उपजाऊ बनाने में करते हैं। शिक्षक नारायण हरगौड़ मानते हैं कि रासायनिक उर्वरकों के कारण अनुपजाऊ होते खेतों को इस प्राकृतिक चक्र से पुर्नजीवन मिला है। लदुना देशज संस्कृति और पारम्परिक सद्भाव की अब भी एक मिसाल बना हुआ है। कभी सीतामऊ का केन्द्र रहे इस गांव में आज भी बेहतरीन हवेलियां और छोटे महल हैं, जो स्वयं शताब्दियों पहले की जल संरक्षण तकनीकों की कथा बयां करते हैं। लदुना और आस-पास के क्षेत्रों में 30 ऐसी बावड़ियां हैं। जिनका निर्माण दो सौ से ज्यादा वर्ष पूर्व हुआ था परन्तु अब उन्हें खोजना पड़ता है।
प्राचीन ग्रामीण समाज पानी के सन्दर्भ में बहुत व्यावहारिक और ठोस तकनीकी सोच रखता था। वह पानी के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील था। उनके लिए यह उपभोग या व्यवसाय की वस्तु नहीं था बल्कि समाज के जीवन और मानवीय श्रद्धा का मूल आधार था। यही कारण है कि वह ऐसे जल स्रोतों का निर्माण करता था जिनसे न केवल वर्तमान की जरूरतें पूरी हों बल्कि भविष्य के समाज को भी प्यासा न रहना पड़े। उस समाज ने जमीन की ज्यादा गहराई में जाकर भूमिगत जलधाराओं का शोषण करने, उन्हें सुखाने का प्रयास नहीं किया। वह भूजल को चिरकालीन बनाये रखना चाहता था क्योंकि उसका विश्वास था कि – समय पर होने वाली पानी की कमी से निपटने में यह भूमिगत जलस्रोत ही मददगार साबित होंगे और मिट्टी की नमी से किसान अल्पवर्षा में भी फसल ले सकेंगे।
लदुना में बनी सास-बहू की बावड़ी भी उसी मानवीय सामाजिक सोच को प्रतिबिम्बित करती हैं। जिसमें यह विश्वास किया जाता था कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में यथा संभव ऐसे कार्य करने चाहिए जिनसे दूसरों को सुख मिले और उनके कष्टों को कम किया जा सके। इसीलिए हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुरूप ऐसे निर्माण कार्यों की पहल करता था जिससे किसी न किसी को विश्राम और शांति का सुख मिल सके। सास-बहू की बावड़ी का निर्माण भी अब से तीन सौ वर्ष पूर्व एक ग्रामीण महिला द्वारा इसी विश्वास के आधार पर कराया गया था कि लदुना से गुजरने वाले राहगीरों की थकान को कम किया जा सकेगा और उनकी प्यास बुझाई जा सकेगी। सास-बहु की बावड़ी अपने आप में अदभुत कला का नमूना भी है। इसमें पानी की सतह तक पहुंचने के लिए वैज्ञानिक ढंग से सीढ़ियां बनाई गई हैं। जबकि विश्राम करने के लिये भी स्थान निर्धारित किया गया है। ये तमाम निर्माण कार्य किसी बाहरी सहायता या अनुदान से नहीं बल्कि स्वेच्छा से निजी प्रयासों से कराये गये थे। इस बावड़ी की गहराई लगभग एक सौ फीट है, और गांव में 35 इंच वर्षा होने पर यह सौ फीट की बावड़ी पानी से लबालब भरी होती है। आज यह बावड़ी निजी कृषि भूमि के दायरे में है, और इसका उपयोग खेतों की सिंचाई में किया जा रहा है। निश्चित रूप से लदुना के पानी की यह कहानी जहां एक ओर सम्पन्न अतीत से हमारा परिचय कराती है तो वहीं दूसरी और आधुनिक भीषण जल संकट से जूझ रहे समाज के भावों की भी व्याख्या करती है। निष्कर्ष यूं तो स्वयं ही निकालना चाहिए फिर भी लदुना की बावड़ियों को संरक्षित किये जाने की पहल समाज के व्यापक हित में ही होगी।
फ़िरदौस ख़ान
सुप्रीम कोर्ट की उस ऐतिहासिक टिप्पणी से मुस्लिम महिलाओं को काफ़ी राहत मिलेगी, जिसमें कोर्ट ने कहा है कि पहली पत्नी के रहते कोई भी सरकारी कर्मचारी दूसरा विवाह नहीं कर सकता. दरअसल, कोर्ट ने राजस्थान सरकार के उस फ़ैसले को सही क़रार दिया है, जिसमें एक मुस्लिम कर्मचारी लियाक़त अली को दूसरी शादी करने की वजह से नौकरी से बर्ख़ास्त कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया है कि पहली पत्नी के रहते कोई भी सरकारी कर्मचारी दूसरा विवाह नहीं कर सकता. अगर कोई सरकारी कर्मचारी ऐसा करता है तो उसे सरकारी नौकरी से बर्ख़ास्त करना सही है.
क़ाबिले-गौर है कि राजस्थान सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट ने यह फ़ैसला राज्य सरकार के ख़िलाफ़ पुलिस कांस्टेबल लियाक़त अली की विशेष अनुमति याचिका पर दिया है. इससे पहले जस्टिस वी.एस.सिरपुरकर और जस्टिस आफ़ताब आलम की पीठ ने राजस्थान सरकार की इस दलील को मंज़ूर कर लिया कि राजस्थान सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) रूल 1971 के नियम 25 (1) के अनुसार सरकारी कर्मचारी पहली पत्नी के जीवित होते दूसरा विवाह नहीं कर सकता. इस मामले में लियाक़त अली ने दलील दी थी कि उसने अपनी पहली पत्नी फ़रीदा खातून से मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत तलाक़ लेने के बाद मकसूदा खातून से दूसरा निकाह किया है, जबकि जांच में पाया गया कि उसने पहली पत्नी से तलाक़ लिए बिना मकसूदा से दूसरा निकाह किया है.
सुप्रीम कोर्ट ने 1986 के इस प्रकरण में गत 25 जनवरी को विशेष अनुमति याचिका की सुनवाई की. शीर्ष कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बैंच के 2008 के लियाकत अली के ख़िलाफ़ दिए फैसले को बरक़रार रखा और राजस्थान सिविल सर्विसेज 1971 का संदर्भ देते हुए याचिका को ख़ारिज कर दिया. राजस्थान हाईकोर्ट ने भी लियाक़त अली की बर्ख़ास्तगी को सही ठहराया था. राजस्थान के कर्मचारियों के संबंध में बने सेवा नियमों में स्पष्ट है कि सरकारी कर्मचारी पहली पत्नी के जीवित होते हुए दूसरा विवाह नहीं कर सकता. इन नियमों में विवाह के मामले को धर्म से संबंधित नहीं माना गया. यही वजह थी कि सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के नीति निर्देशक तत्वों के संदर्भ में कामन सिविल राइट के मामले में सरकार को कॉमन सिविल कोड बनाने का निर्देश दिया था.
मुस्लिम समाज में महिलाओं की हालत बेहद बदतर है। सच्चर समिति की रिपोर्ट के आंकड़े भी इस बात को साबित करते हैं कि अन्य समुदायों के मुक़ाबले मुस्लिम महिलाएं आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से ख़ासी पिछड़ी हुई हैं. यह एक कड़वी सच्चाई है कि मुस्लिम महिलाओं की बदहाली के लिए 'धार्मिक कारण' काफ़ी हद तक ज़िम्मेदार हैं। इनमें बहुपत्नी विवाह और तलाक़ के मामले मुख्य रूप से शामिल हैं।
बहरहाल, यही कहा जा सकता है कि राजस्थान सरकार का यही नियम अगर देशभर में लागू कर दिया जाए तो मुस्लिम महिलाओं की सामजिक हालत कुछ बेहतर होने की उम्मीद की जा सकती है.
सचिन खरे
भारत माता ने अपने घर में जन-कल्याण का शानदार आंगन बनाया. उसमें शिक्षा की शीतल हवा, स्वास्थ्य का निर्मल नीर, निर्भरता की उर्वर मिट्टी, उन्नति का आकाश, दृढ़ता के पर्वत, आस्था की सलिला, उदारता का समुद्र तथा आत्मीयता की अग्नि का स्पर्श पाकर जीवन के पौधे में प्रेम के पुष्प महक रहे थे.
सिर पर सफ़ेद टोपी लगाए एक बच्चा आया, रंग-बिरंगे पुष्प देखकर ललचाया. पुष्प पर सत्ता की तितली बैठी देखकर उसका मन ललचाया, तितली को पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया, तितली उड़ गई. बच्चा तितली के पीछे दौड़ा, गिरा, रोते हुए रह गया खड़ा.
कुछ देर बाद भगवा वस्त्रधारी दूसरा बच्चा खाकी पैंटवाले मित्र के साथ आया. सरोवर में खिला कमल का पुष्प उसके मन को भाया, मन ललचाया, बिना सोचे कदम बढ़ाया, किनारे लगी काई पर पैर फिसला, गिरा, भीगा और सिर झुकाए वापस लौट गया.
तभी चक्र घुमाता तीसरा बच्चा अनुशासन को तोड़ता, शोर मचाता घर में घुसा और हाथ में हंसिया-हथौड़ा थामे चौथा बच्चा उससे जा भिड़ा. दोनों टकराए, गिरे, कांटें चुभे और वे चोटें सहलाते सिसकने लगे.
हाथी की तरह मोटे, अक्ल के छोटे, कुछ बच्चे एक साथ धमाल मचाते आए, औरों की अनदेखी कर जहाँ मन हुआ वहीं जगह घेरकर हाथ-पैर फैलाए. धक्का-मुक्की में फूल ही नहीं पौधे भी उखाड़ लाए.
कुछ देर बाद भारत माता घर में आईं, कमरे की दुर्दशा देखकर चुप नहीं रह पायीं, दुख के साथ बोलीं- ‘ मत दो झूठी सफाई, मत कहो कि घर की यह दुर्दशा तुमने नहीं तितली ने बनाई. काश तुम तितली को भुला पाते, कांटों को समय रहते देख पाते, मिलजुल कर रह पाते, ख़ुद अपने लिए लड़ने की जगह औरों के लिए कुछ कर पाते तो आदमी बन जाते.
अभी भी समय है, बड़े हो जाओ...
आदमी बन जाओ.
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. कम डोज़ की चार दवाएं एक साथ लेने से उच्च रक्तचाप को बेहतर तरीके से काबू किया जा सकता है, बनिस्बत एक उच्च मात्रा की सिंगल डोज लेने के।
हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल ने एक आयरिश अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि अधिकतर लोग जो उच्च रक्तचाप की गिरफ्त में होते हैं, उनको दो से तीन तरह की एंटीहाइपरटेंसिव ड्रग्स की जरूरत होती है। एक साथ एंटीहाइपरटेंसिव मेडिसिन एक या दो तरह की गोलियां लेना ब्लड प्रेशर को काबू करने के लिए सिंगल डोज़ लेने से बेहतर होता है। अध्ययन में डब्लिन के डॉक्टरों के इस दृष्टिकोण पर 108 लोगों को शामिल किया जो हाइपरटेंसिव के मरीज थे। इनमें एक से चार एजेंट ड्रग्स को दिया गया - एक कैल्शियम चैनल ब्लॉकर, एक बीटा-ब्लॉकर, एक डायरेटिक या एस इनहिबिटर या फिर एक कैप्सूल जिसमें सभी चार ड्रग्स की एक चौथाई डोज़ का इस्तेमाल सिंगल ड्रग थेरेपी के तौर पर लेते हों।
चार हफ्तों के बाद एकसाथ दवा लेने वालों में प्रेशर में कमी 19 प्वाइंट दर्ज की गई जो कि सिंगल डोज़ लेने वालों के 6 से 11 प्वाइंट से कहीं ज्यादा थी। अध्ययन में 60 फीसदी को काम्बिनेशन ड्रग के मरीजों ने सामान्य ब्लड प्रेशर को हासिल कर लिया, जबकि सिंगल ड्रग लेने वालों में रीडिंग 15-45 फीसदी मरीज ही इसे हासिल कर सके। काम्बिनेशन एप्रोच से लागत में कमी आती है जिसके साइड इफैक्ट भी कम होते हैं और रोजाना आप कम दवाएं लेते हैं।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. आर्थिक मामलों की संसदीय समिति ने आज राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) को मंजूरी दे दी है।
एनटीसीपी का प्रमुख उद्देश्य तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन और तम्बाकू के हानिकारक प्रभावों के बारे में व्यापक जागरूकता लाने के लिए राज्योंजिलों की क्षमता को बढ़ाना है। प्रस्तावित एनटीसीपी के मुख्य घटक इस तरह से हैं-
राष्ट्रीय स्तर
- आम जागरूकता जागरूकता फैलाने और व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए मीडिया अभियान।
- सीओटीपीए, 2003 के तहत आवश्यकताओं के अनुसार, तम्बाकू उत्पाद जांच प्रयोगशालाओं की स्थापना, नियामक क्षमता निर्माण।
- एनआरएचएम ढांचे के तहत स्वास्थ्य तंत्र के एक भाग के रूप में कार्यक्रम घटकों को मुख्यधारा में लाना।
- वैकल्पिक फसलों और अन्य क्षेत्रीय मंत्रालयों के साथ अनुसंधान और प्रशिक्षण को मुख्य धारा में लाना।
राज्य स्तर
- स्वास्थ्य और समाजिक कार्यकर्ताओं, गैर सरकारी संस्थाओं, विद्यालय शिक्षकों आदि का प्रशिक्षण।
- स्थानीय आईईसी गतिविधियां
- तम्बाकू रोकने संबंधी सुविधाओं का प्रावधान
- विद्यालय कार्यक्रम
शामिल व्यय
11वीं योजना में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के लए कुल वित्तीय परिव्यय 182 करोड़ रुपए है। एनटीसीपी के कार्यान्वयन से समुदाय में तम्बाकू के उपयोग से होने वाले हानिकारक प्रभावों के संदर्भ में जागरूकता बढ़ेगी। एनटीसीपी के राष्ट्रीय स्तर में संपूर्ण देश शामिल है, जबकि प्रारंभिक चरण में 21 राज्यों के 42 जिलों पर ध्यान दिया जाएगा।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. सरकारी एजेंसियों ने वर्तमान बाजार मौसम में 193.43 लाख टन चावल की है। 28 जनवरी तक चावल के मुकाबले धान की खरीद 193.43 लाख टन थी जो पिछले वर्ष से 5.4 लाख टन कम है।
पंजाब से 92.6 लाख टन, छत्तीसगढ़ से 22.9 लाख टन, उत्तर प्रदेश से 19.94 लाख टन, आंध्र प्रदेश से 19.16 लाख टन और हरियाणा से 18.07 लाख टन चावल प्राप्त हुआ। चावल की मुख्य आवक में सहयोग देने वाले अन्य राज्य ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, केरल, उत्तराखंड तथा महाराष्ट्र हैं।
असलम
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने फरवरी 2010 के लिए 17.91 लाख टन चीनी का कोटा जारी कर दिया है। इसमें लेवी चीनी कोटा 1.94 लाख टन है, जबकि गैर-लेवी चीनी कोटे में सामान्य कोटा-12.00 लाख टन, दिसम्बर, 2009 के दौरान आयातित कच्ची चीनी द्वारा बनाई गई सफेद चीनी 2.97 लाख टन है. चीनी के इस कोटे को फरवरी महीने के दौरान घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है बताया गया है.
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आज ऊर्जा उद्योग से संबध्द कंपनियों से अपील की कि ऊर्जा सुरक्षा प्राप्त करने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्य में अपने बेहतर कार्य और योगदान को जारी रखें। आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ऊर्जा क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करने के अवसर पर उन्होंने अति शीघ्र सभी को बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य को प्राप्त करने के मामले में नए मानदंड स्थापित करने का आहृवान किया। उन्होंने कहा कि पुरस्कारों ने संचालन में महत्तपूर्ण सुधार में मदद की है। हालांकि आने वाले वर्षों में निर्माणाधीन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने में उनका प्रभाव और स्पष्ट परिलक्षित होना आवश्यक है।
बहुत से ताप बिजली केन्द्रो के संयंत्र भार घटक (पीएलएफ) के 90 प्रतिशत से अधिक होने पर संतोष व्यक्त करते हुए मंत्री ने तापीय प्रदर्शन श्रेणी में सभी छह पुरस्कार जीतने के लिए राष्ट्रीय बिजली निगम लिमिटेड की सराहना की। अपने संबोधन में ऊर्जा राज्य मंत्री भरतसिंह सोलंकी ने ग्रामीण वितरण कंपनियों के प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत पहला ऐसा देश है जहां महिलाएं इसमें शामिल हैं और वे न सिर्फ राजस्व एकत्र कर रही है, बल्कि नैटवर्क उपकरणों का रखरखाव भी कर रही हैं।
इससे पूर्व ऊर्जा मंत्रालय के विशेष सचिव अनिल कुमार ने भी जनसभा को संबांधित किया। सीईए के अध्यक्ष राकेश नाथ और ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुधीर कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
अमर सिंह के गुर्दे !
उनका है आरोप, हुए हैं, सिर्फ सपा के कारण मुर्दे !!
संसद में सवाल !
यही पूछने हैं किस हद तक, मुमकिन हैं, कर पायें बवाल !!
नियमों में बदलाव !
किसी नियम को, नियम ना माने, ऐसा निर्मित करें स्वभाव !!
कैदी की मौत से हड़कंप !
दिखला देंगे, चार दिवारी, से नीचे ले ली थी जम्प !!
घटना पर पर्दा डालने का प्रयास !
घटना चाहे कैसी भी हो, परदे के पीछे है ख़ास !!
बिग बी !
अमर सिंह के भैया जी !!
मीडिया !
किसी कांड को बार-बार, दिखलाकर यूं मशहूर किया !!
सुधार !
अगर केंद्र से मिल जाता है, हमें किसी भी तरह उधार !!
हंगामा !
इसके कारण मिल जाता है, रुके हुए वेतन का नामा !!
धुना !
मना ग़नीमत, था दबंग वो, थाने पिटता कई गुना !!
सपा !
देखो, कहीं, किसी कोने में, कोई अमर-वक्तव्य छपा ??
-अतुल मिश्र
उनका है आरोप, हुए हैं, सिर्फ सपा के कारण मुर्दे !!
संसद में सवाल !
यही पूछने हैं किस हद तक, मुमकिन हैं, कर पायें बवाल !!
नियमों में बदलाव !
किसी नियम को, नियम ना माने, ऐसा निर्मित करें स्वभाव !!
कैदी की मौत से हड़कंप !
दिखला देंगे, चार दिवारी, से नीचे ले ली थी जम्प !!
घटना पर पर्दा डालने का प्रयास !
घटना चाहे कैसी भी हो, परदे के पीछे है ख़ास !!
बिग बी !
अमर सिंह के भैया जी !!
मीडिया !
किसी कांड को बार-बार, दिखलाकर यूं मशहूर किया !!
सुधार !
अगर केंद्र से मिल जाता है, हमें किसी भी तरह उधार !!
हंगामा !
इसके कारण मिल जाता है, रुके हुए वेतन का नामा !!
धुना !
मना ग़नीमत, था दबंग वो, थाने पिटता कई गुना !!
सपा !
देखो, कहीं, किसी कोने में, कोई अमर-वक्तव्य छपा ??
-अतुल मिश्र
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. भारतीय डाक विभाग ने हिन्दी फीचर फिल्म रोड टू संगम के साथ स्वयं को सम्बध्द कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रध्दांजलि अर्पित की है। फिल्म रोड टू संगम कुछ वर्षों पूर्व बैंक लॉकर में महात्मा गांधी की चिता की राख की खोज की घटना से प्रेरित है। फिल्म के नायक इलाहाबाद में रहने वाले एक मैकेनिक हस्मतुल्लाह की भूमिका परेश रावल द्वारा निभाई गई है जो अपने शहर में रहने वाले अपने समुदाय के सभी सदस्यों से गांधी की राख संगम तक पहुंचाने की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए कहने हेतु पोस्ट कार्डों का प्रयोग करता हैं।
फिल्म से जुड़ते हुए डाक विभाग की सचिव राधिका दोरईस्वामी ने कहा कि डाक विभाग भारत की आम आदमी की सेवा 150 वर्षों से कर रहा है। विभाग का पोस्ट कार्ड हमेशा साधारण भारतीय का सबसे सस्ता और संभवत: सर्वाधिक प्रिय संचार का साधन रहा है जो पोस्ट कार्ड के जरिये डाक विभाग से भावुक बंधन बांधता है।
महात्मा गांधी लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए पोस्ट कार्ड को सबसे किफायती मानते थे जो भारत के आम आदमी के साथ परिचित उनकी मितव्ययी जीवन पध्दति में शामिल था।
डाक विभाग इस फिल्म के साथ संवध्द होकर महात्मा गांधी को अपनी श्रध्दांजलि दे रहा है। इस फिल्म ने अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सवों में अनेक सम्मानजनक पुरस्कार जीते हैं, जैसे- दक्षिण अफ्रीका के अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव में सर्वोत्तम प्रथम फिल्म निदेशक पुरस्कार, हमबर्ग अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव जर्मनी में सर्वोत्तम फीचर फिल्म पुरस्कार और लास एंजलिस रीयल फिल्मोत्सव में सर्वोत्तम वास्तविक संगीत-लेख के साथ-साथ सर्वोत्तम डिजाइन उत्पादन पुरस्कार।
फिल्म के साथ डाक विभाग के सम्बध्द करने के लिए कृतज्ञता जताते हुए इस फिल्म के निर्माता श्री अमित छेड़ा ने कहा कि डाक विभाग देश के प्रत्येक नागरिक तक बिना जाति, धर्म और आर्थिक स्तर को महत्त्व दिए अपनी पहुंच रखता है। पूरे देश में 1,50,000 डाकघरों के जाल के माध्यम से यह अनूठा संगठन राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है जो आज भी महात्मा गांधी के मूल्यों को आगे बढा रहा है। इसलिए डाक विभाग इस फिल्म रोड टू संगम का स्वाभाविक मित्र है जो महात्मा गांधी के संदेशों को एक बार फिर भारत के साथ-साथ पूरे विश्व के नागरिकें तक पहुंचा रहा है।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. 19वें दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 30 जनवरी से शुरू हो रहा है. राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा आयोजित द्विवार्षिक नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का उदघाटन केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल करेंगे। इस मौके पर जाने माने इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब मुख्य अतिथि होंगे, जबकि शिलोंग स्थित पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय के कला और शिक्षा विद्यालय की पाचार्य प्रो. टेमसूला आओ उदघाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी।
मेला 30 जनवरी से 7 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से सायं 8 बजे तक चलेगा। शिक्षकों के साथ विद्यालयों की वर्दी में आए विद्यार्थियों का प्रवेश कार्यदिवसों में नि:शुल्क होगा।
इस वर्ष के विश्व पुस्तक मेल का विषय 'पठन हमारी संपदा'है। दिल्ली में होने वाले 19वें राष्ट्रमंडल खेलों पर एक पुस्तक दीर्घा भी होगी। इसमें देशभर के करीब 75 प्रकाशकों द्वारा खेलों पर प्रकाशित करीब 700 शीर्षकों का प्रदर्शन किया जा रहा है। जवाहरलाल नेहरू द्वारा और उन पर लिखी गई पुस्तकों की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ''हिन्ट इंस्टीटयूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन'' को सामुदायिक रेडियो केंद्र स्थापित करने, अनुरक्षण करने तथा चलाने के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है। इस आशय का पत्र अंतर-मंत्रालयी समिति की सिफारिशों के बाद जारी कर दिया गया है। तीन महीनों में इस रेडियो केंद्र के आरंभ होने की संभावना है। इसके साथ ही देश में सामुदायिक रेडियो केंद्रों (सीआरएस) की कुल संख्या 64 हो जाएगी।
''हिन्ट इंस्टीटयूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन'' हिन्ट ग्रुप ऑफ पब्लिकेशन एंड इलैक्ट्रोनिक मीडिया का एक प्रोजेक्ट है और उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद में स्थित है। सीआरएस का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि तथा कृषि संबंधी शिक्षा एवं सूचना, खेल एवं मनोरंजन तथा संबध्द विषयों पर चर्चा में समाज को शामिल करना और जनजागृति का प्रसार है।
मंत्रालय सामुदायिक रेडियो केंद्रों की स्थापना के ज़रिए स्थानीय समुदायों को अपने विचार तथा अभिव्यक्तियों को व्यक्त करने का अवसर प्रदान करने के लिए प्रोत्साहन देता है और महिलाओं तथा युवाओं के सशक्तिकरण में सहायता देता है। इसके साथ-साथ यह रेडियो केंद्र पिछडे समूहों को स्थानीय स्वशासन, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में भाग लेने के लिए बढ़ावा देता है।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) ने आज कोरिया निर्यात बीमा निगम (केईआईसी) के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस सहमति पत्र में सेल से संबंधित और इस तरह के उद्योगों के विकास से संबंधित व्यवसाय हेतू उद्योगों में निवेश अथवा व्यापार प्रोत्साहन एवं समर्थन में सहयोग के लिए प्रारूप का निर्माण करना शामिल है। सहमति पत्र पर सेल निदेशक (वित्त) सोइलैस भट्टाचार्या और केईआईसी के चेयरमैन और अध्यक्ष रियू चांग-मू द्वारा हस्ताक्षर किए गए।
इस सहमति पत्र में संबंधित उद्योगों के संदर्भ में सूचना और अनुभव के आदान-प्रदान में सामरिक गठबंधन पदस्थापित करना और दोनों पक्षों के बीच सहयोग शामिल है। केईआईसी कोरिया गणराज्य की एक सरकारी एजेंसी है जो कोरियाई व्यापार, निर्यातों, प्रवासी निवेशों और अन्य विदेशी व्यापारों को अपने बीमा और गारंटी उत्पादों के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रोत्साहन देती है।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. कृषि का यंत्रीकरण और बागवानी फसलें, हरित आवास, आच्छादित कृषि, पशु एवं मत्स्य उत्पादन आदि ऐसे नए उभरते क्षेत्र हैं जिनपर खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अधिक ध्यान देने की जरूरत है। भारतीय कृषीय अभियंता संस्था के तीन दिवसीय सम्मेलन के उड़घाटन अवसर पर कृषि, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री प्रो. के.वी.थॉमस ने आज ये विचार व्यक्त किए।
प्रो. थॉमस ने बताया कि खासतौर पर गन्ना कटाई में उपयोग की जाने वाली विशेष मशीनरी के साथ गन्ना खेती में यंत्रीकरण पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कृषीय अभियंताओं से खेती अभियानों में सुधार के लिए हल्के और कम लागत के विद्युत यंत्र और मशीनरी बनाकर पर्वतीय खेती और छोटे फार्मों के यंत्रीकरण में प्राथमिकता लाने को कहा। उन्होंने कहा कि कुछ आशाजनक प्रौद्योगिकियों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है। इनका व्यापक तौर पर प्रदर्शन करने की जरूरत है, ताकि कृषि समुदाय इन्हें अपना सके।
सिंचित कृषि की व्यक्तिगत चुनौतियों का संदर्भ देते हुए प्रो. थॉमस ने सिंचाई और जल प्रबंधन के क्षेत्र में अनुसंधान विकास और क्षमता निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अभियंताओं, वैज्ञानिकों, अतिरिक्त एजेन्टों और सिंचाई कर्ताओं के प्रशिक्षण में महत्त्वपूर्ण निवेश किया जाएगा।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. मंत्रिमंडल की नियुक्ति समित ने केरल 1976 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एस. सुंदरेशन (केरल काडर) की पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सचिव पद पर नियुक्ति को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। सुंदरेशन 1972 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आर.एस. पांडेय (नगालैण्ड काडर) का स्थान लेंगे जो 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
कृष्णराज पाठक
सोरों (उत्तर प्रदेश). नवनिर्मित कांशीराम नगर स्थित महाकवि तुलसी दास की नगरी सोरों की पुलिस लाइंस में गणतंत्र-दिवस, जिस अंदाज़ में मनाया गया, वह स्थानीय और ज़िला-प्रशासन की जागरूकता की धज्जियां उड़ाने के लिए इन दिनों विशेष चर्चा में रहा.
26 जनवरी को यहां 61 वें गणतंत्र-दिवस को 60 वें गणतंत्र-दिवस के रूप में मनाकर यहां के आला-अधिकारी मुसीबत में पड़ गए हैं. इसका एक सबसे बड़ा प्रमाण आगरा-पीलीभीत मार्ग पर लगा वह बैनर दिखाई दिया, जो शायद पिछले साल का ही रहा होगा और किसी भी अधिकारी ने इसे संशोधित कराने की ज़हमत नहीं उठाई. इसको लेकर लोगों में प्रशासनिक अधिकारियों की जागरूकता को लेकर सवालिया निशान खड़े हुए हैं.
इस भव्य आयोजन में जिलाधिकारी (कांशीराम नगर) आरके. सिंह, पुलिस कप्तान आर. पी. चतुर्वेदी और ज़िला जज भी मौजूद थे. अनेक राजनीतिक और ग़ैर राजनीतिक संगठनों ने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं. लोग इसे भारतीय गणतंत्र-दिवस का अपमान मान रहे हैं.
स्टार न्यूज़ एजेंसी
चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन पर विशेष बल देने के लिए चालू वर्ष को 'ऊर्जा वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने आज यहां चंडीगढ़ प्रैस क्लब में 'मीट दी प्रैस' कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने अपने ऐच्छिक कोटे से चंडीगढ़ प्रैस क्लब को 21 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन को बढ़ाने के लिए किए जा रहे ठोस प्रयासों के फलस्वरूप वर्ष के अंत तक बिजली की काई कमी नहीं रहेगी तथा आशा है कि आगामी वर्ष में प्रदेश बिजली बाहुल्य बन जाएगा। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष पूर्व जब प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी उस समय बिजली की बहुत कमी थी। उन्होंने कहा कि जहां 40 वर्षों में प्रदेश में केवल एक बिजली उत्पादन संयंत्र स्थापित किया गया वहीं उनकी सरकार ने गत चार-पांच वर्षों में बिजली उत्पादन की और नई परियोजनाएं स्थापित करने के प्रयास किए हैं। यमुनानगर में 600 मैगावाट दीनबन्धु छोटू राम थर्मल पावर प्लांट पहले ही चालू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि मैट्रो रेल 29 जनवरी को हरियाणा में प्रवेश करेगी क्योंकि उस दिन उसका ट्रायल रन आयोजित किया जाएगा। पांच हजार करोड़ रुपये के राजीव गांधी पुल एवं सड़क आधारभूत संरचना विकास कार्यक्रम का दूसरा चरण गत हरियाणा दिवस को शुरू किया गया था। इसी दिन पीडब्ल्यू डी कोड जारी करने के अतिरिक्त 1100 करोड़ रुपये के निवेश की विकास परियोजनाएं भी शुरू की गईं।
कर पर पूछे गये एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत है तथा करों का मामला बजट में आएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न समाचार पत्रों के प्रूफ रीडर्स मान्यता प्राप्त करने के पात्र होंगे, जिससे वे राज्य परिवहन बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा जैसे विभिन्न प्रोत्साहन प्राप्त करने के भी पात्र हो सकेंगे।
जब उनका ध्यान एक न्यूज एजेंसी द्वारा गोवा के निकट उनके कथित निर्माणाधीन मकान के बारे प्रकाशित समाचार की ओर आकर्षित किया गया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समाचार में जरा भी सच्चाई नहीं है तथा न्यूज एजेंसी इस समाचार को वापिस ले चुकी है। इसके अतिरिक्त, पंचायत द्वारा कोई प्रस्ताव भी पारित नहीं किया गया था जैसाकि समाचार में आरोप लगाया गया था तथा पंचायत इस मामले को स्पष्ट कर चुकी है।
हरियाणा में हाल ही में शुरू की गई स्वास्थ्य वाहन सेवा नम्बर 102 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में पंजाब सरकार के लोकपाल कबीर अहमद ने दूरभाष पर सूचित किया है कि हरियाणा की इस योजना को एक आदर्श के रूप में वहां क्रियान्वित करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उनके देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारा जा सके।
एक अन्य सवाल के जवाब में हुड्डा ने कहा कि उन्होंने तथा पंजाब के मुख्यमंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल ने एक लिखित पत्र के माध्यम से अन्य पड़ौसी राज्यों को औद्योगिक विकास के लिए दिए जा रहे प्रोत्साहनों के कारण दोनों प्रदेशों को हो रहे नुकसान की ओर प्रधानमंत्री डॉ0 मनमोहन सिंह का ध्यानाकर्षित किया है। इससे दोनों प्रदेशों से उद्योगों का पलायन हो रहा है। इसलिए दोनों मुख्यमंत्रियों ने आग्रह किया है कि या तो ये प्रोत्साहन न दिए जाएं या फिर पंजाब एवं हरियाणा को भी अपने पिछड़े क्षेत्रों के लिए ऐसे प्रोत्साहन दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भारतीय महिला हॉकी टीम को एक करोड़ रुपये का चैक जारी किया है, ताकि वे अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। जब उनका ध्यान भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान को सरकारी नौकरी दिए जाने के मुद्दे की ओर आकर्षित किया गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी नौकरियां राज्य सरकार की नीति के अनुसार ही दी जा रही हैं। यदि वह सरकारी नौकरी प्राप्त करने की पात्र है तो हम इसपर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अनेक उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नौकरियां दी जा रही हैं।
राज्य विधानसभा में कांग्रेस की सीटों के सम्बन्ध में पूछे गये एक सवाल के जवाब में श्री हुड्डा ने कहा कि कुल मिलाकर लोगों ने दोबारा कांग्रेस को वोट दिया है। ऐलनाबाद उप चुनाव में कांग्रेस की वोटों में सात प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि इनैलो को एक प्रतिशत कम वोट मिले हैं। उन्होंने कहा कि ऐलनाबाद में कांग्रेस ने नैतिक जीत हासिल की है।
ऐलनाबाद उप चुनाव में कांग्रेस पार्टी द्वारा धन वितरित किए जाने के आरोप का खण्डन करते हुए उन्होंने कहा कि जो स्वयं ऐसे अनैतिक कार्यों में संलिप्त रहते हैं वे दूसरों को भी अपने जैसा ही समझते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा जन हित कांग्रेस (बीएल) के सदस्यों को गैर कानूनी ढंग से कांग्रेस में शामिल नहीं किया गया है और इसका निर्णय स्पीकर द्वारा लिया जाता है।
रूचिका मामले पर टिप्पणी करने को कहे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून अपना कार्य कर रहा है तथा राज्य सरकार उचित कदम उठाएगी। सरकार ने यह मामला सीबीआई को भेजा है, ताकि शीघ्र न्याय सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सीबीआई को सबसे विश्वसनीय एजेंसी बताते हुए कहा कि वह सम्भवत: शीघ्र कार्य करेगी।
बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर ध्यानाकर्षित किए जाने पर उन्होंने कहा कि चीनी एवं दालों की कीमतें बढ़ी हैं। बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए अन्य कदम उठाए जाने के अतिरिक्त भण्डारण सीमाओं को संशोधित किया जा रहा है। गन्ने की कम पैदावार चीनी की कीमतें बढ़ने का कारण हो सकती है, लेकिन राज्य सरकार किसानों को गन्ने का सर्वाधिक मूल्य दे रही है तथा उन्हें गन्ने की पैदावार करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
गुड़गांव (हरियाणा). गुड़गांव से दिल्ली मैट्रो सैक्शन के लिए ट्रायल रन 29 जनवरी को गुड़गांव के सैक्टर 29 स्थित हुडा सिटी सैन्टर मैट्रो स्टेशन से शुरू होगा। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा तथा केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री एस. जयपाल रेड्डी मौजूद रहेंगे।
एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री द्वारा कल दोपहर 12 बजे मैट्रो के इस ट्रायल रन को झंड़ी दिखाकर रवाना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में केन्द्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री सौगाता राय, कषि और सहकारिता राज्य मंत्री सुखबीर कटारिया, गुड़गांव से सांसद राव इंद्र जीत सिंह, बादशाहपुर से विधायक राव धर्मपाल, दिल्ली मैट्रो रेल निगम के अध्यक्ष और केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री के सचिव रामचन्द्रन, दिल्ली मैट्रो रेल के प्रबन्ध निदेशक ई. श्रीधरण भी समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। इसके अतिरिक्त, हरियाणा की मुख्य सचिव उर्वशी गुलाटी, वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव डी.एस. ढेसी भी इस समारोह में शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि इस सैक्शन के ट्रायल रन में लगभग 11 किलोमीटर की दूरी को कवर किया जाएगा, जिसके तहत हुड्डा सिटी सैंटर मैट्रो स्टेशन, इफ्फको चौंक मैट्रो स्टेशन, एम जी रोड मैट्रो स्टेशन, सिकंदरपुर मैट्रो स्टेशन, गुरूद्रोणाचार्य मैट्रो स्टेशन, अर्जनगढ़ मैट्रो स्टेशन, घितोरणी और सुलतानपुर मैट्रो स्टेशन शामिल है। इस 7.05 किलोमीटर लम्बे गुड़गांव- दिल्ली मैट्रो रेल सैक्शन का कार्य दिसम्बर, 2006 में 763 करोड़ रुपये की लागत से आरम्भ किया गया और इसे तीन वर्षों की अवधि में पूरा किया गया है। गुड़गांव से कुत्तुब मीनार तक मैट्रो रेल की औपचारिक औपनिंग आगामी मई में होने की आशा है और इसका इस वर्ष जून तक केन्द्रीय सचिवालय तक विस्तार किया जाएगा।
इसी दौरान हुडा, गुड़गांव की प्रशासक दीप्ति ऊमा शंकर और उपायुक्त राजेन्द्र कटारिया, दिल्ली मैट्रो रेल निगम के मुख्य परियोजना अधिकारी दलजीत सिंह के साथ-साथ उपायुक्त (मुख्यालय) कुलविंदर सिंह ने हुडा सिटी सैंटर मैट्रो स्टेशन पर मैट्रो रेल ट्रायल के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि राज्य सरकार ने पंजाबी को हरियाणा में दूसरी भाषा का दर्जा देने के संबंध में एक अधिसूचना जारी की है।
मुख्यमंत्री ने आज यहां प्रैस क्लब में 'मीट द प्रैस' कार्यक्रम में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अब राज्य विधानसभा में कोई भी विधायक पंजाबी भाषा में सवाल पूछ सकेगा तथा राज्य सरकार को पंजाबी भाषा में पत्र भी लिखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में पंजाबी भाषा को और अधिक लोकप्रिय बनाने के भी प्रयास करेगी।
हरियाणा के लिए एक अलग उच्च न्यायालय की मुख्यमंत्री की मांग के समर्थन में भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा हाल ही में दिए गए एक वक्तव्य की ओर उनका ध्यानाकर्षित किए जाने पर हुड्डा ने कहा कि हम चंडीगढ़ में एक अलग उच्च न्यायालय चाहते हैं तथा अपनी इस मांग की पैरवी करते रहेंगे।
यह पूछे जाने पर कि चंडीगढ़ जैसे चिरलम्बित अंतर्राज्यीय मुद्दों का व्यावहारिक समाधान क्या हो सकता है, मुख्यमंत्री ने तुरंत कहा कि हरियाणा को चंडीगढ़ दे दो, यही व्यावहारिक समाधान है।
हरियाणा में एक अलग शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी स्थापित किए जाने के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में गठित चट्ठा कमेटी की रिपोर्ट के कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की आशा-आकांक्षाओं के अनुरूप ही निर्णय लेगी।
आज लाला लाजपत राय की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस महान स्वतंत्रता सेनानी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे महान समाज सुधारक थे। उन्होंने कहा कि वे देश के स्वतंत्रता संग्राम के पुरोधाओं में से एक थे। उन्होंने कहा कि उनके परिवार तथा लाला लाजपत राय के परिवार के बीच गहरे पारिवारिक संबंध रहे हैं।
सरफ़राज़ ख़ान
हिसार (हरियाणा) . गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा विभाग से विभिन्न पाठयक्रमों में शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों की परीक्षाएं आज से 53 परीक्षा केन्द्रों पर शुरू हो गई हैं। ये परीक्षाएं 17 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी।
यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डा. देवेन्द्र दयाल सिंह संधू , पीवीएसएम (सेवानिवृत) ने दी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक प्रो आर एस जागलान ने बताया कि इन परीक्षाओं के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं। इसके लिए हरियाणा में 28, दिल्ली में 6, पंजाब व राजस्थान में 4-4, उत्तर प्रदेश में 3, मध्य प्रदेश व आन्ध्र प्रदेश में 2-2, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, चंडीगढ़ व उत्तराखंड में 1-1 परीक्षा के न्द्र बनाए गए हैं।
प्रो जागलान ने बताया कि पीजीडीसीएएमसीए (तीन वर्षीय) - प्रथम सैमेस्टर (मेनरि-एपीयर), पीजीडीसीएएमसीए (तीन वर्षीय)-द्वितीय सैमेस्टर (रि-एपीयर), एमएससी (सीएस)एमसीए (तीन वर्षीय) - तृतीय सैमेस्टर (मेनरि-एपीयर), एमएससी (सीएस)एमसीए (तीन वर्षीय) - चतुर्थ सैमेस्टर (रि-एपीयर), एमसीए-पंचम सैमेस्टर (मेनरि-एपीयर), एमबीए-प्रथम एवं तृतीय सैमेस्टर (मेनरि-एपीयर), एमबीए-द्वितीय एवं चतुर्थ सैमेस्टर (रि-एपीयर), एमएससी (मैथ) - प्रथम सैमेस्टर (मेन) तथा सभी वार्षिक पाठयक्रमों (रि-एपीयर) की परीक्षाएं ली जाएंगी।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
चंडीगढ़. अपने जीवनकाल में सात सदनों के सदस्य रहने वाले प्रसिध्द स्वतंत्रता सेनानी दिवंगत रणबीर सिंह का संघर्ष व जीवनगाथा अब हरियाणवी लोक संस्कृति में भी सुनाई देगी। रणबीर सिंह के जीवन पर अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने हरियाणवी रागनियों का किस्सा तैयार कराया है जिसका लोकार्पण रविवार 31 जनवरी की शाम पांच बजे खुद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व उनके सांसद पुत्र दीपेंद्र सिंह एमडीयू के नवनिर्मित टैगौर थिएटर में करेंगे।
यह जानकारी देते हुए संगठन के राष्ट्रीय महासचिव सत्यानंद याजी ने बताया कि किस्से में शामिल 25 रागनियां प्रसिध्द लोककवि व सांगी पं. जगन्नाथ भारद्वाज (समचाना वाले) ने लिखी हैं। इन रागनियों को नामी लोक गायक रणबीर सिंह बड़वासनियां ने गाया है। दिवंगत रणबीर सिंह की पुण्यतिथि की पूर्वसंध्या पर आयोजित किए जा रहे लोकार्पण समारोह में भी बडवासनियां किस्से में शामिल 8 रागनियां प्रस्तुत करेंगे। याजी के मुताबिक, मुख्यमंत्री इस दिन किस्से की आडियो सीडी के साथ-साथ एमडीयू की रणबीर सिंह पीठ द्वारा प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन भी करेंगे।
इस पुस्तिका में किस्से की सभी रागनियों के अलावा दिवंगत रणबीर सिंह के जीवन के महत्वपूर्ण छायाचित्र भी प्रकाशित किए गए हैं। करीब दो घंटे तक स्मृति संध्या के रूप में चलने वाले लोकार्पण समारोह में हुड्डा परिवार के सदस्यों के अलावा क्षेत्र के सांसद-विधायक, बुध्दिजीवी, संस्कृति कर्मी व बड़े पैमाने पर रागनी प्रेमी भाग लेंगे। समारोह में पं. जगन्नाथ व लोकगायक रणबीर सिंह बड़वासनिया को सम्मानित भी किया जाएगा।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
चंडीगढ़. जिला अम्बाला को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के तहत बेहतर कार्यप्रणाली के आधार पर राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार 2 फरवरी को विज्ञान भवन दिल्ली में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाएगा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी एक्ट के चार वर्ष पूरा होने के उपलक्ष में दिल्ली में आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम में भारत के प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगी। यह पुरस्कार वर्ष 2008-09 की कार्यप्रणाली के आधार पर प्रदान किया गया है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए देश के 18 रायों के 24 जिलों का चयन किया गया है जिनमें अम्बाला जिला भी शामिल है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में केवल अम्बाला जिला को ही यह पुरस्कार हासिल करने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इस पुरस्कार के लिए गहन समीक्षा के उपरांत बेहतर कार्यप्रणाली और योजना के सभी पहलूओं के आधार पर अच्छे कार्य की समीक्षा के उपरांत जिलों का चयन किया जाता है और अम्बाला जिला में अधिकारियों व पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा इस क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के कारण ही यह पुरस्कार हासिल हुआ है। उन्होने बताया कि जिला अम्बाला में हर्बल पार्क, ड्रेनेज निर्माण और चैक डैम की परियोजनाओं की राष्ट्रीय स्तर की समीक्षा समिति द्वारा विशेष प्रंशसा की गई है।
उन्होंने जिला में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी एक्ट की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि अम्बाला में यह एक्ट वर्ष 2007-08 में लागू किया गया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007-08 से अब तक जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर 40 करोड़ 38 लाख, 26 हजार रुपए की राशि खर्च की गई है। इस राशि से 1861 विकास कार्य किये गये हैं जिनमें तालाबों का निर्माण, पुराने तालाबों की गाद निकालना, ड्रेनों की खुदाई, पौधारोपण, नर्सरी सृजन, हर्बल पार्क, चैक डैम और सम्पर्क सडकों के निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि इस एक्ट के तहत जिला में 30082 परिवारों को पंजीकृत किया गया है और इनमें से काम करने के इच्छुक 27338 परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है। इनमें से 6189 परिवारों में 100 दिन के रोजगार की अवधि पूरी कर ली है और इस कार्य में 49 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी होने के साथ साथ 68 प्रतिशत अनुसूचित जाति के परिवारों को भी रोजगार प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस एक्ट के तहत काम करने के इच्छुक व्यक्ति को 100 दिन का रोजगार दिया जाना अनिवार्य है और यह रोजगार हासिल करने के लिए सम्बन्धित व्यक्ति को ग्राम पंचायत के पास अपना पंजीकरण करवाना होता है। पंजीकरण के उपरांत पंचायत द्वारा काम करने के इच्छुक परिवार को जॉब कार्ड जारी किया जाता है और गांव में विकास के लिये तैयार की गई योजनाओं के तहत उन्हे रोजगार प्रदान किया जाता है। इस योजना में कुल राशि का 60 प्रतिशत मजदूरी पर तथा 40 प्रतिशत पक्के काम पर खर्च किया जा सकता है।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल को अत्यन्त सफल बताते हुए भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि गत लगभग पांच वर्षों में अभूतपूर्व विकास करने के अतिरिक्त वे प्रदेश में राजनीतिक संस्कृति को बदलने में भी सफल रहे हैं, जिससे बिना किसी राजनीतिक बदले की भावना के हरियाणा में चहुंमुखी विकास के एक युग का सूत्रपात हुआ है। इसके अतिरिक्त, चुनावी घोषणा-पत्र में किए गए वादों के अलावा लोगों की भावनाओं के अनुरूप विकास कार्य भी क्रियान्वित किए गए, जिससे समाज के सभी वर्ग लाभान्वित हुए हैं।
मुख्यमंत्री, जो आज यहां चंडीगढ़ प्रैस क्लब में 'मीट द प्रैस' कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे, ने कहा कि लोगों में व्याप्त असुरक्षा की भावना को समाप्त करके राय प्रशासन में लोगों के विश्वास को पुन: बहाल करना एक अन्य उपलब्धि रही है। उन्होंने कहा कि अब, चल रही परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने तथा लोगों, जिन्होंने कांग्रेस पार्टी को सेवा करने का एक और मौका दिया है, की आशा-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए और अधिक अनूठी योजनाएं क्रियान्वित करने पर बल दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राय सरकार ने दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कोरिडोर क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित की जाने वाली चार पायलट परियोजनाओं की पहचान की है, क्योंकि रेलवे मंत्रालय द्वारा हाई एक्सल लोड वैगन्स के लिए उच्च गति संयोजिता की सुविधा उपलब्ध करवाने हेतु दिल्ली एवं मुम्बई के बीच 1483 किलोमीटर लम्बा समर्पित फ्रेट कोरिडोर विकसित किया जा रहा है। हरियाणा की पायलट परियोजनाओं में गुड़गांव-मानेसर-बावल के बीच मास रैपिड ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम (एमआरटीएस), एगीबिशन एवं कन्वेंशन सैण्टर, इन्टीग्रेटिड मल्टीमॉडल लोजिस्टिक्स हब एवं न्यू पैसेंजर रेल लिंक शामिल हैं। एगीबिशन एवं कन्वेंशन सेंटर तथा इन्टीग्रेटिड मल्टीमॉडल लोजिस्टिक्स हब की स्थापना के लिए स्थलों की पहचान की जा चुकी है। एमआरटीएस परियोजना के लिए यातायात अध्ययन पूरा किया जा चुका है। हरियाणा राय औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम ने राय सरकार की पुनर्वास एवं पुन:स्थापन नीति का अनुपालन करते हुए पहली अप्रैल, 2009 से जनवरी 2010 तक 21.90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है।
उन्होंने कहा कि कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रैसवे के साथ एक ग्लोबल कोरिडोर भी विकसित किया जा रहा है। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रैसवे दिसम्बर 2010 तक पूरा हो जाएगा। इस ग्लोबल कोरिडोर के साथ नौ नई टाऊनशिप्स विकसित किए जाने का भी प्रस्ताव है, जिसमें मैडिसिटी, बायो साईंसिज सिटी, फैशन सिटी, लैदर सिटी आदि शामिल हैं। उद्योग नीति-2005 के क्रियान्वयन के फलस्वरूप हरियाणा ने केवल साढ़े चार वर्षों में वह हासिल कर लिया, जो राय ने 1966 में अपने गठन से लेकर 40 वर्षों में हासिल किया था। प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उद्योग नीति-2005 को संशोधित किया जाएगा।
हुड्डा ने कहा कि पहली बार एक स्वास्थ्य कोष स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें लोग उदारता से योगदान दे सकेंगे तथा आयकर छूट का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। लोगों, विशेषकर गरीबों तक आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से पहुंचाने के लिए अनेक अनूठी योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए 1500 करोड़ रुपये की एक योजना शुरू की गई है। हरियाणा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा अस्पतालों में आने वाले सभी बहिरंग रोगियों, आपातकालीन इकाइयों में आने वाले रोगियों, दुर्घटना के शिकार लोगों, गर्भवती महिलाओं तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे रोगियों को पूर्णत: नि:शुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाने वाला पहला राय है। अब गरीब लोगों को सर्जरी सहित आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अपनी तरफ से पैसा खर्च नहीं करना पड़ता।
निजी अस्पतालों की तर्ज पर जुलाई 2009 से क्रियान्वित किए गए अनूठे सर्जरी पैकेज कार्यक्रम से अब तक लगभग 38,000 रोगी लाभान्वित हुए हैं। इनमें गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे परिवारों के 4,456 रोगी तथा शहरी मलिन बस्तियों के 528 रोगी शामिल हैं, जिन्हें यह सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध करवाई गई। 'स्वास्थ्य वाहन सेवा नम्बर 102' नामक एक अन्य अनूठी योजना भी शुरू की गई है। इस योजना के फोन नम्बर 102 को 'नेहरू दृष्टि योजना' नामक एक अन्य नई योजना के साथ भी जोड़ा गया है, क्योंकि इसी नम्बर को डायल करके नेत्रदान करने के लिए डॉक्टरों की टीम को भी बुलाया जा सकता है। इस योजना से कोर्निया की मांग एवं आपूर्ति के अन्तर को कम करके अंधता को रोकने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, नवजात शिशु से लेकर 18 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को बचावात्मक एवं उपचारात्मक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 'इन्दिरा बाल स्वास्थ्य योजना' नामक एक अन्य योजना भी शुरू की गई है, जिससे 40 लाख बच्चे लाभान्वित होंगे। आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं स्कूलों में सभी बच्चों के लिए स्वास्थ्य कार्ड बनाए जाएंगे।
विकास प्रक्रिया में महिलाओं की समान भागीदारी को देखते हुए सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष बल दे रही है। अब तक 2,478 महिलाएं रियायती शिक्षा ऋण सेवा का लाभ प्राप्त कर चुकी हैं, जिसके तहत भारत या विदेश में उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए महिलाआें को बैंक ऋण पर ब्याज की दर में पांच प्रतिशत की छूट दी जाती है। इन लाभानुभोगियों में 114 ऐसी महिलाएं हैं, जो विदेशों में पढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल ही में 'लाडली' योजना के क्रियान्वयन को अगस्त 2010 से अगले पांच वर्षों तक बढ़ाने की घोषणा की है। सरकार ने इन्दिरा गांधी प्रियदर्शनी विवाह शगुन योजना के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को भी 15,000 रुपये से बढ़ाकर 31,000 रुपये किया है। समेकित बाल विकास सेवा योजना के तहत सरकार ने लगभग 75,000 महिलाओं के लिए रोज़गार के अवसर सृजित किए हैं, क्योंकि महिला स्व सहायता समूहों तथा मातृ समूहों को समेकित बाल विकास सेवा योजना के लाभानुभोगियों के लिए खाद्य सामग्री तैयार करने का कार्य सौंपा गया है। सरकार ने वर्तमान 17,192 आंगनवाड़ी केन्द्रों तथा 252 लघु आंगनवाड़ी केन्द्रों के अतिरिक्त 7,995 और अधिक आंगनवाड़ी केन्द्र तथा 260 लघु आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत किए हैं ताकि कोई भी माता या बच्चा इनके लाभ से वंचित न रहे। इससे महिलाओं के लिए रोज़गार के अवसरों में भी वृध्दि हुई है।
लोगों को उनके घर-द्वार पर ही त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल कोर्ट की अवधारणा शुरू करने में जहां हम सबसे अग्रणी हैं, वहीं अब हरियाणा के लिए एक अलग उच्च न्यायालय स्थापित करने के हमारे प्रयास भी फलिभूत हो रहे हैं, यह कहते हुए हुड्डा ने कहा कि हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन ने हरियाणा के लिए एक अलग उच्च न्यायालय की हमारी न्यायोचित मांग का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषक समुदाय के हितों की रक्षा के लिए 'राय किसान आयोग' गठित करने का निर्णय लिया है। वर्ष 2009 को 'किसान-मादूर वर्ष' के रूप में मनाया गया। उन्होंने कहा कि 1600 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल माफ करने तथा राय सहकारी बैंकों से अल्पावधि एवं दीर्घावधि ऋण लेने वाले किसानों को एकमुश्त निपटान योजना के तहत 471 करोड़ रुपये की राहत देने के उपरांत हमारी भूमिहीन श्रमिकों, ग्रामीण दस्तकारों तथा छोटे दुकानदारों के लिए सहकारी बैंकों से लिए जाने वाले ऋणों की सीमा 35,000 रुपये तक निर्धारित करने तथा 10,000 रुपये तक के सहकारी ऋणों को माफ करने की योजना है। सरकार ने किसानों एवं श्रमिकों के लाभार्थ कुछ फसलों को राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना की परिधि के तहत लाने का भी निर्णय लिया है। फसली ऋणों पर ब्याज की दर को पहले ही 11 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत किया जा चुका है। किसानों को गन्ने का 185 रुपये प्रति क्विण्टल का देश का अब तक का सर्वाधिक मूल्य दिया गया है। उन्हें 25 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जा रहा है।
हुड्डा ने कहा कि सतलुज यमुना योजक नहर को शीघ्रातिशीघ्र चालू करवाने के मुद्दे की पुरजोर पैरवी की जा रही है। सरकार हांसी बुटाना लिंक चैनल को चालू करने के भी पूरे प्रयास कर रही है, ताकि प्रदेश में नहरी पानी का समान वितरण सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि योजना आयोग ने वर्ष 2009-10 के लिए 10,000 करोड़ रुपये की राय वार्षिक योजना अनुमोदित की है, जो कि वार्षिक योजना 2008-09 के 6,650 करोड़ रुपये के अनुमोदित परिव्यय से 50.38 प्रतिशत अधिक है। सरकार द्वारा वर्ष 2008-09 से जिला प्लान योजना भी क्रियान्वित की जा रही है, जिसके तहत कुल जनसंख्या, अनुसूचित जाति की आबादी, गांवों की संख्या, साक्षरता अन्तर तथा जिले के ग्रामीण एवं शहरी पहलुओं जैसे कुछ निर्धारित मानदंडों के आधार पर जिलों को धन आबंटित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि वे वर्ष 2012-13 तक हरियाणा को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने पर बल दे रहे हैं। सरकार के गत कार्यकाल के दौरान बनाई एवं शुरू की गई सभी बिजली उत्पादन परियोजना ओं को दूसरे कार्यकाल के दौरान चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मार्च 2005 में 1587 मैगावॉट की कुल उत्पादन क्षमता तथा 4031 मैगावॉट की कुल उपलब्धता के साथ बिजली की कमी विरासत में मिली, लेकिन राय सरकार ने 11वीं पंचवर्षीय योजना के अन्त तक लगभग 5000 मैगावॉट अतिरिक्त बिजली क्षमता सृजित करने के ठोस प्रयास किए हैं।
दीनबंधू छोटूराम थर्मल पॉवर प्लांट, यमुनानगर में 300-300 मैगावॉट की दो इकाइयां पहले ही चालू हो चुकी हैं। जिला हिसार के खेदड़ में राजीव गांधी थर्मल पॉवर प्लांट का निर्माण कार्य युध्दस्तर पर चल रहा है तथा प्लांट का तेल पर सिंक्रोनाइजेशन पहले ही किया जा चुका है। यमुनानगर में अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल प्रौद्योगिकी पर आधारित एक अतिरिक्त 660 मैगावॉट इकाई की स्थापना के लिए कदम उठाए गए हैं। एनटीपीसी, हरियाणा सरकार तथा दिल्ली सरकार द्वारा एक संयुक्त उद्यम के रूप में झार में 1500 मैगावॉट इन्दिरा गांधी सुपर थर्मल पॉवर परियोजना स्थापित की जा रही है। मैर्सा सीएलपी पॉवर इण्डिया लिमिटेड द्वारा झार में कोयला आधारिता 1320 मैगावाट महात्मा गांधी थर्मल पॉवर प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
सरकार फरीदाबाद, यमुनानगर तथा हिसार में गैस आधारित बिजली परियोजनाएं स्थापित करने पर सक्रियता से विचार कर रही है। गैस की आपूर्ति के लिए केन्द्रीय पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा अन्य निजी कम्पनियों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भारतीय परमाणु बिजली निगम के अध्यक्ष तथा प्रबन्ध निदेशक को पूर्व परियोजना गतिविधियां तो करने तथा कुम्हारियां में 4ङ्ग700 मैगावॉट हरियाणा परमाणु बिजली परियोजना को शीघ्रातिशीघ्र पूरा करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इसके न्यूक्लियर रिएक्टर के निर्माण कार्य को निर्धारित समय से पहले वर्ष 2010-11 तक शुरू करने पर भी बल दिया है। भारतीय परमाणु बिजली कार्यक्रम के जनक डॉ. होमी जे. भाभा का यह जन्मशताब्दी वर्ष है, इसलिए परमाणु बिजली परियोजना का नाम भारत के इस महान सपूत के नाम पर रखा गया है।
उन्होंने हरियाणा को 'एजुकेशन हब' बनाने की अपनी सरकार की कटिबध्दता को दोहराया। उत्तरी भारत का पहला महिला विश्वविद्यालय, जिसका नाम महान शिक्षाविद् भगत फूल सिंह के नाम पर रखा गया है, खानपुर कलां के ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित किया गया है तथा अब ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को चिकित्सा शिक्षा के प्रति आकर्षित करने के लिए वहां एक मैडिकल कॉलेज भी स्थापित किया जा रहा है। ईएसआई योजना के तहत एक मैडिकल कॉलेज फरीदाबाद में तथा एक अन्य मैडिकल कॉलेज मेवात में स्थापित किया जा रहा है। एम्स, नई दिल्ली का एक्सटैंशन जिला झार में स्थापित किया जा रहा है तथा पीजीआईएमएस, रोहतक का उन्नयन किया जा रहा है। जिला रोहतक, सोनीपत, फरीदाबाद, गुड़गांव, हिसार एवं भिवानी में बहु विशेषज्ञ अस्पतालों का उन्नयन किया जा रहा है। हरियाणा की बेटी अन्तरिक्ष वैज्ञानिक कल्पना चावला की स्मृति में करनाल में कल्पना चावला मैडिकल कॉलेज भी स्थापित किया जाएगा।
एलीमैंटरी स्तर पर शिक्षकों की कमी के दृष्टिगत उनकी नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की योजना है और यह योजना बनाने पर तेज़ी से कार्य चल रहा है। सरकार द्वारा विभिन्न प्रभावी कदम उठाए जाने के फलस्वरूप एलीमैंटरी स्तर पर विद्यार्थियों का दाखिला 98 प्रतिशत हो गया है। केन्द्रीय विश्वविद्यालय का पहला शैक्षणिक सत्र पहले ही शुरू हो चुका है। पच्चीस राजकीय कॉलेजों को उत्कृष्टता केन्द्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। राजीव गांधी एजुकेशन सिटी की स्थापना प्रक्रिया को तो कर दिया गया है। प्रदेश में अन्य अनेक प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित हो रहे हैं। इनमें सैनिक स्कूल, जिला रेवाड़ी; भारतीय प्रबन्धन संस्थान, रोहतक; राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमशीलता प्रबन्धन संस्थान, कुंडली, सेंट्रल इन्स्टीच्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एण्ड टैक्नोलॉजी, मुरथल; फुटवीयर डिजाइन एंड डेवलपमैंट इन्स्टीच्यूट, रोहतक; इंडियन इन्स्टीच्यूट ऑफ कारपोरेट अफेयर्स और नेशनल ऑटोमोबाइल, टैस्टिंग आर. एण्ड डी. इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजैक्ट, आई.एम.टी., मानेसर तथा केन्द्रीय प्रतिरक्षा विश्वविद्यालय, जिला गुड़गांव शामिल हैं। दीनबंधू छोटू राम कॉलेज ऑफ इन्जीनियरिंग, मुरथल तथा वाईएमसीए कॉलेज ऑफ इन्जीनियरिंग, फरीदाबाद को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है। पं. भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, रोहतक का दर्जा बढ़ाकर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय किया गया है। प्रदेश में पशु विज्ञान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की भी योजना है। निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को सुगम बनाने के लिए एक सक्षम कानून पहले ही लागू किया जा चुका है।
बदलते परिदृश्य के साथ गति बनाए रखते हुए तकनीकी शिक्षा संस्थानों की संख्या को वर्ष 2004-05 में 146 से बढ़ाकर वर्ष 2009-10 में 546 किया गया है। डॉ. अम्बेडकर मेधावी छात्र योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्गों से सम्बन्धित विद्यार्थियों को 4,000 रुपये से लेकर 12,000 रुपये तक की वार्षिक छात्रवृत्तियां दी जाती हैं। समाज के कमज़ोर वर्गों को प्रोत्साहित करने के लिए 500 करोड़ रुपये की वार्षिक लागत से अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग-ए तथा बीपीएल परिवारों से सम्बन्धित विद्यार्थियोंके लिए प्रोत्साहन आधारित योजनाएं शुरू की गई हैं। सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा में पढ़ रहे सभी विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र 2010-11 में मुफ्त पाठयपुस्तकें दी जाएंगी। एजुसैट, सैमेस्टर प्रणाली तथा कम्प्यूटर शिक्षा जैसी योजनाएं पहले ही क्रियान्वित की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रमण्डल खेलों से राय में पर्यटन एवं खेल संस्कृति को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार की नई पर्यटन नीति एवं खेल नीति के उत्साहवर्ध्दक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. युगांडा के उप-राष्ट्रपति डॉ.गिलबर्ट बालीबासेका बुकेनया ने अपने तेल और गैस क्षेत्र के तेजी से विकास के लिए भारतीय सहायता का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हाईड्रोकार्बन सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए भारत युगांडा को अपने माध्यमों से सहायता प्रदान कर सकता है। युगांडा के उप-राष्ट्रपति ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवरा के साथ युगांडा के कंपाला में हुई एक मुलाकात के दौरान यह विचार व्यक्त किए।
बैठक के दौरान देवरा ने युगांडा को तेल और गैस क्षेत्र के विकास में सभी संभव सहायता देने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल युगांडा में सिर्फ व्यापारिक दृष्टिकोण से नहीं आया है बल्कि भारत दोनों देशों के बीच साझेदारी में और प्रगति की भी उम्मीद रखता है।
ओएनजीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर. एस. शर्मा ने कई देशों में कंपनी की व्यापक उपस्थिति की जानकारी दी। देवरा ने भारत की तेल और गैस क्षेत्र की कंपनियों और अफ्रीकी देशों के बीच लाभकारी निवेश का वातावरण बनाने की दृष्टि से सूडान, नाईजीरिया, अंगोला और युगांडा चार अफ्रीकी देशों की यात्रा की। उनके साथ ओएनजीसी, आईओसी, गेल और ओवीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इस यात्रा में शामिल है।
उमर कैरानवी
पुरातत्व विभाग की लापरवाही के चलते दानवीर कर्ण की नगरी कैराना में 17वीं सदी के मुगलकालीन नवाब तालाब न केवल खंडहर बनता जा रहा है, बल्कि पूरे शहर का कूड़ेदान बनकर रह गया है. इतना ही नहीं, यहां अवैध कब्जों की भी भरमार है. हैरानी की बात यह भी है कि जहांगीर के समय की ऐतिहासिक महत्व की इमारतों पर जरा भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है. महाबलि कर्ण और जहांगीर बादशाह से अपने रिश्तों पर कैराना ही नहीं पूरे देश को गर्व होना चाहिए था, लेकिन आज यह बातें ही इसे रुसवा कर रही हैं.
आज कोई उस बाग और तालाब की दुर्दशा को आसानी से आकर नहीं देख सकता, क्योंकि इसका जो आसान रास्ता था हाईवे से तालाब तक जाता था, वह जहांगीर के समय के बाद अब पक्का हो रहा था, लेकिन उस रास्ते के दोनों तरफ एक कब्रिस्तान आ रहा था. कुछ लोगों ने अपनी जमीन बताकर यहां दीवारें खड़ी कर लीं. अब कितनी ही कब्रें भी दिखाई दे रही हैं. जब तक इस बारे में कोई कार्यवाही होगी, कब्रों की नकली और असली संख्या बढ़ने से समस्या का समाधान निकलना मुश्किल है.
कैराना जो कभी कर्ण की राजधानी थी. मुजफ़्फ़रनगर से करीब 50 कि. मी. पश्चिम में हरियाणा सीमा से सटा यमुना नदी के पास करीब 90 हज़ार की आबादी वाला यह कस्बा कैराना प्राचीन काल में कर्णपुरी के नाम से विख्यात था जो बाद में बिगड़कर किराना नाम से जाना गया और फिर किराना से कैराना में परिवर्तित हो गया. कैराना में महाबली कर्ण, नकुड़ में नकुल, तथा थानाभवन में भीम आदि के शिविर थे. इसी प्रकार क अक्षर से नाम शुरू होने वाले कस्बों में करनाल, कैराना, कुरुक्षेत्र, कांधला आदि में कुरुवंश के युवराज दुर्योधन ने अंगदेश बनाकर कर्ण को सौंपा था.
जहांगीर बादशाह ने इस तालाब और बाग़ को देखकर आश्चर्यचकित होकर कहा था- बाग में ऐसे फल लगे पेड़ भी हैं जो कि गर्मी में या सर्दी में मिलते हैं. मेवादार दरख्त जो कि ईरान और ईराक में होते हैं यहां तक कि पिस्ता के पौधे भी सरसब्जी की शक्ल में और खुश कद और खुश बदन सर्व, सनूबर के पेड़ इस किस्म के देखे कि अब तक कहीं भी ऐसे खूबी और लताफत वाले सरू (पेड़) नहीं देखे गए. अफ़सोस की बात तो यह भी है कि मुज़फ्फरनगर जिले की सरकारी वेबसाइट के मुगलकाल की ऐतिहासिक इमारतों की सूची में इसका ज़िक्र तक नहीं है. गौरतलब है कि इस सेक्शन में केवल जानसठ की इमारतों के चित्र दिए गए हैं. जिस इमारत का ज़िक्र स्वयं मुगल बादशाह जहांगीर ने किया, उसे भी इस सेक्शन में स्थान नहीं दिया गया. हालांकि सरकार द्वारा बार-बार इस ऐतिहासिक तालाब के सौन्दर्यीकरण के लिए लाखों रुपयों की घोषणा की गई. यह अलग बात है कि अभी तक इन घोषणाओं को अमलीजामा नहीं पहनाया गया है.
ईश्वर धामु
चंडीगढ़. ऐलनाबाद उप चुनाव के बहाने सत्ता पार्टी कांग्रेस और विपक्षी दल इनेलो ने जम कर राजनीति खेली। आखिर के दिनों में यह उप चुनाव इनेलो प्रत्याशी अभय चौटाला और कांग्रेस प्रत्याशी भरतसिंह बेनीवाल के बीच न रह कर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा बनाम ओम प्रकाश चौटाला का बन गया था, क्योंकि इन दोनों ने चुनाव में अपने को इस तरह से रख लिया था कि पूरा चुनाव इन्ही दोनो के इर्दगिर्द घुमने लगा था। मुख्यमंत्री का छह दिन उप चुनाव में लगाए जाने से सभी कुछ साफ हो जाता है। लेकिन जैसा कि पूर्व अनुमानित था कि ऐलनाबाद का उप चुनाव इनेलो जीत गई। लेकिन अब इस उप चुनाव के साइड इफैक्ट नजर आने लगेंगे। कांग्रेस ने आत्म मंथन एंव चिंतन के लिए प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली में 30 जनवरी को बुलाई है। लेकिन मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के सामने इस उप चुनाव ने जो प्रश्न चिन्ह खड़े किए हैं, वें भी बैठक के बाद अपना असर दिखाएंगे।
मुख्यमंत्री के सामने अब एक बड़ी चुनौती मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर आने वाली है। चुनावी समय में मुख्यमंत्री ने बारबार यह कहा था कि चुनाव परिणाम के बाद वें मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे और उन्होने मंत्रिमंडल में फेर बदल से भी इंकार नहीं किया था। इस घोषणा ने दिग्गज कांग्रेसियों की दबी भावनाओं को फिर से उभार दिया है। अब ऐसे कांग्रेसी विधायक, जिनसे कथित रूप से मंत्री बनाने का वायदा किया हुआ था और ऐसे विधायक भी जो सरकार में अपनी वर्तमान पोजिशन से संतुष्ट नहीं हैं, ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कुछ कांग्रेसी विधायकों ने दिल्ली में बैठे अपने राजनैतिक आकाओं के भी चक्कर लगाने शुरू किए हुए हैं। ऐसे में उन विधायकों की मनोदशा का सहज अनुमान लगाया जा है, जो चुनाव से पहले मंत्रिमंडल में अपना स्थान पक्का मानते थे और सरकार बनने के बाद उनको कोई पद नहीं मिला? बताया गया है कि पूर्व सरकार में मंत्री रही श्रीमती किरण चौधरी और श्रीमती सावित्री जिंदल ने मंत्री पद पाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाई हुई है। श्रीमती चौधरी आलाकमान में अपने प्रभाव का प्रयोग करने में लगी है तो श्रीमती जिंदल के लिए उनके सांसद पुत्र नवीन जिंदल कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी प्रकार कांग्रेस में नव प्रवेश प्राप्त एंव इनेलो के गुजरे जमाने के थिंक टैंक सम्पत सिंह भी मंत्री पद पाने के लिए अपना पूरा दबाब बनाए हुए हैं। ऐलनाबाद उप चुनाव के प्रथम चरण में श्री सिंह को लेकर जिस तरह से विवाद उठा तो उसको मध्यनजर रखते हुए और उनकी भूमिका को देख लगता है कि मुख्यमंत्री उन्हे मंत्रिमंडल में स्थान दिलवाने के लिए अपना पूरा जोर लगाएंगे।
भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को दोबारा मुख्यमंत्री बनवाने में अहम् भूमिका निभाने वाले पांचों निर्दलिय विधायको को तो सत्ता में हिस्सेदारी देकर उनको रिवार्ड दे दिया गया, परन्तु हजकां छोड़ कर कांग्रेस में आने वाले चारो विधायक अभी लाल बत्ती की बांट जोह रहे हैं। मुख्यमंत्री के लिए एक बड़ा सवाल यह भी है कि हजकां विधायकों को किस तरह से संतुष्ट किया जाए? वैसे इन चारों विधायकों का पद विवादों में उलझा हुआ है। ये विधायक अपनी पुरानी पार्टी के अलावा विपक्षी दल इनेलो के निशाने पर भी हैं।
अपने ही विधायकों के अलावा गैर-विधायकों को भी संतुष्ट करना मुख्यमंत्री के लिए आसान नहीं कहा जा सकता। पिछले शासनकाल में श्री हुड्डा ने कुछेक कांग्रेसियों को लाल बत्तियां देकर उनका हौदा बढ़ाया था, उससे कद्दावर कांग्रेसियों में उम्मीद जगी हुई है। कांग्रेसी सूत्रों के अनुसार लाल बत्ती से नवाजे जाने वाले करीब दो दर्जन कांग्रेसियों की एक सूचि तैयार की गई थी। इस सूचि पर दोबार विचार भी हुआ पर कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया। कहते हैं कि मुख्यमंत्री ने थोड़े समय के लिए इस सूचि को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। बताया गया है कि इस सूचि में मुख्यमंत्री के कार्यालय के लिए भी राजनैतिक नियुक्तियां भी थी। लेकिन कांग्रेस के उच्च सूत्रों ने यह बताया है कि इस बार मुख्यमंत्री बोर्ड और निगमों के चेयरमैन बनाने में कंजूसी नहीं बरतेंगे और नगर सुधार मंडलों की बहाली पर भी जल्द निर्णय लिया जाना है। साथ ही यह भी बताया गया है कि महत्वपूर्ण बोर्ड और निगमों के चेयरमैन पदों पर विधायकों की नियुक्ति की जाएगी।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. अप्रैल-अक्तूबर 2009 के दौरान कुल 35487 करोड़ रुपये की अत्यावश्यक वस्तुओं का आयात किया गया है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आयात 26,378 करोड़ रुपये का था। इस प्रकार इसमें 34.5 प्रतिशत की वृध्दि दर्ज की गई है। चालू वर्ष की इसी अवधि के दौरान सकल आयातित वस्तुओं का मूल्य 7,16,535 करोड़ रुपये था जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह मूल्य 9,16,483 करोड़ रुपये था। ये आयातित वस्तुएं क्रमश: पिछले वर्ष और चालू वर्ष में कुल आयात का 2.9 प्रतिशत तथा 5 प्रतिशत है।
ऑटोमाबाईल, कपास एवं रेशम एसएसआई के उत्पाद तथा अल्कोहलीक पेयों में इस अवधि के दौरान गिरावट आई है। इस अवधि के दौरान अन्य सभी आयातित वस्तुओं जैसे खाद्य तेल, दालें, फल एवं सब्ज़ियां, रबड़, मसाले, मार्बल तथा ग्रेनाईट, चाय एवं कॉफी, दूध तथा दुग्ध उत्पाद तथा अनाजों के आयात में वृध्दि देखी गई है।
पिछले वर्ष अप्रैल-अक्तूबर के दौरान 8195.45 करोड़ रुपये के खाद्य तेलों का आयात किया गया था जबकि चालू वर्ष की इसी अवधि के दौरान 14,204.70 करोड़ रुपये के खाद्य तेलों का आयात किया गया है। कच्चे खाद्य तेलों के आयात में 83 प्रतिशत की तथा रिफाईन्ड तेलों के आयात में 36 प्रतिशत की वृध्दि हुई है। खाद्य तेलों के आयात में वृध्दि मुख्यत: कच्चे पाम तेल के निरंतर आयात के कारण हुई है।
इंडोनेशिया, चीन पीआरपी, म्यांमा, ब्राज़ील, मलेशिया, अमरीका, जापान, कनाडा, यूक्रेन, अर्जेटीना, ऑस्ट्रेलिया, बेनिन, गुयाना बिसाउ इत्यादि से इन अत्यावश्यक वस्तुओं के आयात में वृध्दि हुई है जबकि कोरिया आरपी, जर्मनी, थाईलैंड, कोट डी आईवरी, चेक गणराज्य, इत्यादि से आयात में गिरावट आई है।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. सरकार ने संत सिंह चटवाल को पद्मभूषण से सम्मानित किए जाने पर प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में आई खबरों के मद्देनज़र स्पष्टीकरण जारी किया है.
सरकार की ओर से आज यहां जारी बयान में कहा गया है कि "चटवाल अमरीका में भारत के हितों के लिए निरंतर प्रयासरत रहे हैं। वह स्वास्थ्य, जलवायुपरिवर्तन तथा दुनियाभर में वंचितों के आर्थिक सशक्तीकरण में जुटे विलियम जे. क्लिंटन फाउंडेशन के न्यासी हैं। वह अमरीकी भारत फाउंडेशन के भी संस्थापक न्यासी हैं तथा वह सुनामी पीड़ितों एवं एड्स रोगियों को सहायता पहुंचाने के लिए कई बार भारत आ चुके हैं। वह भारतीय अमरीकी समुदाय के प्रमुख नेता हैं तथा अमरीकी संसद कांग्रेस के सदस्यों के बीच परमाणु करार के पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे अप्रवासी भारतीयों में एक सक्रिय सदस्य थे। उन्हें 2005 में राजीव गांधी पुरस्कार मिल चुका है। जहां तक चटवाल के खिलाफ आरोपों का सवाल है तो यह स्पष्ट किया जाता है कि 1992-94 के बीच सीबीआई ने बैंक आफ बड़ौदा और बैंक आफ इंडिया के साथ धोखाधड़ी करने के इरादे से मिलीभगत करने के लिए उनके और बैंक के कुछ अधिकारियों के खिलाफ पांच मामले दर्ज किए थे। सीबीआई ने खुद ही तीन मामले बंद कर दिए और जिन शेष दो मामलों में उसने मुम्बई में सीबीआई की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किए, उन दोनों में वह अदालत से बरी हो गए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार श्री चटवाल के खिलाफ कोई भी मामला लम्बित नहीं है। संबंधित दिशा-निर्देशों पर पर्याप्त विचार-विमर्श एवं स्थापित परम्परा एवं प्रक्रिया के अनुसार ही पद्म पुरस्कार दिए जाते हैं। कोई भी पुरस्कार घोषित किए जाने से पहले उपयुक्त एजेंसियों के साथ पर्याप्त विचार-विमर्श किया जाता है तथा पुरस्कार समिति की सिफारिशों के बाद ही ये पुरस्कार दिए जाते हैं।"
गौरतलब है कि पद्म पुरस्कारों की घोषणा के साथ ही इसे लेकर विवाद भी शुरू हो गया था और न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के होटल व्यवसायी संत सिंह चटवाल को पद्म पुरस्कार दिए जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने नाराजगी जताई थी. भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को लिखे एक खत में चटवाल पर बैंक ऑफ इंडिया से लोन लेकर न चुकाने का आरोप का ज़िक्र किया था. साथ ही कहा था कि इस सिलसिले में सीबीआई में मामला भी चल रहा है.
चांदनी
नई दिल्ली. केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामले मंत्री सलमान खुर्शीद ने आज यहां अल्पसंख्यक महिला नेतृत्व विकास योजना का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को सरकार तथा विभिन्न स्तरों के सरकारी अधिकारियों, बैंकों आदि से संवाद करने के लिए उन्हें आवश्यक जानकारियां तथा तौर-तरीके बताना एवं उनमें विश्वास जगाना है। इस प्रकार उनका सशक्तीकरण किया जाएगा। इस काम में गैर-सरकारी संगठनों संस्थानों की मदद ली जाएगी जो सरकार से वित्तीय मदद पाकर अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए प्रशिक्षण का कार्यक्रम चलाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान इन महिलाओं की अपनी स्थिति में सुधार के लिए उनमें नेतृत्व कौशल विकसित किया जाएगा तथा उन्हें उनके हक तथा विकास लाभों में उनके हिस्से के बारे में बताया जाएगा।
उड़घाटन के अवसर पर योजना आयोग के सदस्य सैयदा हामिद तथा अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय के सचिव विवेक मेहरोत्रा भी उपस्थित थे। मंत्रालय इच्छुक संगठनों से आशय-पत्र के लिए आवेदन आमंत्रित करेगा।
स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा विचाराधीन कैदियों के लिए शुरू किए गए राष्ट्रीय न्याय एवं कानूनी सुधार मिशन के तहत आज यहां अपर मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने पटियाला हाउस अदालत के विशेष सत्र की अध्यक्षता की। अदातल ने 46 विचाराधानी कैदियों के मामालों की सुनवाई की और 42 को रिहा करने के आदेश दिए।
इस अवसर पर अदालत में केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री डॉ. एम. वीरप्पा मोइली, दिल्ली विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति मदन लोकुर, न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति इंदरमीत कौर भी उपस्थित थीं और उन्होंने एक घंटे तक अदालत की कार्यवाही देखी।
भविष्य में भी, प्राधिकरण द्वारा दिल्ली के सभी जिला अदालतों में इस प्रकार विशेष सत्र बुलाये जाएंगे। डॉ. मोइली ने दिल्ली उच्च न्यायालय तथा प्राधिकरण द्वारा इस दिशा में तुरंत कदम उठाए जाने पर खुशी ज़ाहिर की.
आज का दिन
26 रबी अल-अव्वल, हिजरी सन् 1431, 11 मार्च, 2010 गुरुवार, तिथि संवत : चैत्र कृष्ण एकादशी, संवत् 2066, शाके 1931, रवि उत्तरायने, वसंत ऋतु. पापमोचनी एकादशी. सूर्योदय कालीन नक्षत्र : उत्तराषाढ़ा सायं 7.21 तक, पश्चात श्रवण नक्षत्र, परिघ योग तथा बालवकरण. ग्रह विचार : सूर्य-बुध, गुरु-कुंभ, शुक्र-मीन, केतु-मिथुन, मंगल-कर्क, शनि-कन्या, राहु-धनु तथा चंद्रमा-मकर राशि में. चौघड़िया मुहूर्त : प्रात: 6.39 से 8.09 तक शुभ, प्रात: 11.07 से 12.37 तक चंचल, दोपहर 12.37 से 2.06 तक लाभ, सायं 5.05 से 6.34 तक शुभ, सायं 6.34 से 8.05 तक अमृत, रात्रि 8.05 से 9.35 तक चंचल. राहुकाल : दोपहर 2.06 से 3.35 तक. शुभ अंक 8, शुभ रंग नीला


































