स्टार न्यूज़ एजेंसी
नई दिल्ली. बीटी कपास के तहत क्षेत्र 2002-03 में 29,000 हैक्टेयर से बढ़कर 2009-10 में 80,000 हैक्टेयर (अनुमानित) हो गया है। बीटी कपास की औसत उपज भी 2001-02 में 300 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर से बढ़कर 2007-08 में 560 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर हो गई है। बीटी कपास की खेती से उपज में 31 प्रतिशत वृध्दि हुई है, कीटनाशकों के प्रयोग में 39 प्रतिशत की कटौती हुई है तथा किसानों की लाभप्रदता में 80 प्रतिशत से अधिक की वृध्दि हुई है।

कृषि मंत्रालय तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में राज्य मंत्री प्रो. के.वी. थामस ने आज लोकसभा में में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर राज्य स्तर पर 9 प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों के राज्य कृषि विश्वविद्यालयों से सहयोग करते हुए विस्तृत अध्ययन कराता रहा है। अब तक एकत्रित की गई जानकारी से पता चलता है कि बीटी कपास के प्रयोग से इन कपास उत्पादक राज्यों में उपज में वृध्दि हुई है। समूचे देश में कपास में बॉलवार्य की समस्या में महत्त्वपूर्ण कमी आई है तथा कपास में प्रयोग में लाये जाने वाले कीटनाशकों के मंडी अंश में कटौती हुई है।

एक नज़र

कैमरे की नज़र से...

Loading...

ई-अख़बार

Like On Facebook

Blog

एक झलक

Search

Subscribe via email

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

इसमें शामिल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं